AI: टेक्नोलॉजिया... शिकायत नहीं निपटा पाए अधिकारी तो AI टूल से फोटो कर दिया एडिट, ऐसे पकड़ी गई चालाकी
Official Edited Photo With AI Tool:
चेन्नई में एक व्यक्ति ने सड़क पर पड़े बिजली के तारों को हटाने के लिए ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के अधिकारी से शिकायत की, लेकिन उसने एआई की मदद से इस समस्या का ऐसा समाधान निकाला जिसके चलते विभाग की फजीहत हो रही है।

विस्तार
चेन्नई के अधिकारियों पर AI से एडिट किए फोटो को दिखाकर शिकायतों को हल करने का आरोप लग रहा है। दरअसल, ये कारनामा ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के एक अधिकारी का है जिसने शिकायत को हल करने के बजाए ऐसा समाधान निकाला जिसके चलते विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
शिकायतकर्ता पी. कन्नदासन ने पेरुंगुडी जोन में सड़क पर खुले तारों को हटाने के लिए ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) के एक सहायक कार्यकारी अभियंता को ऑनलाइन शिकायत की थी, जिसमें उसने तार वाली जगह की तस्वीर भी लगाई थी। हालांकि, अभियंता पर आरोप है कि उसने उस स्थान से तारों को हटाने के बजाए एआई से फोटो को एडिट कर उसमें छेड़छाड़ की और शिकायत का बिना हल किए उसे बंद कर दिया।
एआई टूल से फोटो को किया एडिट
यह घटना तब उजागर हुई जब शिकायतकर्ता पी. कन्नदासन ने देखा कि उनकी शिकायत को बंद कर दिया गया है। इसके साथ संलग्न तस्वीर में उन्होंने पाया कि AI इरेजर टूल का उपयोग करके सड़क से वाहनों और अन्य वस्तुओं को हटा दिया गया था। हालांकि, शिकायत का मुख्य विषय जो कि खुले बिजली के तार थे वह जस के तस बने हुए थे। सबसे हैरानी की बात यह थी कि AI टूल से एडिट के कारण हटे हुए हिस्सों में धुंधले निशान दिख रहे थे। यहां तक कि हटाए गए वाहनों की परछाई भी तस्वीर में मौजूद थी।
बचाव में आया बयान
इस संबंध में पेरुंगुडी जोन के एईई (AEE) मनोहरन ने अपनी अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा, "मुझे इस शिकायत की जानकारी नहीं है। यह राजमार्ग विभाग का मामला है और मैंने इसे उन्हें भेज दिया था। मैंने AI का इस्तेमाल नहीं किया। निगम खुद इन तारों को हटाएगा।"
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) पर बिना समाधान के शिकायतें बंद करने का आरोप लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'अरप्पोर इयक्कम' के संयोजक जयराम वेंकटेशन ने कहा कि इस तरह के कृत्य से लोगों का शिकायत प्रणाली से भरोसा उठ जाएगा। जीसीसी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शिकायतें दर्ज कराना व्यर्थ न लगे।
एआई के गलत इस्तेमाल बढ़े
तकनीक ने एक तरफ हमारा काम आसान किया है तो दूसरी तरफ इससे धोखाधड़ी और स्कैम के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। AI के इस्तेमाल में कोई बुराई नहीं है, लेकिन जब इसका इस्तेमाल कामचोरी और गड़बड़ी को छिपाने के लिए होने लगे तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इस मामले ने एक और चर्चा छेड़ दी है कि अब एआई के इस्तेमाल भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए भी किया जा सकता है।