हांसी। नगर परिषद हांसी के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को 30वें दिन भी जारी रही। मांगों को लेकर सरकार और कर्मचारियों के बीच चल रहे गतिरोध के बीच कर्मचारियों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए नगर परिषद परिसर में मुंडन करवाया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि केवल आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा। मांगों पर लिखित आदेश जारी होने के बाद ही हड़ताल समाप्त की जाएगी। मुंडन करवाने वालों में सफाई कर्मचारी जगदीश, सुखदेव और फायरमैन सुभाष शामिल रहे। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से कच्चे कर्मचारी के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर पिछले एक महीने से हड़ताल पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि आंदोलन के बावजूद सरकार की ओर से अभी तक ठोस लिखित आदेश जारी नहीं किए गए हैं। सर्व कर्मचारी संघ ऑडिटर अशोक यादव ने कहा कि सरकार की ओर से कर्मचारियों की 12 मांगें माने जाने की बात कही जा रही है, लेकिन कर्मचारियों को मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित आदेश चाहिए। उन्होंने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने सहित अन्य मांगों पर सरकार यदि लिखित आदेश जारी कर देती है तो कर्मचारी महज एक घंटे के भीतर हड़ताल खत्म कर शहर की सफाई व्यवस्था संभाल लेंगे। सर्व कर्मचारी संघ ऑडिटर अशोक यादव ने आरोप लगाया कि हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों और आंदोलन का समर्थन करने वाले अन्य कर्मचारियों को सरकारी नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नोटिस जारी कर कर्मचारियों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे किसी दबाव में पीछे नहीं हटेंगे और मांगें पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने मंत्री विपुल गोयल, मंत्री कृष्ण बेदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के फोटो हाथों में लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नगर परिषद परिसर में बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे और सरकार से यूनियन प्रतिनिधियों के साथ तत्काल बातचीत कर समस्या का समाधान करने की मांग की। सर्व कर्मचारी संघ ऑडिटर अशोक यादव ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कर्मचारियों ने कहा कि बारिश होने की स्थिति में जमा कूड़ा सड़ने से दुर्गंध और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। वही सर्व कर्मचारी संघ ऑडिटर अशोक यादव ने कहा कि ये भी नहीं चाहते कि हड़ताल के कारण शहरवासियों को परेशानी हो, लेकिन अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। सफाई कर्मचारियों ने सरकार से अपील की कि वह हठ छोड़कर यूनियन प्रतिनिधियों से तत्काल बातचीत करे और सभी मांगों पर लिखित निर्णय जारी करे। कर्मचारियों ने दो टूक कहा कि लिखित आदेश मिलते ही एक घंटे में हड़ताल खत्म कर देंगे, लेकिन केवल आश्वासन पर आंदोलन वापस नहीं होगा।