देहरादून रिस्पना किनारे सटे वार्ड-28 और 29 ने शहर के भीतर आपदा की सबसे ज्यादा मार झेली। मोहनी रोड पर बना पुल इस मार का सबसे बड़ा कारण रहा। नदी की सतह और पुल के बीच मात्र डेढ़ से दो मीटर ही जगह है। इससे पानी नहीं निकल पाया और ओवरफ्लो होकर बस्ती में घुस गया और भारी नुकसान हुआ। डालनवाला में रिस्पना पर बने इस पुल का निर्माण 1976 में कराया गया था। धीरे-धीरे नदी में सिल्ट जमा होती गई। इससे पुल और नदी की सतह के बीच जगह कम हो गई। लोगों ने बताया कि जब बाढ़ आई तो पानी मोहनी रोड पुल के ऊपर से बह रहा था। धीरे-धीरे जाली में कूड़ा फंस गया और पानी घरों में घुस गया। हर साल रिस्पना में बाढ़ आती है और घरों में पानी घुस जाता है। संवाद