चोरी के फोन रिकवर करने में तेलंगाना नंबर-1: स्मार्ट तकनीक से 1.24 लाख लोगों को वापस मिला उनका मोबाइल
Telangana Police Mobile Recovery:
जहां एक तरफ हम मोबाइल खोने के बाद उसके मिलने की उम्मीद छोड़ देते हैं वहीं तेलंगाना ने मोबाइल रिकवरी के मामले में इतिहास रच दिया है। तेलंगाना मोबाइल रिकवरी के मामले में देश का नंबर-1 राज्य बन गया है, जहां पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से अब तक 1.24 लाख से ज्यादा खोए या चोरी हुए फोन उनके मालिकों को वापस लौटाए हैं। क्या है ये तकनीक और कैसे राज्य ने ये करिश्मा किया आइए जानते हैं....

विस्तार
स्मार्टफोन चोरी होना या गुम हो जाना किसी के लिए भी एक बड़ी परेशानी की वजह होती है। लेकिन अगर आप तेलंगाना में हैं तो आपके फोन के वापस मिलने की उम्मीद सबसे ज्यादा है। हाल ही के आंकड़ों के अनुसार, चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन को ढूंढने के मामले में तेलंगाना पूरे देश में अव्वल राज्य बन गया है।
राज्य पुलिस ने अब तक कुल 1,24,850 मोबाइल फोन ढूंढकर उनके असली मालिकों को लौटा दिए हैं। ये सफलता तेलंगाना पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से हासिल की। आइए जानते हैं तेलंगाना पुलिस ने ये मुकाम कैसे हासिल किया?
क्या है CEIR सिस्टम?
CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) को भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) के जरिए तैयार किया गया है। इसका मुख्य काम मोबाइल चोरी की घटनाओं को रोकना और नकली मोबाइल डिवाइस के इस्तेमाल पर लगाम लगाना है। इस पोर्टल की मदद से आप अपने चोरी हुए फोन को ब्लॉक कर सकते हैं, जिससे चोर उस फोन का इस्तेमाल नहीं कर पाता है।
तेलंगाना में इसे 19 अप्रैल 2023 को लॉन्च किया गया था। इससे पहले 2022 में कुछ राज्यों में इसकी टेस्टिंग भी हुई थी। फिलहाल यह सिस्टम राज्य के सभी 780 पुलिस स्टेशनों में पूरी तरह से काम कर रहा है।
आम जनता को पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं
इस टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि CEIR पोर्टल को अब तेलंगाना पुलिस के 'सिटिजन पोर्टल' से जोड़ दिया गया है। इसका मतलब है कि अगर किसी का फोन चोरी हो जाता है तो उसे रिपोर्ट लिखवाने के लिए पुलिस स्टेशन या 'मी-सेवा' सेंटर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। यूजर घर बैठे ऑनलाइन ही अपने चोरी हुए या खोए हुए फोन की रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं।
CEIR पोर्टल का शानदार इस्तेमाल
अपराध जांच विभाग (CID) की डीजी (DG) चारू सिन्हा के मुताबिक, इस बड़ी सफलता के पीछे CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का सबसे बड़ा हाथ है। इस पोर्टल को भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने मोबाइल चोरी रोकने और नकली फोन पर लगाम लगाने के लिए बनाया है। तेलंगाना में CID इसे एक नोडल एजेंसी के तौर पर संभाल रही है और राज्य के सभी 780 पुलिस स्टेशनों में इस सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है।
आंकड़ों पर एक नजर (20 अप्रैल 2023 से 26 अप्रैल 2026 तक)
20 अप्रैल 2023 से लेकर 26 अप्रैल 2026 के बीच के आंकड़ों को देखें तो तेलंगाना पुलिस की यह उपलब्धि किसी मिसाल से कम नहीं है। इस अवधि के दौरान, सुरक्षा और गोपनीयता को प्राथमिकता देते हुए 4.82 लाख से ज्यादा मोबाइल डिवाइसेज को ब्लॉक किया गया, ताकि चोरी के बाद उनका कोई भी गलत इस्तेमाल न किया जा सके।
इसके बाद, खोए हुए फोन की सटीक लोकेशन का पता लगाने के लिए 2.82 लाख से अधिक ट्रेसिंग रिपोर्ट जनरेट की गईं। तकनीक के इस सटीक तालमेल का ही नतीजा है कि पुलिस 1,24,850 फोन को सफलतापूर्वक ट्रैक करने में कामयाब रही। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स को बाद में अनब्लॉक कर उनके असली मालिकों को सुरक्षित सौंप दिया गया, जो मोबाइल रिकवरी के मामले में पूरे देश में एक नया कीर्तिमान है।
देर से शुरुआत, फिर भी सबसे आगे
दिलचस्प बात यह है कि तेलंगाना ने CEIR पोर्टल का इस्तेमाल कर्नाटक, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों के बाद शुरू किया था। इसके बावजूद, स्मार्ट वर्किंग और टेक्नोलॉजी के सही इस्तेमाल से राज्य ने पूरे देश में एक बेंचमार्क सेट कर दिया है।
मोबाइल रिकवरी में गुजरात का भी शानदार प्रदर्शन
गुजरात चोरी हुए मोबाइल वापस मिलने (रिकवरी) के मामले में पूरे देश में तीसरे नंबर पर आ गया है। गुजरात की इस उपलब्धि को आंकड़ों से बेहतर समझा जा सकता है, जहां राज्य का मोबाइल रिकवरी रेट 46.71% तक जा पहुंचा है, जो कि 32.6% के राष्ट्रीय औसत के मुकाबले कहीं ज्यादा है। इसी सक्रियता का परिणाम है कि पिछले महज एक वर्ष के भीतर गुजरात पुलिस ने 53,564 चोरी हुए स्मार्टफोन सफलतापूर्वक खोज निकाले हैं। वहीं अगर सुरक्षा की बात करें तो देशभर में अब तक कुल 50 लाख से ज्यादा संदिग्ध फोन ब्लॉक किए जा चुके हैं। इनमें से अकेले गुजरात में 1,83,985 फोन को ब्लॉक कर उनके गलत इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है।
मोबाइल रिकवरी में जिलों का शानदार प्रदर्शन
वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन पर नजर डालें तो CEIR सिस्टम के प्रभावी इस्तेमाल में अहमदाबाद सिटी पूरे राज्य में अव्वल रहा है। यहां पुलिस के पास कुल 25,500 फोन ब्लॉक करने की रिक्वेस्ट आई थीं। इनमें से आधुनिक तकनीक की मदद से 4,935 फोन सफलतापूर्वक बरामद कर लिए गए। इस सूची में डांग जिला दूसरे स्थान पर रहा, जिसने रिकवरी की दिशा में बेहतरीन सक्रियता दिखाई। वहीं, भावनगर जिले ने तीसरा स्थान हासिल किया है, जहां कुल 634 ब्लॉक रिक्वेस्ट में से 273 मोबाइल फोन खोज निकालने में सफलता मिली। इन जिलों का यह प्रदर्शन न केवल गुजरात पुलिस की तकनीकी क्षमता को दर्शाता है, बल्कि आम जनता के लिए खोए हुए फोन वापस पाने की एक बड़ी उम्मीद भी जगाता है।
कैसे मिली यह कामयाबी?
तेलंगाना पुलिस की इस बड़ी सफलता के पीछे सिर्फ एक पोर्टल ही नहीं, बल्कि तकनीक और बेहतर कार्यप्रणाली का एक मजबूत तालमेल है। इस पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए पुलिस अधिकारियों को विशेष ट्रेनिंग दी गई और एक समर्पित टेक्निकल टीम तैयार की गई, जो हर वक्त डिवाइस ट्रैकिंग पर नजर रखती है। प्रक्रिया को आम जनता के लिए आसान बनाने के उद्देश्य से CEIR सिस्टम को सीधे 'तेलंगाना पुलिस सिटीजन पोर्टल' से जोड़ दिया गया।
इससे लोग बिना पुलिस स्टेशन जाए घर बैठे ही ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा पा रहे हैं। इसके अलावा, राज्य के सभी पुलिस स्टेशनों के बीच बेहतर तालमेल और लगातार मॉनिटरिंग ने फोन ढूंढने की रफ्तार को कई गुना बढ़ा दिया, जिससे हजारों लोगों को उनके कीमती फोन वापस मिल सके।
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