नगर परिषद की ओर से वार्ड समितियों की बैठकें आयोजित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में वीरवार को बैठक बुलाई गई, लेकिन बैठक में पार्षद तो पहुंचे, जबकि वार्ड समिति के अन्य सदस्य नदारद रहे। ऐसे में बैठक के आयोजन और वार्ड समिति की सक्रियता को लेकर सवाल खड़े हो गए। नगर परिषद की ओर से जारी पत्र के अनुसार समिति के सभी पदाधिकारी और सदस्यों को शामिल होना था । बैठक का उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों का सत्यापन करने के साथ वार्ड की सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों पर चर्चा करना था। बैठक के एजेंडे में आय सत्यापन के दौरान आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाना, बुढ़ापा पेंशन के लाभार्थियों का वेरिफिकेशन और लाडली लक्ष्मी योजना के लाभार्थियों का सत्यापन शामिल था। इसके अलावा वार्ड की सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाना था। नगर परिषद ने वार्ड-1 से 15 तक परिवार पहचान पत्र से संबंधित वेरिफिकेशन का कार्य वार्ड समितियों के माध्यम से करवाने की योजना बनाई है। इसके लिए वार्डों में सदस्य सचिव भी नियुक्त किए गए हैं। अधिकारियों की ओर से समिति के सदस्यों से बैठक में पहुंचकर योजनाओं के सत्यापन और विकास कार्यों में सहयोग करने की अपील की गई थी। बैठक में सदस्यों की गैरमौजूदगी के कारण बैठक के एजेंडे पर कितनी चर्चा हो सकी, यह शाम तक स्पष्ट हो पाएगा।