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ट्रंप-शी से मुलाकात के बीच अमेरिकी ऑटो उद्योग की चिंता: चीनी कारों की एंट्री रोकने की मांग, फैसले पर टिकी नजर

Thu, 24 Sep 2026 05:24 AM IST
प्रशांत तिवारी अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क Published by: प्रशांत तिवारी Updated Thu, 24 Sep 2026 05:24 AM IST
सार

अमेरिकी ऑटो उद्योग और सांसदों ने ट्रंप से चीनी वाहन कंपनियों को अमेरिकी बाजार में प्रवेश से रोकने की अपील की है, जबकि ट्रंप अमेरिका में उत्पादन करने वाली चीनी कंपनियों को अनुमति देने के संकेत दे चुके हैं।

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Amid Trump-Xi meeting  US auto industry is concerned demanding ban entry of Chinese cars all eyes on decision
ट्रंप और शी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिकी ऑटो उद्योग ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से चीन की कंपनियों को अमेरिकी कार बाजार में प्रवेश देने से रोकने की अपील की है। उद्योग संगठनों और सांसदों को आशंका है कि चीन की सब्सिडी प्राप्त कंपनियां अमेरिकी बाजार में तेजी से विस्तार कर स्थानीय वाहन निर्माताओं के लिए बड़ा दबाव पैदा कर सकती हैं। सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की प्रस्तावित मुलाकात से पहले यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति और ऑटो उद्योग में प्रमुखता से उभरा है।

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चीनी कंपनियों को ट्रंप दे सकते हैं खुशखबरी 
ट्रंप ने इसी महीने संकेत दिया था कि अगर चीनी कंपनियां अमेरिका में ही वाहन बनाती हैं तो उन्हें यहां कारोबार की अनुमति देने पर वह विचार कर सकते हैं। इसके बाद अमेरिकी ऑटो निर्माताओं, डीलरों और कलपुर्जा आपूर्तिकर्ताओं के प्रतिनिधित्व वाले संगठनों ने संयुक्त रूप से इस रुख पर पुनर्विचार करने की मांग की। दो दर्जन से अधिक डेमोक्रेट सांसदों ने भी ट्रंप से चीनी ऑटो कंपनियों पर मौजूदा प्रतिबंध बनाए रखने का आग्रह किया है। सीनेटर एलिसा स्लॉटकिन ने कहा कि मुद्दा दलगत राजनीति का नहीं, बल्कि अमेरिका में वाहन निर्माण और रणनीतिक विनिर्माण क्षमता बनाए रखने का है।
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यूरोप का उदाहरण दे रहा अमेरिकी उद्योग
चीन की बीवाईडी और जीली जैसी कंपनियां घरेलू बाजार से बाहर तेजी से विस्तार कर रही हैं। बाजार शोध फर्म ग्लोबलडेटा के अनुसार, 2020 से 2025 के बीच वैश्विक बाजार में चीनी वाहन ब्रांडों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत बढ़ी। जर्मनी की डेटा फोर्स के मुताबिक, यूरोप में चीनी ब्रांडों की हिस्सेदारी 2020 में लगभग नगण्य थी, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 12 प्रतिशत हो गई। चीन के ऑटो उद्योग विशेषज्ञ और जनरल मोटर्स के पूर्व अधिकारी माइकल डन ने चेतावनी दी कि यूरोप में चीनी वाहनों के तेजी से बढ़ते प्रभाव जैसी स्थिति अमेरिका में भी बन सकती है। उनके मुताबिक, अमेरिकी बाजार चीनी कंपनियों के लिए बेहद आकर्षक है और वहां प्रवेश उन्हें घरेलू कंपनियों के लिए बड़ा प्रतिस्पर्धी दबाव बनाने का अवसर देगा।
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चीनी कंपनियों को सरकारी समर्थन का मुद्दा
निसान अमेरिका के चेयरमैन क्रिश्चियन म्यूनियर ने चीनी वाहन कंपनियों से मुकाबले को बेहद कठिन बताया। उनका कहना है कि कई देशों में चीनी कंपनियां सिर्फ वाहन निर्माताओं के रूप में नहीं, बल्कि मजबूत सरकारी समर्थन के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।इसी बीच, ट्रंप-शी बैठक में चीन की बीवाईडी के संस्थापक वांग चुआनफू और इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी निर्माता कैटल के संस्थापक रॉबिन जेंग की संभावित मौजूदगी ने अमेरिकी ऑटो उद्योग की चिंता बढ़ा दी है। दोनों कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी क्षेत्र में चीन की प्रमुख कंपनियों में शामिल हैं।अमेरिकी कांग्रेस में चीनी वाहन कंपनियों को बाजार से दूर रखने के लिए द्विदलीय विधेयक भी आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में ट्रंप-शी वार्ता में व्यापार और तकनीक के साथ अमेरिकी ऑटो बाजार तक चीनी कंपनियों की पहुंच भी अहम मुद्दा बन सकती है।

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