जानिए स्मार्टफोन पर पॉप-अप आपकी लोकेशन क्यों जानना चाहते हैं?

स्मार्टफोन हो, टैबलेट या लैपटॉप हो, आजकल ऐसी कई वेबसाइट हैं जहां जाने पर आपकी स्क्रीन पर एक पॉप-अप दिखाई देता है। इसमें आपके लोकेशन की जानकारी मांगी जाती है।
आपके पास उसे मना करने का विकल्प होता है। लेकिन यहां ये ध्यान रखना होगा कि जब भी आप उस वेबसाइट पर जाएंगे ये मनाही हर बार करनी पड़ेगी।
होता क्या है कि आपने एक बार वेबसाइट पर जाकर वो पेज बंद कर दिया और यदि तुरंत फिर से उस वेबसाइट पर जाएंगे तो वो सवाल आपकी स्क्रीन पर दोबारा आ जाएगा।
ज़ाहिर है, ये किसी को पसंद नहीं आएगा। लेकिन ख़ास कर खबरों वाली वेबसाइट के लिए ये जानकारी बहुत अहम होती है। टाइम्स ऑफ इंडिया, एनडीटीवी, इंडिया टुडे जैसी वेबसाइट पर ये आम बात है।
वेबसाइट ऐसा किस लिए करती हैं?

वेबसाइट ऐसा इसलिए करती है ताकि आपसे वो जानकारी लेने के बाद वो आपको उस इलाके से जुड़े विज्ञापन दिखा सके। आपके लोकेशन के बारे में पता लगाकर वो अपने पाठकों के बारे में काफी कुछ जान सकती है। हो सकता है आप जिस इलाके में हैं वो उस इलाके से जुड़ी खबर दिखाए।
जो देश के अंदर अलग अलग शहरों में यात्रा करते हैं, ऐसे ग्राहकों के बारे में जानने से उन्हें खबर परोसने में थोड़ी आसानी हो जायेगी।
ऐसे लोकेशन ट्रैक करने वाले सॉफ्टवेयर की मदद से वेबसाइट, आप जहां भी है उसके काफी करीब तक, आपकी लोकेशन का पता लगा सकती है। ये तकनीक कुछ सालों से बाजार में है और कई वेबसाइट इसका खुल कर इस्तेमाल कर रही हैं। तो कुछ चुपचाप आपके बारे में जानकारी इकठ्ठा करती है।
पहले वेबसाइट को किसी के इंटरनेट कनेक्शन के आईपी एड्रेस से लोकेशन के बारे में जानकारी मिल जाती थी।
लेकिन अब कई लोग स्मार्टफोन या टैबलेट पर इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं। इसलिए अगर उनके बारे में सटीक जानकारी होगी तो विज्ञापन उसी अनुसार दिखाया जा सकता है।
100 मीटर से भी कम दूरी को जानना जा सकता है

जानकारों का कहना है कि अब किसी के लोकेशन को 100 मीटर से भी कम दूरी तक बताया जा सकता है।
उबर, ओला जैसी सर्विस वाले वेबसाइट आपके बारे में जानकारी होने के बाद ही कोई भी सर्विस का इस्तेमाल करने देते हैं।
इसके लिए आपको पहले लोकेशन की जानकारी शेयर करने की इजाज़त देनी पड़ती है। कई ई-कॉमर्स वेबसाइट, टीवी या अखबारों के वेबसाइट भी इजाज़त मांग कर किसी के लोकेशन के बारे में जानने की कोशिश करते हैं।
जहां तक संभव हो, अगर ऐसी जानकारी देना ज़रूरी नहीं है तो उसके लिए इजाज़त कभी नहीं देनी चाहिए।