हिसार में पेयजल की किल्लत ने आमजन को परेशान कर रखा है। अमर उजाला की पड़ताल से साफ हो गया है कि नहरों में गंदा पानी बहने और खेतों से निकासी में देरी के कारण जलघर खाली हो चुके हैं। जनस्वास्थ्य विभाग और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रमुख जलघरों में महज 2-4 फीट पानी बचा है, जो 2-3 दिनों की ही जरूरत पूरी कर सकता है। नहरों को साफ करने में 15-20 दिन लग सकते हैं, क्योंकि जिले के करीब 20 हजार एकड़ में अब भी बारिश का पानी जमा है। खेतों से निकाला जा रहा यह पानी सड़कर गंदा हो चुका है, इसलिए पेयजल के लिए अयोग्य। पिछले एक महीने से खेतों का गंदा पानी नहरों में डाला जा रहा है। सिंचाई विभाग ने 3 दिन रोकने की कोशिश की, लेकिन असफल रही। निकासी में देरी: 20 हजार एकड़ में बाढ़ का पानी निकालने में 15-20 दिन लगेंगे। इसके बाद ही साफ पानी आएगा। सभी प्रमुख जलघरों में स्टोरेज क्षमता का महज 20-30% ही पानी बचा। बोरवेल का पानी मिलाकर आपूर्ति हो रही, लेकिन क्वालिटी प्रभावित।