Tech: एक्टिविटी ट्रैकिंग टूल को ऐसे चूना लगाते हैं टेक वर्कर्स, ये गजब का जुगाड़ देख चकरा जाएगा आपका सिर
Tech Employee Activity Tracking:
टेक कंपनियों में बढ़ती मॉनिटरिंग के बीच कर्मचारी अब एक्टिविटी ट्रैकिंग टूल्स को चकमा देने के नए-जुगाड़ अपनाने लगे हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे कई ट्रिक्स वायरल हो रहे हैं, जिनमें माउस को घड़ी पर रखकर एक्टिव दिखाने से लेकर टचपैड पर सिक्का रखने तक के तरीके शामिल हैं।

विस्तार
हाल ही में मल्टीनेशनल टेक कंपनी कॉग्निजेंट (Cognizant) के एक कदम से टेक इंडस्ट्री में खलबली मच गई है। कंपनी अब अपने टेक कर्मचारियों की एक्टिविटी पर नजर रखने लिए ProHance वर्क मैनेजमेंट टूल का इस्तेमाल करेगी। इस टूल से कंपनी को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि उसके कर्मचारी अपने कंप्यूटर सिस्टम पर काम के घंटों के दौरान क्या-क्या करते हैं।
इस फैसले के बाद टेक इंडस्ट्री से जुड़े कई कर्मचारियों ने कंपनी पर गैरजरूरी मॉनिटरिंग करने का आरोप लगाया। हालांकि, कंपनी का कहना है कि मॉनिटरिंग टूल के इस्तेमाल का मकसद कर्मचारियों की निजी जानकारियों को देखने का बिल्कुल भी नहीं है, बल्कि कंपनी केवल यह जानना चाहती है कि वर्क आवर के दौरान कर्मचारी कितने देर सिस्टम पर असल में मौजूद रहते हैं। लगभग सभी टेक कंपनियां कर्मचारियों की एक्टिविटी को ट्रैक करने के लिए सॉफ्टवेयर प्रोग्राम या टूल्स का इस्तेमाल करती हैं, ताकि वर्क आवर के दौरान एक्टिविटी को बढ़ाकर प्रोडक्टिविटी को सुधारा जा सके।
यह भी पढ़ें: सत्य नडेला ने AI को लेकर कर्मचारियों को चेताया, बोले- नए सिरे से नहीं सोचे तो...
जुगाड़ अपनाकर ट्रैकिंग टूल्स को धोखा दे रहे कर्मचारी
कोरोना महामारी के दौरान ज्यादातर टेक कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड पॉलिसी को अपनाया। महामारी खत्म होने के बाद कई कंपनियों ने ऑफिस खोलकर कर्मचारियों को बुलाना शुरू कर दिया, जबकि कुछ टेक कंपनियों ने अब तक वर्क फ्रॉम होम पॉलिसी को समाप्त नहीं किया है। ऐसी कंपनियों की शिकायत रहती है कि कर्मचारी घर से काम करने के दौरान असल में सिस्टम पर कम मौजूद रहते हैं, जिससे प्रोडक्टिविटी पर असर पड़ रहा है। कर्मचारी कुछ जुगाड़ अपनाकर आसानी से एक्टिविटी ट्रैकिंग टूल्स को चकमा दे देते हैं। हाल ही में कुछ ऐसे ट्रिक्स इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं।

इन ट्रिक्स से ट्रैकिंग टूल्स को देते हैं चकमा
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर काफी वायरल हो रही है, जिसमें दिखाया गया है कि एक कलाई घड़ी के ऊपर कंप्यूटर माउस रखा हुआ है। दरअसल, घड़ी के वाइब्रेशन से माउस भी हल्का वाइब्रेट होता है जिससे ट्रैकिंग टूल को लगता है कि कर्मचारी कंप्यूटर पर एक्टिव है और काम कर रहा है।
इस ट्रिक के अलावा, कई लोग लैपटॉप के टचपैड पर सिक्का (कॉइन) रख देते हैं, जो इंसान की ऊंगली के जैसे ही कंडक्टर का काम करता है। इस ट्रिक से भी टूल को भ्रम हो जाता है कि कर्मचारी असल में एक्टिव है। कुछ लोग एक्टिविटी दिखाने के लिए ब्राउजर एक्सटेंशन का इस्तेमाल करते हैं जो टैब्स को ऑटो रिफ्रेश या स्क्रॉल करता रहता है।
कुछ रिपोर्ट्स रिपोर्ट बताती हैं कि कर्मचारी मीटिंग के दौरान बैकग्राउंड वीडियो या दूसरी स्क्रीन पर ऑटो-प्ले वीडियो चलाते हैं, ताकि लगे कि वे उपस्थित हैं।
कंपनियां ले रहीं AI की मदद
हालांकि, मीटिंग प्लेटफॉर्म अब चैट, माइक्रोफोन एक्टिविटी और स्क्रीन फोकस से असली एंगेजमेंट ट्रैक करती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, AI-पावर्ड मॉनिटरिंग सिस्टम अब यूजर के वास्तविक व्यवहार के पैटर्न को पहचानने में सक्षम हैं। ऐसे में नकली गतिविधियों को छिपाना पहले से अधिक मुश्किल हो गया है।