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गुरुग्राम: माता शीतला का मंदिर बनेगा धार्मिक पर्यटन का केंद्र, चैत्र मेले में गर्भ गृह में विराजेंगी मां

चैत्र मेले और वासंती नवरात्रि पर गुरुग्राम की ऐतिहासिक माता शीतला नए मंदिर के गर्भ गृह में विराजेंगी। मंदिर निर्माण के कार्य में पिछले दिनों काफी तेजी लाई गई। मंदिर के सरोवर और बाहरी ढांचे को बाहर के देखा जा सकता है। श्रद्धालुओं को इस मंदिर के निर्माण के लिए करीब 10 सालों का इंतजार करना पड़ा है। माता शीतला पिछले 10 सालों से गर्भ गृह के बजाए सत्संग हॉल में विराजमान है। मंदिर का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा नए मंदिर के निर्माण के कारण बंद है। हर साल चैत्र और आषाढ़ मेले में श्रद्धालुओं को इस कारण काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा है। मंदिर निर्माण में देरी की एक वजह कोरोना काल और दूसरी वजह मंदिर के ढांचे में परिवर्तन रहा, बीच में मंदिर के नक्शे में परिवर्तन किए गए। अब जो मंदिर तैयार हो रहा है, उसके आर्किटेक्ट विश्व के सबसे ऊंचे मंदिर वृंदावन चंद्रोदय मंदिर समेत दुनिया कई प्रमुख मंदिरों के आर्किटेक्ट रिंपेश शर्मा हैं। पिछले दिनों हरियाणा सरकार ने जिन धार्मिक पर्यटन स्थलों की विशेष देखभाल की घोषणा की है, उसमें गुरुग्राम का शीतला माता मंदिर शामिल है। करीब 7 एकड़ केे मंदिर परिसर में 2.5 लाख स्क्वायर फुट में मंदिर होगा। इसमें सत्संग हॉल, मेडिटेशन हॉल, पत्थरों के घाट से बना ब्रह्म सरोवर, मुंडन हॉल का अलग हिस्सा बन रहा है। करीब 100 करोड़ की लागत से बन रहा माता शीतला के मंदिर में दूसरे तल पर गर्भ गृह होगा जहां पार्किंग ग्राउंड से मंदिर तक बने प्लेटफॉर्म से आकर सीधे श्रद्धालु मंदिर में माता के दर्शन के लिए पहुंच जाएंगे। उत्तर भारतीय मंदिरों के वास्तु के अनुसार नागर शैली में लाल पत्थरों से मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। इसमें माता शीतला का गर्भ गृह दूसरी मंजिल पर होगा। इसके अलावा नवदुर्गा मंदिर यहां होगा, जिसमें माता के नौ रूपों का दर्शन कराएंगे।

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