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हांसी: एशियन गेम्स के कांस्य विजेता नरेंद्र बेरवाल का जोरदार स्वागत

हांसी। एशियन गेम्स-2026 में देश के लिए लगातार दूसरा कांस्य पदक जीतकर हांसी के गांव सोरखी के अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल स्वदेश लौटे तो क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। मुंढाल पहुंचने पर हांसी के विधायक विनोद भयाना ने नरेंद्र बेरवाल का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान बाइक और ट्रैक्टरों के साथ उनका स्वागत करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। नरेंद्र बेरवाल ने एशियन गेम्स में पुरुषों के 90 किलोग्राम से अधिक भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। सेमीफाइनल मुकाबले में उनका सामना कजाकिस्तान के मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन आइबेक ओरलबे से हुआ। कड़े मुकाबले में नरेंद्र को 5-0 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि सेमीफाइनल में हार के बावजूद उन्होंने भारत के लिए कांस्य पदक पक्का कर लिया। खास बात यह है कि एशियन गेम्स में नरेंद्र बेरवाल का यह लगातार दूसरा कांस्य पदक है। इससे पहले हांगझोऊ एशियन गेम्स में भी उन्होंने कांस्य पदक जीतकर देश और हांसी क्षेत्र का नाम रोशन किया था। नरेंद्र भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर भी सेवाएं दे रहे हैं। विधायक विनोद भयाना ने नरेंद्र बेरवाल को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता पूरे हांसी क्षेत्र और गांव सोरखी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र ने अपनी मेहनत, अनुशासन, लगन और प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। विधायक ने नरेंद्र के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। नरेंद्र बेरवाल ने अपनी सफलता का श्रेय 16 वर्षों की कठिन मेहनत और अनुशासन को दिया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। शुरुआती दिनों में बॉक्सिंग अभ्यास के दौरान कई बार उन्हें खुद खाना बनाना पड़ता था। अधिक थकान होने पर कई बार केवल जूस या बादाम शेक पीकर ही सोना पड़ता था। वर्ष 2009 में दूध, दही और हलवा जैसे पौष्टिक भोजन के साथ उन्होंने बॉक्सिंग की शुरुआत की। मैट्रिक के बाद उनका पूरा ध्यान बॉक्सिंग पर हो गया और उन्होंने भिवानी बॉक्सिंग अकादमी में कोच देवराज के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। नरेंद्र ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि खिलाड़ी को मेहनत, अनुशासन, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार पर ध्यान देना चाहिए और अपने कोच की सलाह का ईमानदारी से पालन करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील भी की। नरेंद्र बेरवाल ने सरकार से ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं को और मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गांवों में अगर खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए तो ग्रामीण क्षेत्र से और भी प्रतिभाएं निकल सकती हैं और देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत सकती हैं। लगातार दो एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीत चुके नरेंद्र बेरवाल की नजर अब आने वाली बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर है। उनका लक्ष्य कांस्य पदक से आगे बढ़कर देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।

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