India-Pak Tension: अमेरिकी कंपनी भारत की जासूसी कर रही और ट्रंप सीजफायर करवा रहे, ये रिश्ता क्या कहलाता है?
मैक्सार के पोर्टल पर देखे गए आंकड़ों के अनुसार पहलगाम के साथ पुलवामा, अनंतनाग, पुंछ, राजौरी और बारामूला जैसे सैन्य रूप से संवेदनशील इलाकों की भी सैटेलाइट इमेज डाउनलोड की गईं। BSI का सीधा नाम इन ऑर्डर में नहीं है, लेकिन इसके संस्थापक ओबैदुल्ला सैयद का अमेरिका में आपराधिक रिकॉर्ड इस ‘संयोग’ को संदेहास्पद बनाता है।

विस्तार
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के आतंकियों के खिलाफ सिंदूर ऑपरेशन शुरू किया जिसमें 9 आतंकी ठिकानों को मिट्टी में मिलाया गया। उसके बाद पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ ही हमला शुरू कर दिया जबकि भारत की लड़ाई सिर्फ आतंक और आतंकी के खिलाफ है। भारत और पाकिस्तान के बीच हुए इस संघर्ष के बीच कई तरह की बातें सामने आई हैं जिनसे यह साबित होता है कि पाकिस्तानी सेना आतंकियों की सबसे बड़ी मददगार है। इसी बीच एक और बात सामने आई है जो कि चौंकाने वाली है।

रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से ठीक दो महीने पहले, अमेरिका की एक प्रमुख स्पेस टेक कंपनी मैक्सार टेक्नोलॉजीज (Maxar Technologies) को पहलगाम और उसके आस-पास के इलाकों की हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट इमेज के थोक में अधिक ऑर्डर मिले। 2 से 22 फरवरी 2025 के बीच कम-से-कम 12 ऑर्डर दिए गए जो सामान्य संख्या से दोगुना है। इससे पहले जून 2024 में ही पाकिस्तान की एक संदिग्ध कंपनी बिजनेस सिस्टम्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (BSI) को मैक्सार का नया "पार्टनर" बनाया गया था।
BSI और मैक्सार की संदिग्ध साझेदारी

मैक्सार के पोर्टल पर देखे गए आंकड़ों के अनुसार पहलगाम के साथ पुलवामा, अनंतनाग, पुंछ, राजौरी और बारामूला जैसे सैन्य रूप से संवेदनशील इलाकों की भी सैटेलाइट इमेज डाउनलोड की गईं। BSI का सीधा नाम इन ऑर्डर में नहीं है, लेकिन इसके संस्थापक ओबैदुल्ला सैयद का अमेरिका में आपराधिक रिकॉर्ड इस ‘संयोग’ को संदेहास्पद बनाता है।
ओबैदुल्ला सैयद को अमेरिका की एक संघीय अदालत ने पाकिस्तान एटॉमिक एनर्जी कमीशन (PAEC) को बगैर इजाजत हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटर और सॉफ्टयर निर्यात करने के जुर्म में एक साल की सजा सुनाई थी। यह एजेंसी परमाणु हथियारों और मिसाइल टेक्नोलॉजी से जुड़ी है।