जिले में बारिश ने धान उत्पादक किसानों की मेहनत पर पानी फेरने की आशंका बढ़ा दी है। जाखल में सर्वाधिक 36 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण खेतों में धान की फसल बिछ गई, वहीं मंडी में जलभराव होने से खुले में रखी उपज की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। खेतों और मंडी, दोनों जगह नुकसान की आशंका धान की कटाई और खरीद के बीच हुई बारिश ने किसानों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। खेतों में खड़ी और कटाई के लिए तैयार फसल के बिछने से कटाई प्रभावित होने की आशंका है। वहीं मंडी में खुले में पड़ा धान भीगने से उसमें नमी बढ़ सकती है। इससे उपज को सुखाने और खरीद के दौरान गुणवत्ता बनाए रखने में परेशानी हो सकती है।