फैक्ट चेक: 5G टेस्टिंग से देश में फैल रहा कोरोना? क्या कहता है WHO

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Sat, 01 May 2021 04:23 PM IST
सार

पानीपत की समाज सेविका शशि लूथरा के हवाले से कहा गया है कि उन्होंने सरकार से 5जी की टेस्टिंग बंद करने की मांग की है।

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FACT CHECK 5G radiation has NOT caused the second wave of COVID 19 in India
FACT: 5G mobile networks - फोटो : WHO

    विस्तार

    देश में कोरोना संक्रमण बहुत ही तेजी से फैल रहा है। भारत दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जहां एक दिन में 4 लाख से अधिक संक्रमण के मामले सामने आए हैं। देश में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इन्हीं से एक दावा यह है कि 5जी की टेस्टिंग के कारण कोरोना फैल रहा है। एक दावा यह भी है कि कोरोना जैसी कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह 5जी रेडिएशन के कारण हो रहा है। आइए जानते हैं इस दावे पर विश्व स्वास्थ्य संगठन क्या कहता है?

    सोशल मीडिया का दावा क्या है?

    FACT: 5G mobile networks
    FACT: 5G mobile networks - फोटो : social media

    सोशल मीडिया पर"5G कि टेस्टिंग बन्द करो इन्सानो को बचाओ" शीर्षक से एक पोस्ट वायरल हो रहा है। इसमें नीचे की ओर लिखा है 'ये जो महामारी दूसरी बार आई है जिसे सब कोरोना का नाम दे रहे हं ये बिमारी कोरोना नहीं 5जी टावर की टेस्टिंग की वजह से है। टावर से जो रैडिकशन निकलता है वो हवा में मिलकर हवा को जहरीला बना रही है इसलिए लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। और लोग मर रहे हैं।' इसीलिए 5जी टावर की टेस्टिंग को बंज करने की मांग करिए फिर देखिए सब सही हो जाएगा।'

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    सिम्टम्स ऑफ 5G नेटवर्क रेडिएशन

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    1. 5G नेटवर्क रेडिएशन के कारण घर में हर जगह हल्का सा करंट महसूस हो रहा है ।

    2. गला कुछ ज्यादा ही सूखना प्यास ज़्यादा लगना ।

    3. नाक में कुछ पपड़ी जैसा जमना पपड़ी में खून दिखना ।

    यदि आपके साथ वास्तव में ऐसा हो रहा है तो समझ लीजिए कि इस हानिकारक 5G नेटवर्क रेडिएशन का हमारे ऊपर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगा है। नोटिस:- जैसे 4G रेडिएशन ने चिड़ियों पंछियों को खत्म किया था वैसे ही 5G रेडिएशन जीवों और मानव जाती के बहोत ही ज़्यादा हानिकारक है वक़्त रहते इसका एक जुट होकर कर विरोध करें ।। और वक़्त हो तोह इस पोस्ट को ज़्यादा से ज़्यादा सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर शेयर करें ।।

    एक अखबार की कटिंग भी वायरल हो रही है जिसमें पानीपत की समाज सेविका शशि लूथरा के हवाले से कहा गया है कि उन्होंने सरकार से 5जी की टेस्टिंग बंद करने की मांग की है। शशि लूथरा के हवाले से लिखा गया है कि 5जी के कारण महामारी फैल रही है। वास्तव में लूथरा ने ऐसा कहा है या नहीं, अमर उजाला इसकी पुष्टि नहीं करता है।

    फैक्ट चेक: 5G टेस्टिंग से देश में फैल रहा कोरोना? क्या कहता है WHO

    WHO क्या कहता है?

    WHO 5G FACT CHECK
    WHO 5G FACT CHECK - फोटो : WHO

    विश्व स्वास्थ्य संगठन की आधिकारिक वेबसाइट पर इस तरह के अफवाहों को लेकर एक सेक्शन है जिसमें कोरोना को लेकर सोशल मीडिया के दावों के बारे में विस्तार से समझाया गया है। वेबसाइट से 'FACT: 5G mobile networks DO NOT spread COVID-19' नाम से एक पोस्ट है।

    इस पोस्ट में साफतौर पर लिखा है कि वायरस रेडियो वेव और मोबाइल नेटवर्क से नहीं फैलते हैं। COVID-19 उन देशों में भी फैल रहा है जहां पर 5जी की ना टेस्टिंग हो रही है और ना ही 5जी मोबाइल नेटवर्क है। कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति की सांस की बूंदों से फैलता है जब वह छींकता है, बात करता है या थूकता है। इसके अलावा यदि किसी सतह पर संक्रमित इंसान की सांस की बूंदें गिरी हैं तो उसे छूने और फिर नाक, मुंह और आंख छूने से कोरोना फैलता है।

    पड़ताल: हमारी पड़ताल में यह दावा पूरी तरह से गलत साबित हुआ है कि 5जी की टेस्टिंग से कोरोना फैल रहा है।

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