हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पहलवान अमन सहरावत ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी उपलब्धियां युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी पहचान बनाने वाले अमन सहरावत की सफलता से क्षेत्र के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार रविवार को जिला के गांव बिरोहड़ में अंतरराष्ट्रीय पहलवान अमन सहरावत के सम्मान में आयोजित स्वागत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने अमन सहरावत को गदा भेंट कर सम्मानित किया और उनकी खेल उपलब्धियों की सराहना की। समारोह में बाढ़डा के विधायक उमेद सिंह पातूवास और पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ भी विशेष रूप से मौजूद रहे। कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि हरियाणा वीरों और खिलाड़ियों की धरती है। देश की सीमाओं पर जहां प्रदेश के जवान राष्ट्र की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहे हैं, वहीं खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों में हरियाणा के 41 खिलाड़ियों ने पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। अमन सहरावत जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी उपलब्धियों से यह साबित करते हैं कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और निरंतर मेहनत के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता से न केवल गांव बिरोहड़, बल्कि जिला झज्जर और पूरे हरियाणा का गौरव बढ़ा है। 2028 ओलंपिक में भी देश का मान बढ़ाने का आह्वान प्रदेश के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने अमन सहरावत को आगामी 2028 ओलंपिक खेलों के लिए अभी से कड़ी मेहनत करने और निरंतर अभ्यास जारी रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि अमन अपनी प्रतिभा, लगन और समर्पण के बल पर भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन करेंगे और देश के लिए पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाएंगे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी बढ़-चढ़कर भाग लें। खेल न केवल शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम हैं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें उचित अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने की है। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा रखी गई मांगों को नियमुनसार पूरा करवाने का आश्वासन दिया।