Morris II: यह नया एआई टूल डाटा चोरी करने में है माहिर, एक्सपर्ट ने दी चेतावनी
अब सिक्योरिटी एक्सपर्ट ने एक नए एआई टूल Morris II को लेकर चेतावनी दी है। एक्सपर्ट का कहना है कि Morris II किसी भी अन्य एआई टूल के डाटा को आसानी से चोरी कर सकता है। यह एआई आपके सिस्टम में मैलवेयर भी फैला सकता है।

विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल आज हर जगह हो रहा है। एआई लोगों के काम को आसान कर रहे हैं। इनकी मदद से घंटों का काम मिनटों में हो रहा है, लेकिन धीरे-धीरे यह एआई जी का जंजाल बनते जा रहा है।
अब सिक्योरिटी एक्सपर्ट ने एक नए एआई टूल Morris II को लेकर चेतावनी दी है। एक्सपर्ट का कहना है कि Morris II किसी भी अन्य एआई टूल के डाटा को आसानी से चोरी कर सकता है। यह एआई आपके सिस्टम में मैलवेयर भी फैला सकता है। 1988 में इंटरनेट पर तबाही मचाने वाले पहले कृमि (वर्म) के नाम पर इस नए जनरेटिव एआई वर्म का नाम Morris II रखा गया है।
Morris II किसी भी जेनरेटिव एआई ई-मेल असिस्टेंट को प्रभावित कर सकता है। एआई सपोर्ट वाले ई-मेल से डाटा निकाल सकता है और सिक्योरिटी लेयर्स को खत्म कर सकता है यानी यदि आपके जीमेल के साथ टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन है तो यह उसे खत्म कर सकता है। Morris II इतना तेज है कि यह खुद के लिए खुद ही प्रॉम्प्ट तैयार कर लेता है।
कॉर्नेल टेक के बेन नैसी, इस्राइल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के स्टाव कोहेन और इंटुइट के रॉन बटन का कहना है कि एक टेक्स्ट प्रॉम्प्ट का इस्तेमाल करके ईमेल में मैलवेयर फैलाया जा सकता है। Morris II एआई टूल चैटजीपीटी और गूगल जेमीनी जैसे एआई टूल का डाटा आसानी से चोरी कर सकता है।
इमेज प्रॉम्प्ट के जरिए यह टूल किसी को संक्रमित फोटो भी अपने आप ही भेज सकता है। यह क्रेडिट कार्ड और सोशल मीडिया के डाटा को भी चोरी कर सकता है। इसे टूल को ओपनएआई के चैटजीपीटी और गूगल के जेमिनी दोनों पर टेस्ट किया गया है।
- Cyber Fraud: कस्टम अधिकारी बन ठगों ने रिटायर्ड MD को लगाया 4.8 करोड़ का चूना, जानें पूरा मामला
- पिछले महीने WhatsApp में आए हैं ये 4 फीचर्स
- चक्षु पोर्टल लॉन्च: सेक्सटॉर्शन, बैंक धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम, कॉल-मैसेज से हो रहे अपराध की दे सकेंगे जानकारी
- Antivirus: अपने स्मार्टफोन में जरूर रखें यह सरकारी एप, वायरस चाहकर भी कुछ नहीं कर पाएंगे