प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण में जीबीयू में चल रहे मिशन शक्तिसैट कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए छात्राओं की वैज्ञानिक उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत की बेटियों की शक्ति की उड़ान अब धरती तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष तक पहुंच रही है। मिशन शक्तिसैट के माध्यम से 108 देशों की करीब 12 हजार छात्राओं को सैटेलाइट तकनीक और नवाचार सीखने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा मुझे विश्वास है कि इनमें से अनेक छात्राएं आने वाले समय में साइंस,टेक्नोलॉजी और इनोवेशन क्षेत्र में अपनी पहचान बनाएगी। पूरी तरह छात्रों की भागीदारी तैयार एक सैटेलाइट को मून की ओर वीडियो में भेजने की तैयारी है। वहीं जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि मिशन शक्तिसैट विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है। दुनिया के विभिन्न देशों की छात्राओं का एक मंच पर आकर विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में काम करना वैश्विक सहयोग की मिसाल है। इससे छात्राओं में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और नेतृत्व क्षमता विकसित होगी। कुलसचिव प्रो. चंदर कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ने के लिए हरसंभव सहयोग कर रहा है। मिशन के माध्यम से छात्राओं को कक्षा में पढ़ाई के साथ वास्तविक सैटेलाइट निर्माण की प्रक्रिया समझने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जीबीयू के लिए ये बड़ा मंच था। देश की छात्राओं के लिए जीबीयू हमेशा खड़ा रहेगा।