'कौन बनेगा करोड़पति' के नाम पर बना रहे थे लोगों को कंगाल, ऐसे बनाते थे शिकार

Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्लीHarendra Chaudhary
Sat, 07 Mar 2020 09:08 AM IST
सार
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kaun banega crorepati game fraud was operating by a Pakistani Gang
KBC Fraud - फोटो : Social Media

    विस्तार

    सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाले टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति के नाम पर भोले-भाले लोगों को ठगने का बड़ा गोरखधंधा भी चल रहा था। इसके जरिए ठग लोगों को करोड़पति बनाने की जगह कंगाल बनाने का काम कर रहा था। पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह के तीन लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है, जिनका मास्टरमाइंड पाकिस्तान में बैठकर साजिश को अंजाम दे रहा था।पुलिस के पास कैसे आई शिकायत

    दिल्ली के नजफगढ़ की एक महिला ने पुलिस से शिकायत की कि कौन बनेगा करोड़पति लॉटरी स्कीम के नाम पर उनसे लगभग 45 लाख रुपये ठग लिए गए हैं। महिला ने बताया कि उनके पास पाकिस्तान के एक नंबर से फोन आया था कि उनका नंबर कौन बनेगा करोड़पति लॉटरी के लिए चुन लिया गया है।

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    उन्होंने 25 लाख रुपये जीते हैं। पाकिस्तानी व्यक्ति ने उनसे ह्वाट्सअप कॉल के जरिए बातचीत की थी। पैसे क्लीयर कराने के नाम पर उनसे कुछ पैसे जीएसटी और अन्य टैक्स को चुकाने के लिए मांगे गए।

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    पाकिस्तानी बदमाशों ने महिला को कुछ भारतीय बैंक अकाउंट्स के नंबर दिए, जिनमें उन्हें पैसे जमा कराने के लिए कहा गया। महिला के पैसे जमा करवा देने के बाद उन्हें बताया गया कि उन्होंने अब 25 नहीं, बल्कि 45 लाख रुपये जीत लिए हैं और इसके लिए अतिरिक्त पैसे चाहिए।

    महिला ने ये पैसे भी विभिन्न खातों में जमा करवा दिये। इसके बाद बदमाशों ने उन्हें बताया कि अब वे 75 लाख रुपये जीत चुकी हैं। इसके लिए भी उन्होंने मांगी गई रकम जमा करवा दी। इसके बाद बार-बार के प्रयास के बाद भी उन नंबरों पर किसी से बात नहीं हो पाई, जिनसे फोन कर उन्हें लॉटरी जीतने की सूचना दी जाती रही थी।

    बदमाशों ने सभी कॉल व्हाट्सएप के जरिए की थीं। इनका विवरण पाना कठिन होता है। बैंकों की डिटेल भी मिलने में मुश्किल आ रही थी। लेकिन आखिरकार पुलिस ने गहरी छानबीन के बाद उन खातों का पता लगा लिया, जिनमें पैसों की लेनदेन की गई थी। इनके माध्यम से पुलिस बदमाशों तक पहुंच गई।

    दरअसल, बिहार के गोपाल गंज के रहने वाले तीन युवक इम्तियाज अली (20 वर्ष), इरफान अली (20 वर्ष) और संतोष कुमार (22 वर्ष) पिछले साल दिल्ली आए थे। उन्होंने अपने लिए यहां काम-धंधा तलाशने की कोशिश की। इस दौरान वे जामिया नगर और बाटला के विभिन्न इलाकों में रहे।यहां उनकी पहचान कुछ ऐसे लोगों से हुई जो पहले से ही पाकिस्तान से चल रही ठगी के जरिए 'कमाई' कर रहे थे।

    इन लोगों के संपर्क में आकर इन युवकों ने भी इसी अपराध में अपना भविष्य तलाशने की कोशिश की जो उन्हें जेल की कोठरी तक ले गई। पुलिस के मुताबिक ये लोग पाकिस्तानी गैंग के हैंडलर के लिए काम करते थे। ये लोग उनके लिए बैंक खाते जैसी चीजें उपलब्ध कराते थे। इसके बदले में इन्हें ठगी गई रकम का 25 फीसदी हिस्सा दिया जाता था

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