Lucid: हैकर्स के निशाने पर 88 देशों के स्मार्टफोन यूजर्स, आईफोन भी नहीं रहा सुरक्षित
अन्य पारंपरिक SMS फिशिंग के विपरीत, iMessage और RCS के जरिए भेजे गए संदेशों की डिलीवरी दर अधिक होती है, क्योंकि ये E2EE आधारित सेवाएं हैं। SMS के मुकाबले ये संदेश काफी सस्ते पड़ते हैं, क्योंकि इनमें मोबाइल ऑपरेटर चार्ज नहीं लगता।

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हैकर्स के निशाने पर इस बार दुनियाभर के 88 देशों के मोबाइल यूजर्स हैं। आमतौर पर किसी एक ऑपरेटिंग सिस्टम के यूजर्स हैकर्स के निशाने पर आते हैं लेकिन इस बार एंड्रॉयड और आईफोन दोनों टारगेट पर हैं। सुरक्षा शोधकर्ताओं के अनुसार साइबर अपराधी iPhone और एंड्रॉयड स्मार्टफोन का उपयोग करके 88 देशों में फिशिंग मैसेज भेज रहे हैं।
‘Lucid’ फिशिंग-एज-ए-सर्विस (PhaaS) प्लेटफॉर्म के जरिए iMessage और RCS (Rich Communication Services) चैट के माध्यम से ये संदेश भेजे जाते हैं, जिनमें फिशिंग वेबसाइटों के लिंक शामिल होते हैं। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (E2EE) के कारण ये संदेश पारंपरिक SMS स्पैम फिल्टर को आसानी से पार कर लेते हैं। Telegram चैनल के माध्यम से साइबर अपराधी इस प्लेटफॉर्म का लाइसेंस बेच रहे हैं, जिससे अन्य अपराधी भी इसका उपयोग कर सकते हैं।
अन्य पारंपरिक SMS फिशिंग के विपरीत, iMessage और RCS के जरिए भेजे गए संदेशों की डिलीवरी दर अधिक होती है, क्योंकि ये E2EE आधारित सेवाएं हैं। SMS के मुकाबले ये संदेश काफी सस्ते पड़ते हैं, क्योंकि इनमें मोबाइल ऑपरेटर चार्ज नहीं लगता। iMessage पर फिशिंग संदेश भेजने के लिए बड़े iOS डिवाइस फार्म का इस्तेमाल किया जाता है, जहां अस्थायी Apple ID का उपयोग किया जाता है। RCS संदेश भेजने के लिए साइबर अपराधी मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटरों की सुरक्षा खामियों का फायदा उठाते हैं।
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