Social Media: सोशल मीडिया से बिगड़ते मानसिक सेहत पर राज्यसभा में चिंता, आत्महत्या के मामलों पर हुई चर्चा
बुधवार को राज्यसभा में सोशल मीडिया के बढ़ते असर और किशोरों में मानसिक स्वास्थ्य संकट को लेकर गंभीर चिंता जताई गई। कांग्रेस सांसद जेबी माथर हिशाम ने हालिया आत्महत्या के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि युवा हकीकत और आभासी दुनिया के फर्क को समझ नहीं पा रहे हैं।

विस्तार
सांसद ने कहा कि शिक्षकों ने विशेष रूप से कोरियाई ऑनलाइन कंटेंट, पॉप कल्चर और गेम्स के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। उनके मुताबिक, बच्चे इन डिजिटल माध्यमों से इतना प्रभावित हो रहे हैं कि वे वास्तविक जीवन से दूर होते जा रहे हैं।
उन्होंने गाजियाबाद में तीन बहनों की कथित आत्महत्या का भी जिक्र किया और कहा कि इन घटनाओं का संबंध भी कोरियाई कंटेंट से जोड़ा गया था।
केरल से सांसद ने उठाए गंभीर सवाल
केरल से सांसद हिशाम ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि जिस उम्र में बच्चों को खेलना, सीखना और नए कौशल विकसित करना चाहिए, उसी उम्र में वे आत्महत्या जैसे कठोर कदम उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हालिया आंकड़े बताते हैं कि व्यवहार में बदलाव, साइबर बुलिंग और आत्महत्या की प्रवृत्ति जैसे मामले बढ़ रहे हैं। ये सभी समस्याएं उस डिजिटल माहौल से जुड़ी हैं जिसमें बच्चे आज जी रहे हैं।
शिक्षा में मानसिक स्वास्थ्य को जोड़ने की मांग
सांसद ने सरकार से इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि मानसिक स्वास्थ्य को शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाए, ताकि बच्चों को समय रहते मार्गदर्शन और काउंसलिंग मिल सके।
प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा भी उठा
इसी दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद अशोक कुमार मित्तल ने भी जीरो आवर में एक अन्य मुद्दा उठाया। उन्होंने सड़कों पर गड्ढों के कारण होने वाली मौतों और प्रशासन की देरी से कार्रवाई पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सार्वजनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए, ताकि प्रशासनिक लापरवाही पर अंकुश लगाया जा सके।
- Meta: फेसबुक ने रोलआउट किया कूल फीचर, अब आपकी प्रोफाइल फोटो करेगी नमस्ते, जानें कैसे करेगा काम
- एयरटेल की नई पहल: अब AI रोकेगा बैंक फ्रॉड, OTP शेयर करते ही मिलेगा 'रीयल-टाइम' अलर्ट
- India AI Summit 2026: सुंदर पिचाई से लेकर सैम ऑल्टमैन तक... समिट में हिस्सा लेने देश आ रहे ग्लोबल टेक लीडर्स
- देश में 40 करोड़ से ज्यादा गेमर्स: 8 करोड़ हैं ऑनलाइन गेमिंग की लत के शिकार, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा