पिसिंग के बाद अब विशिंग बना साइबर ठगों का नया हथियार, पढ़े-लिखे लोग हो रहे शिकार
विज्ञापन

साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन ठगी के लिए 'विशिंग कॉल' को बड़ा हथियार बनाया है। विशिंग कॉल से मतलब ऐसी कॉल से है, जिसके जरिए धोखाधड़ी की जाए। दिल्ली में औसतन हर माह इस तरह की ठगी के करीब दो सौ मामले सामने आ रहे हैं। साइबर जालसाज अमूमन खुद को किसी कंपनी या बैंक का कर्मचारी बताकर टेली-कॉलिंग या वॉयस कॉल कर ठगी करते हैं। इन्हीं कॉल को 'विशिंग कॉल' कहते हैं।
विशिंग कॉल से ठगी अधिकतर पढ़े-लिखे लोगों के साथ होती है। साइबर अपराधी यूजर को बैंक, कार्ड (डेबिट/क्रेडिट) या फिर खाते के अपडेट से जुड़ी जानकारी के नाम पर फोन करते हैं और संवेदनशील जानकारी हासिल कर खाते में सेंध लगा देते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि साइबर ठगी में 13 फीलदी मामले विशिंग कॉल के ही हैं।
विज्ञापन
- इस साल कुल साइबर अपराध- 15,690
- पिछले साल कुल साइबर अपराध- 10,161
- 2020 में विशिंग कॉल- 2,039
- 2019 में विशिंग कॉल- 1,321
नोट- सभी आंकड़े 1 जनवरी से 31 अक्तूबर के बीच के हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
- ऐसी किसी कॉल का जवाब न दें, जिसमें कॉलर यूजर आईडी, पासवर्ड, डेबिट कार्ड नंबर, पिन, सीवीवी आदि अपडेट या वेरिफाई करने को कहे।
- पासवर्ड, पिन, टिन आदि सख्त तौर पर गोपनीय होते हैं और इनकी बैंक के कर्मचारियों और सुरक्षा अधिकारियों को भी नहीं पता होता है। इसलिए
- आप फोन पर पूछे इन सवालों के जवाब न दें।
- किसी कॉल के बाद झांसे में आकर अगर आप पेमेंट करने भी लगे हैं तो ध्यान रखें कि अगर क्यूआर कोड स्कैन करने का ऑप्शन आता है तो पहले यह सुनिश्चित करें कि वह सही है या नहीं।
- ऑनलाइन कस्टमर केयर नंबर सर्च करते समय सावधानी बरतें। कंपनी की वेबसाइट खोलकर वहां दिए नंबर पर ही कॉल करें। कस्टमर केयर से मिलने वाले निर्देश पर भी सोच-समझकर अमल करें।
और पढ़ें...
- अमेरिका में 48 राज्यों ने किया फेसबुक पर मुकदमा, छोटी कंपनियों को 'कुचलने' का आरोप
- अब व्हाट्सएप से ही होगी फ्लिपकार्ट-अमेजन जैसी शॉपिंग, आया यह कमाल का फीचर
- WhatsApp में कर दें यह सेटिंग, आपकी मर्जी के बिना कोई ग्रुप में एड नहीं कर पाएगा
- Realme के साथ Jio लॉन्च करेगा सस्ता 4जी स्मार्टफोन, स्मार्ट डिवाइस पर भी चल रहा काम