हांसी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शहर के मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से जगमगा रहे हैं। श्रद्धालुओं में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर खासा उत्साह है और अब सभी को बस उस शुभ घड़ी यानी रात्रि 12 बजे का इंतजार है। आपको बता दे कि हांसी के करीब 130 साल पुराने ऐतिहासिक राधा-कृष्ण मंदिर में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है। खास बात यह है कि इस मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के साथ-साथ उनकी छठी का पर्व भी विशेष रूप से मनाया जाता है। इतना ही नहीं, जन्माष्टमी से लेकर राधा अष्टमी तक मंदिर में धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहता है। वेद प्रकाश गोयल श्रद्धालु ने बताया कि हांसी के इस ऐतिहासिक राधा-कृष्ण मंदिर की अपनी अलग धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान है। करीब 130 साल पुराने इस मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण और राधा की अष्टधातु की प्रतिमाएं विराजमान हैं, जिन्हें श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर को फूलों, रंग-बिरंगी लाइटों और आकर्षक सजावट से सजाया गया है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जैसे-जैसे रात का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे मंदिर में श्रद्धालुओं की चहल-पहल भी बढ़ रही है। भक्त भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की उस पावन घड़ी का इंतजार कर रहे हैं, जब रात 12 बजे मंदिर में जयकारों के बीच कान्हा का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। भीम शर्मा श्रद्धालु ने बताया कि मंदिर की खास परंपराओं में भगवान श्रीकृष्ण की छठी का आयोजन भी शामिल है। जन्माष्टमी के बाद राधा अष्टमी तक मंदिर में धार्मिक आयोजनों का दौर चलता है। पंडित अनु शास्त्री मुख्य पुजारी के मुताबिक यहां वर्षों से जन्माष्टमी का पर्व धार्मिक परंपराओं और श्रद्धा के साथ मनाया जाता रहा है। इस बार भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। कुल मिलाकर, करीब 130 साल पुराने इस ऐतिहासिक राधा-कृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां पूरी हैं। मंदिर सजकर तैयार है, श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं और अब सभी की नजरें उस शुभ घड़ी पर टिकी हैं, जब रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ पूरा मंदिर नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठेगा।