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World: जर्मनी में फिर से लागू हो सकती है अनिवार्य सैन्य सेवा; पाकिस्तान- आतंकी हमलों में सैनिक समेत दो की मौत

Sat, 24 May 2025 11:16 PM IST
नितिन गौतम वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला। Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 24 May 2025 11:16 PM IST
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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
जर्मनी के रक्षा मंत्री ने शनिवार को कहा कि अगर देश में अगर सुधारित स्वयंसेवक प्रणाली भर्ती लक्ष्यों को पूरा करने में विफल रहती है तो अनिवार्य सैन्य सेवा को फिर से लागू किया जा सकता है। फ्रैंकफर्टर अलगेमाइन सोनटैग्सजीतुंग के साथ एक साक्षात्कार में, बोरिस पिस्टोरियस ने जर्मनी के नए सैन्य सेवा मॉडल के लिए एक समयरेखा बताई, जिसका उद्देश्य कमजोर सेना को मजबूत करना है। प्रारंभिक कार्यक्रम स्वैच्छिक भर्ती पर निर्भर करेगा, लेकिन पिस्टोरियस ने चेतावनी दी कि इसमें बदलाव हो सकता है। 
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उन्होंने कहा, 'अगर ऐसा समय आता है जब हमारे पास स्वैच्छिक पंजीकरण से ज़्यादा क्षमता उपलब्ध होगी, तो भर्ती को अनिवार्य बनाने का निर्णय लिया जा सकता है। यही रोडमैप है'। उन्होंने कहा कि चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की सरकार एक नए सैन्य सेवा विधेयक पर तेजी से काम कर रही है और उम्मीद है कि यह जनवरी 2026 की शुरुआत में लागू हो जाएगा। जर्मनी में भर्ती को फिर से लागू करने पर बहस तेज हो रही है क्योंकि राष्ट्रीय रक्षा तत्परता और यूरोप में सुरक्षा खतरों के बारे में चिंताएं बढ़ रही हैं।
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जर्मनी ने 2011 में अपने मसौदे को निलंबित कर दिया था, लेकिन रूस की तरफ से 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद रक्षा मांग बढ़ने के कारण सैन्य लक्ष्यों को पूरा करने में संघर्ष करना पड़ा। पिस्टोरियस ने यह भी कहा कि सैन्य सेवा योजना में अधिक रिजर्विस्टों को फिर से सक्रिय करने के प्रयास शामिल होंगे।
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दक्षिणी लेबनान में नगरपालिका चुनाव के लिए हुआ मतदान
दक्षिणी लेबनान के निवासियों ने शनिवार को देश के नगरपालिका चुनावों में मतदान किया, जो विनाशकारी इस्राइल-हिजबुल्ला युद्ध की समाप्ति के महीनों बाद, मुख्य रूप से शिया क्षेत्रों में हिजबुल्ला के समर्थन का परीक्षण करेगा। बता दें कि, हिजबुल्ला संसद अध्यक्ष नबीह बेरी के अमल समूह के साथ गठबंधन में चल रहा है, और दोनों के मेयर पद की दौड़ और नगरपालिका परिषदों में अधिकांश सीटें जीतने की उम्मीद है। दोनों समूहों ने पहले ही कई नगरपालिकाओं में निर्विरोध जीत हासिल कर ली है।

दक्षिण लेबनान 4 मई के बाद से चुनावों में मतदान करने वाला चौथा और अंतिम जिला है। शनिवार को मतदान करने वालों में 17 सितंबर, 2024 को इस्राइल की तरफ से किए गए एक ऑपरेशन में लगभग एक साथ फटे हजारों पेजर के विस्फोटों में घायल हुए हिजबुल्ला सदस्य भी शामिल थे। एक दर्जन से अधिक लोग मारे गए, और लगभग 3,000 घायल हुए। वहीं राष्ट्रपति जोसेफ औन ने शनिवार को दक्षिणी लेबनान के दौरे के दौरान कहा, 'जीवन की इच्छा मृत्यु से अधिक मजबूत है, और निर्माण की इच्छा विनाश से अधिक मजबूत है।' उन्होंने अपने गृहनगर ऐचियेह में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने 40 वर्षों में पहली बार मतदान किया। शनिवार का मतदान दो दिन बाद हुआ जब इस्राइल की वायु सेना ने दक्षिणी लेबनान के विभिन्न हिस्सों में तीव्र हवाई हमले किए।


 

पाकिस्तान में टीटीपी के 3 आतंकी मारे गए
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में शुक्रवार को प्रतिबंधित आतंकवादी समूह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के तीन आतंकवादी मारे गए। पंजाब पुलिस के आतंक-रोधी विभाग (सीटीडी) ने कहा, उसे लाहौर से 325 किलोमीटर दूर मियांवाली जिले में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। खुफिया जानकारी के आधार पर सीटीडी की टीम ने आतंकी ठिकाने को घेर लिया और आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन आतंकवादियों ने गोलीबारी करना शुरू कर दिया। सीटीडी ने कहा, मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मौके पर मारे गए, छह अन्य भाग गए।

मास्को में ड्रोन हमला, आसमान में 45 मिनट चक्कर लगाता रहा भारतीय सांसदों का विमान
पाकिस्तान को बेनकाब करने रूस गए भारतीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का विमान मास्को में ड्रोन हमलों के चलते करीब 45 मिनट तक आसमान में ही चक्कर लगाता रहा। हालांकि, बाद में सुरक्षा स्थितियों के आकलन के बाद विमान हवाईअड्डे पर सुरक्षित उतरा। रूसी अधिकारियों ने कहा कि रात में यूक्रेन के ड्रोन हमलों के चलते मास्को में एयरपोर्ट को कुछ देर के लिए बंद रखा गया था। इसके चलते 153 उड़ानें प्रभावित हुईं। 

अमेरिका-चीन के साथ ईमानदारी से सहयोग करेंगे- सिंगापुर के प्रधानमंत्री

सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने कहा है कि उनकी सरकार की अहम प्राथमिकता दुनिया के शीर्ष देशों के साथ व्यापार सहयोग बढ़ाना और दुनिया के दो ताकतवर देशों अमेरिका और चीन के साथ अपने संबंधों को ईमानदार रखना है। साथ ही दोनों देशों की प्रतिद्वंदिता में न फंसने की भी बात कही है। शुक्रवार को सिंगापुर सरकार की नई कैबिनेट का शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान वोंग ने कहा कि जहां हमारे हित होंगे, हम वहीं काम करेंगे। जहां हमारे हित नहीं होंगे, वहां हम मजबूती से खड़े होंगे और सिंगापुर की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करेंगे। वोंग ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता इस बदलती दुनिया में सिंगापुर की मजबूत जगह बनाना है। 

शुक्रिया अदा करने तुर्किये, ईरान, अजरबैजान और ताजिकिस्तान जाएंगे पाकिस्तानी PM शहबाज
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संघर्ष के समय साथ निभाने वाले देशों का शुक्रिया अदा करने 25 से 30 मई तक तुर्किये, ईरान, अजरबैजान और ताजिकिस्तान का दौरा करेंगे। भारत के साथ हाल ही में चार दिवसीय सैन्य संघर्ष के बाद शहबाज की पहली विदेश यात्रा होगी। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के अनुसार, शरीफ इस यात्रा के दौरान अपने मित्र देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय संबंध और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर चर्चा करेंगे।

पाकिस्तान- खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी हमलों में सैनिक समेत दो की मौत
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में शनिवार को दो अलग-अलग संदिग्ध आतंकी हमलों में एक सैनिक समेत कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और पांच सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं।दक्षिण वजीरिस्तान के आदिवासी जिले के शाकाई इलाके में बम निरोधक इकाई की तरफ से नियमित जांच के दौरान एक सुरक्षा चौकी के पास बम विस्फोट होने से पांच सुरक्षाकर्मी और एक नागरिक घायल हो गए।

जानकारी के मुताबिक, विस्फोट के समय अपनी मोटरसाइकिल से चेक पोस्ट पार करते समय नागरिक घायल हो गया था। बाद में वाना शहर के जिला मुख्यालय अस्पताल में उसकी मौत हो गई। प्रांत के खैबर जिले में एक अलग घटना में, बार कंबर खेल इलाके में एक स्नाइपर हमले में एक सैनिक की मौत हो गई। वह डिप्टी कमांडेंट के साथ इलाके को पार कर रहे सुरक्षा काफिले का चालक था।

सीरिया ने अमेरिका की तरफ से प्रतिबंधों में ढील देने के फैसले का किया स्वागत
सीरिया ने युद्धग्रस्त देश पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देने के ट्रंप प्रशासन के फैसले का स्वागत किया और इसे मानवीय और आर्थिक पीड़ा को कम करने के लिए एक सकारात्मक कदम बताया। सीरियाई विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि सीरिया दमिश्क के साथ सहयोग करने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति की हाथ बढ़ाता है, इस शर्त पर कि देश के आंतरिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। ये बयान ट्रंप प्रशासन की तरफ से सीरिया को प्रतिबंधों से व्यापक छूट दिए जाने के एक दिन बाद आया है, जो 14 साल के गृहयुद्ध से तबाह देश पर आधी सदी से लगे दंड को हटाने के राष्ट्रपति के वादे को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा पहला कदम है।

जयशंकर ने सीजफायर पर ट्रंप के दावे का किया खंडन
भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराने के डोनाल्ड ट्रंप के दावे को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खारिज कर दिया है। उन्होंने दोहराया कि यह दोनों देशों की सेनाएं थीं, जिन्होंने सीधे बातचीत की और सैन्य कार्रवाई को समाप्त करने के लिए सहमत हुए। डेनमार्क के एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में एस जयशंकर ने कहा, जब हम बड़ी वैश्विक चुनौतियों पर बात करते हैं तो मुझे लगता है कि आतंकवाद प्रमुख चुनौतियों में से एक है। यह पूरी दुनिया को प्रभावित करेगा। हमें (भारत को) अप्रैल में एक बहुत दर्दनाक और गंभीर आतंकवादी हमले से जूझना पड़ा। उसके बाद जो हुआ वह उसी का परिणाम था। आतंकवादी हमारे पड़ोसी देश में निर्भय होकर फल-फूल रहे हैं। उन्हें राज्य संरक्षण और समर्थन प्राप्त है। इसलिए, हमें कुछ दिनों तक सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा, फिलहाल सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए दोनों देशों के बीच समझौता हो गया है। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति की कोई भूमिका नहीं है।
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