डराता है चीन: भारत समेत पूरी दुनिया के लिए मुसीबत बन सकती हैं चीन की ये तीन योजनाएं

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Tue, 16 Mar 2021 03:32 PM IST
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Chinese government These 3 ambitious may be a warning for the world all details here
मेड इन चाइना 2025 - फोटो : amarujala

    एक दौर था जब भारत-चीनी भाई-भाई का नारा बुलंदियों पर था लेकिन अब एक दौर यह भी चल रहा है जब चीन को अमेरिका जैसा शक्तिशाली देश भी भाई के रूप में नहीं देख रहा है। पिछले साल भारत सरकार ने चाइनीज टेक कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 200 से अधिक एप्स पर बैन लगाया था, जिसकी चीन ने आलोचन भी की थी। इसके बाद अमेरिका में भी काफी दिनों तक टिकटॉक पर बैन लगा रहा, लेकिन इन सबके दौरान चीन ने जो तीन कदम उठाए हैं वो दुनिया के लिए किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से कम नहीं है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2049 तक चीन को 'एडवान्स्ड सोशलिस्ट कंट्री' बनाने का लक्ष्य रखा है जिसके तहत चीन खुद को 2049 तक दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य, आर्थिक और सांस्कृतिक ताकत के रूप में प्रतिष्ठित करेगा।

    शी जिनपिंग
    शी जिनपिंग - फोटो : पीटीआई

    एडवान्स्ड सोशलिस्ट कंट्री का मतलब क्या है?

    अब सवाल यह है कि 'एडवान्स्ड सोशलिस्ट कंट्री' का मतलब है और इससे चीन क्या हासिल करना चाहता है तो आपको बता दें कि यदि चीन अपने लक्ष्य 'एडवान्स्ड सोशलिस्ट कंट्री' को पूरा कर लेता है तो अमेरिका का ताज छिन जाएगा और चीन दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बन जाएगा। तकनीक से लेकर आर्थिक और सांस्कृतिक हर मामले में चीन टॉप पर होगा। दूसरे की जमीन का पर कब्जा करना चीन की पुरानी आदतों में शामिल है लेकिन अब वह निवेश और कर्ज के भी जाल में कई देशों को फंसा चुका है। इन सबके अलावा चीन की तीन योजनाएं ऐसी हैं जो पूरी दुनिया के लिए सोचने पर मजबूर करने वाली हैं। इनमें पहली योजना मेड इन चाइना, दूसरी अंतरिक्ष में दबदबा और तीसरी बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव (बीआरआई) शामिल हैं।

    made in china
    made in china - फोटो : amarujala

    मेड इन चाइना

    मेड इन चाइना से तो आप वाकिफ ही हैं। आज आपके हर में शायद 10 में से 7 प्रोडक्ट मेड इन चाइना होंगे। मेड इन चाइना को चीन ने 2015 में लॉन्च किया था और इसे पूरा करने का लक्ष्य 2025 तक रखा गया है। इस योजना का लक्ष्य चीन को तकनीक का केंद्र बनाना और 2025 तक सभी तरह की तकनीकी मैटेरियल की आपूर्ति को 70 फीसदी तक कब्जा करना है। इस योजना के तहत चीन से सबसे ज्यादा पेटेंट कराने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है और जिसके पास जितना पेटेंट होगा उसका तकनीक और इनोवेशन में कब्जा भी उतना ही होगा। साल 2019 में चीन ने करीब 60 हजार पेटेंट दाखिल किए हैं।

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