Call Of Duty: हैकर्स के निशाने पर कॉल ऑफ ड्यूटी गेम, प्लेयर्स के बीच फैला रहे मैलवेयर
रिपोर्ट में कहा गया है कि इसका मतलब है कि हैकर्स ने अन्य खिलाड़ियों के कंप्यूटर पर मैलेसियस कोड एक्सीक्यूट करने के लिए गेम में एक या कई बग ढूंढ लिए होंगे और उनका फायदा उठाकर मैलवेयर फैला रहे हैं।

विस्तार
कॉल ऑफ ड्यूटी गेम के खिलाड़ी हैकर्स के निशाने पर आ गए हैं। हैकर्स द्वारा इन खिलाडियों को ऐसे मैलवेयर से संक्रमित किया जा रहा है जो स्वचालित रूप से ऑनलाइन लॉबी में फैलता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कॉल ऑफ ड्यूटी: मॉडर्न वारफेयर 2 के एक खिलाड़ी ने स्टीम फोरम पर अन्य खिलाड़ियों को चेतावनी है। चेतावनी में कहा गया है कि हैकर्स हैक किए गए लॉबी का उपयोग करके हमला करते हैं और एंटीवायरस का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
एक अन्य खिलाड़ी ने मैलवेयर का एनालिसिस करने का दावा किया और उसी फोरम थ्रेड में कहा कि मैलवेयर के अंदर कई टेक्स्ट स्ट्रिंग्स के आधार पर मैलवेयर एक वर्म की तरह लग रहा है। मैलवेयर में उन स्ट्रिंग्स की उपस्थिति, एक वर्म वायरस का संकेत देती है। एक्टिविजन के प्रवक्ता, नील वुड, जिसने 2009 में गेम जारी किया था, ने मैलवेयर की पुष्टि की है। वुड ने गुरुवार को कंपनी द्वारा 'कॉल ऑफ ड्यूटी अपडेट्स' अकाउंट से पोस्ट किए गए एक ट्वीट का संदर्भ भी दिया है।
वुड ने अपने ट्वीट में कहा कि जब हम किसी समस्या की रिपोर्ट की जांच कर रहे थे, तब स्टीम पर कॉल ऑफ ड्यूटी: मॉडर्न वारफेयर 2 (2009) के लिए मल्टीप्लेयर को ऑफलाइन किया गया था। उन्होंने कहा कि यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि हैकर्स इस मैलवेयर को क्यों फैला रहे हैं। मैलवेयर एक वर्म है और ऑनलाइन लॉबी के माध्यम से ऑटोमेटिकली एक संक्रमित गेमर से दूसरे में फैलता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इसका मतलब है कि हैकर्स ने अन्य खिलाड़ियों के कंप्यूटर पर मैलेसियस कोड एक्सीक्यूट करने के लिए गेम में एक या कई बग ढूंढ लिए होंगे और उनका फायदा उठाकर मैलवेयर फैला रहे हैं।