शिकायत का झंझट खत्म: अब फ्रॉड कॉल पर होगी AI की पैनी नजर, TRAI का नया सिस्टम करेगा स्पैम की छुट्टी

जागृति
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति
Wed, 11 Feb 2026 07:58 PM IST
सार

TRAI Spam Call Rules 2026:

ट्राई स्पैम कॉल्स और मैसेजेस पर बड़ी सख्ती की तैयारी में है। नए प्रस्ताव के तहत, अगर टेलीकॉम कंपनियों का एआई किसी नंबर को 10 लगातार दिनों तक संभावित स्पैम फ्लैग करता है, तो बिना यूजर शिकायत के ही नंबर डिस्कनेक्ट किया जा सकता है। जानें कैसे?

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TRAI AI spam call rule SIM will be disconnected without complaint
टेलीकॉम रेगुलेटर ऑफ इंडिया - फोटो : trai.gov.in

    विस्तार

    टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई अब स्पैम और स्कैम कॉल्स के खिलाफ खुद कार्रवाई करेगी। अभी तक किसी नंबर पर कार्रवाई के लिए आपकी शिकायत का इंतजार किया जाता था, लेकिन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) खुद ये फैसला लेगा। अगर एआई ने किसी नंबर को संदिग्ध पाया, तो बिना किसी फॉर्मल कंप्लेंट के ही एआई उस नंबर को ब्लॉक कर देगा।

    कैसे होगी कार्रवाई?

    ट्राई के नए प्रस्ताव के अनुसार, अब कार्रवाई का आधार शिकायत नहीं बल्कि AI एल्गोरिथ्म होगा।

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    लगातार निगरानी

    : अगर टेलीकॉम कंपनियों का एआई सॉल्यूशन किसी नंबर को लगातार 10 दिनों तक संभावित स्पैम के रूप में फ्लैग करता है, तो उस पर गाज गिर सकती है।

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    रीयल-टाइम एनालिसिस

    : AI ये देखता है कि एक नंबर से कितनी बार कॉल की जा रही है, कॉल की अवधि क्या है और उनका पैटर्न क्या है।

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    बदलाव की जरूरत क्यों?

    कंपनियां हर महीने 30-40 करोड़ कॉल्स को संदिग्ध मानती हैं, लेकिन शिकायतें सिर्फ कुछ हजारों में आती हैं। जिसे देखते हुए ट्राई ने फैसला लिया है कि एआई के जरिए खुद इस गैप को भरेगा।

    फीचरमौजूदा नियमनया प्रस्ताव (2026)
    कार्रवाई का आधार10 दिन में कम से कम 5 शिकायतेंलगातार 10 दिन तक AI फ्लैगिंग
    यूजर की भूमिकाशिकायत करना अनिवार्यबिना शिकायत भी ऑटो-एक्शन
    नतीजाजांच के बाद कार्रवाईनंबर का तत्काल डिस्कनेक्शन संभव

    क्या डिलीवरी बॉय और ड्राइवर्स पर पड़ेगा असर?

    इस सख्त नियम के साथ एक और भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं, कि डिलीवरी एजेंट्स, कैब ड्राइवर्स और फ्रीलांसर्स जैसे गिग वर्कर्स एक दिन में कई बार कॉल कर सकते हैं। ऐसे में एआई ने उनके कॉलिंग पैटर्न को स्मैप समझ लिया तो? लेकिन ट्राई ने इसका भी समाधान निकाल लिया है। इसके अनुसार फिलहाल ट्राई स्टेकहोल्डर्स से चर्चा कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जेनुइन यूजर्स के नंबर सुरक्षित रहें।

    हालांकि एयरटेल जैसे ऑपरेटर्स पहले ही बड़े स्तर पर एआई फिल्टर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिन्होंने अरबों स्पैम कॉल्स को फ्लैग किया है। अब ट्राई इसे कानूनी रूप से और सख्त बनाकर अनरजिस्टर्ड टेलीमार्केटर्स (10-डिजिट वाले नंबर) की छुट्टी करने की तैयारी में है।

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