Robot: ये रोबोट प्यास बुझाने के लिए 'पीता' है पानी, इंसानों जैसी है मांसपेशियां, दिल से होता है कंट्रोल

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Wed, 17 Sep 2025 11:42 AM IST
सार

Humanoid AI Robot:

पोलैंड की एक स्टार्टअप कंपनी पानी से चलने वाली सिंथेटिक मांसपेशियों वाले ह्यूमनॉइड रोबोट बना रही है। कंपनी का दावा है कि ये रोबोट इंसानों की तरह प्राकृतिक हरकतें कर सकते हैं और भविष्य में घर-ऑफिस से लेकर इंडस्ट्री तक उपयोगी साबित होंगे।

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इंसानों जैसी मांसपेशी वाला रोबोट - फोटो : Clone Robotics

    विस्तार

    कल्पना कीजिए एक ऐसे रोबोट की, जो दूर से देखने पर इंसान जैसा लगे, हाथ हिलाए, दरवाजा खोले और यहां तक कि आपके लिए फल भी काटे। अब सोचिए अगर यह रोबोट अपनी ताकत बिजली या मोटर से नहीं बल्कि पानी से चलने वाली मांसपेशियों से पाए, तो कैसा होगा? यह कोई सपना नहीं, बल्कि हकीकत है। पोलैंड की स्टार्टअप क्लोन रोबोटिक्स (Clone Robotics), जिसने ह्यूमनॉइड रोबोट्स की दुनिया में एक अनोखा प्रयोग कर सभी को चौंका दिया है।

    Clone Robotics की स्थापना 2021 में भारतीय मूल के उद्यमी और CEO धनुष राधाकृष्णन ने की थी। उनका मानना है कि ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स की प्रगति बहुत धीमी रही है। इसलिए कंपनी का लक्ष्य छोटे-छोटे अपग्रेड्स नहीं बल्कि इंसान जैसे फुल-स्केल रोबोट बनाना है, जो रोजमर्रा के काम कर सकें और भविष्य में हमारे आसपास काम करते दिखाई दें।

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    हाथ से शुरू हुआ सफर

    टीम ने सबसे पहले रोबोट का हाथ बनाने का फैसला किया। इसकी वजह यह थी कि इंसान का हाथ सबसे जटिल और बहुउपयोगी अंग है। 18 महीने की मेहनत के बाद उन्होंने आर्टिफिशियल लिगामेंट और मसल-टेंडन स्ट्रक्चर के साथ ऐसा हाथ बनाया, जो इंसानी मूवमेंट की तरह काम करता है। इसके बाद सिर्फ एक साल में कंपनी ने पूरा ह्यूमनॉइड प्रोटोटाइप खड़ा कर दिया।

    तकनीक जो बनाती है अलग

    Clone की सबसे खास बात जो इसे पारंपरिस ह्यूमनॉइड रोबोट्स से अलग बनाती है वो इसकी आर्टिफिशियल मसल टेक्नोलॉजी है। जहां पारंपरिक रोबोट मोटर और बैटरी से चलते हैं, वहीं Clone के रोबोट मैकेबिन डिजाइन पर आधारित प्रेशराइज्ड ट्यूब्स का इस्तेमाल करते हैं। ये ट्यूब्स जब पानी से भरती हैं, तो फैलती और सिकुड़ती हैं और हड्डियों को खींचकर हरकत पैदा करती हैं। यह ठीक उसी तरह है जैसे इंसान की असली मांसपेशियां काम करती हैं।

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    इस पूरी प्रक्रिया का कंट्रोल कंपनी का “हाइड्रोलिक हार्ट” करता है, जो पानी को पंप करके रोबोट को ताकत देता है। इसे आप ऐसे समझ सकते हैं मानो रोबोट को जरूरत पड़ने पर पानी “पिलाकर” ताकत दी जाती हो।

    प्रोटोटाइप लॉन्च के साथ अगली पीढ़ी पर काम

    इस साल फरवरी में Clone Robotics ने अपना पहला प्रोटोटाइप Protoclone V1 लॉन्च किया। इसमें 1000 मायोफाइबर और 500 से ज्यादा सेंसर लगाए गए हैं। यह रोबोट 200 डिग्री का मूवमेंट कर सकता है। दिसंबर में कंपनी ने फुल-स्केल ह्यूमनॉइड Clone Alpha बाजार में उतारा और अब अगली पीढ़ी का वर्जन Neoclone पर काम चल रहा है।

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