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Tariff Row: यूरोप से अफ्रीका तक ट्रंप के निशाने पर कई देश; किस-किस को धमकाया, भारत पर कितनी बार साधा निशाना?
Mon, 03 Feb 2025 02:36 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 03 Feb 2025 02:36 PM IST
सार
डोनाल्ड ट्रंप ने अब तक किन-किन देशों के खिलाफ आयात शुल्क लगाने का एलान कर दिया है? किन देशों ने ट्रंप के कदमों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की बात कही है? इसके अलावा और कौन-कौन से देश अभी अमेरिकी सरकार की तरफ से कार्रवाइयों की जद में आ सकते हैं? आइये जानते हैं...
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अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, कनाडा के जस्टिन ट्रूडो और भारत के पीएम मोदी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सत्ता में आने के बाद से ही अपनी 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' योजना को आगे बढ़ाने में जुटे हैं। इसके तहत वे व्यापार में अमेरिका के प्रतिद्वंद्वी देशों के साथ-साथ मित्र देशों को भी टैरिफ युद्ध में शामिल कर रहे हैं। आलम यह है कि ट्रंप अब तक आधा दर्जन देशों के खिलाफ आयात शुल्क लगाने का एलान कर चुके हैं। इसके अलावा वे कई और देशों को आने वाले समय में कार्रवाई की धमकी भी दे चुके हैं।
अमेरिका के हितों का हवाला देते हुए अलग-अलग देशों से व्यापार युद्ध शुरू करने के ट्रंप के इरादे कितने बुलंद हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में ट्रंप ने अमेरिकी जनता से कहा है कि उन्हें इसका कुछ दर्द उठाना पड़ सकता है। हालांकि, लंबे समय के लिए यह अमेरिका के फायदे के लिए ही होगा। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि अमेरिका के खिलाफ व्यापार में बढ़त न होने के बाद कनाडा का अस्तित्व ही मुश्किल हो जाएगा।
ऐसे में यह जानना अहम है कि डोनाल्ड ट्रंप ने अब तक किन-किन देशों के खिलाफ आयात शुल्क लगाने का एलान कर दिया है? किन देशों ने ट्रंप के कदमों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की बात कही है? इसके अलावा और कौन-कौन से देश अभी अमेरिकी सरकार की तरफ से कार्रवाइयों की जद में आ सकते हैं? आइये जानते हैं...
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अमेरिका के हितों का हवाला देते हुए अलग-अलग देशों से व्यापार युद्ध शुरू करने के ट्रंप के इरादे कितने बुलंद हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में ट्रंप ने अमेरिकी जनता से कहा है कि उन्हें इसका कुछ दर्द उठाना पड़ सकता है। हालांकि, लंबे समय के लिए यह अमेरिका के फायदे के लिए ही होगा। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि अमेरिका के खिलाफ व्यापार में बढ़त न होने के बाद कनाडा का अस्तित्व ही मुश्किल हो जाएगा।
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ऐसे में यह जानना अहम है कि डोनाल्ड ट्रंप ने अब तक किन-किन देशों के खिलाफ आयात शुल्क लगाने का एलान कर दिया है? किन देशों ने ट्रंप के कदमों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की बात कही है? इसके अलावा और कौन-कौन से देश अभी अमेरिकी सरकार की तरफ से कार्रवाइयों की जद में आ सकते हैं? आइये जानते हैं...
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ट्रंप ने किन-किन देशों के खिलाफ आयात शुल्क लगाने का एलान किया?
डोनाल्ड ट्रंप ने अब तक करीब आधा दर्जन देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है। वहीं, तीन देशों पर 4 फरवरी से आयात शुल्क लगाने का एलान भी कर चुके हैं। इन देशों में चीन, कनाडा और मैक्सिको शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि चीन, मैक्सिको और कनाडा अब तक अमेरिका के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार हैं। अमेरिका ने 2024 में दुनियाभर से करीब 3 ट्रिलियन डॉलर के उत्पाद आयात किए थे। इनमें से 42 फीसदी आयात उसने इन्हीं तीन देशों से किए।
डोनाल्ड ट्रंप ने अब तक करीब आधा दर्जन देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है। वहीं, तीन देशों पर 4 फरवरी से आयात शुल्क लगाने का एलान भी कर चुके हैं। इन देशों में चीन, कनाडा और मैक्सिको शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि चीन, मैक्सिको और कनाडा अब तक अमेरिका के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार हैं। अमेरिका ने 2024 में दुनियाभर से करीब 3 ट्रिलियन डॉलर के उत्पाद आयात किए थे। इनमें से 42 फीसदी आयात उसने इन्हीं तीन देशों से किए।
इसके पीछे की वजह क्या?
ट्रंप ने इन तीन देशों पर आयात शुल्क लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय आपातकाल आर्थिक शक्ति कानून (IEEPA) का इस्तेमाल करते हुए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके मुताबिक, 4 फरवरी से कनाडा, मैक्सिको और चीन पर यह आयात शुल्क लागू हो जाएंगे।
कार्यकारी आदेश के मुताबिक, यह कदम अवैध विदेशियों और घातक ड्रग्स, जैसे फेंटेनाइल के कारण अमेरिकी नागरिकों को होने वाले खतरे से बचने के लिए उठाया गया है। ट्रंप ने कहा कि उनकी प्राथमिकता अमेरिकियों की सुरक्षा है, और उन्होंने अपने अभियान में यह वादा किया था कि वह सीमा पर अवैध प्रवास और ड्रग्स की बाढ़ को रोकेंगे।
ट्रंप ने इन तीन देशों पर आयात शुल्क लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय आपातकाल आर्थिक शक्ति कानून (IEEPA) का इस्तेमाल करते हुए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके मुताबिक, 4 फरवरी से कनाडा, मैक्सिको और चीन पर यह आयात शुल्क लागू हो जाएंगे।
कार्यकारी आदेश के मुताबिक, यह कदम अवैध विदेशियों और घातक ड्रग्स, जैसे फेंटेनाइल के कारण अमेरिकी नागरिकों को होने वाले खतरे से बचने के लिए उठाया गया है। ट्रंप ने कहा कि उनकी प्राथमिकता अमेरिकियों की सुरक्षा है, और उन्होंने अपने अभियान में यह वादा किया था कि वह सीमा पर अवैध प्रवास और ड्रग्स की बाढ़ को रोकेंगे।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में टैरिफ लगाने की यह सख्त घोषणा की थी। रिपब्लिकन नेता अवैध आव्रजन और ‘फेंटेनाइल’ (एक तरह का तेज नशीला पदार्थ) के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रसायनों की तस्करी को रोकने के लिए देशों से अधिक सहयोग सुनिश्चित करने के मद्देनजर टैरिफ लगाने का दावा कर रहे हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि इसका मकसद घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, अब ये शुल्क लागू होने जा रहे हैं। ये वादे राष्ट्रपति द्वारा किए गए थे और अब इन्हें पूरा किया जा रहा है। ट्रंप ने कहा था कि वह कनाडा और मैक्सिको से तेल आयात के लिए छूट जारी रखने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन लेविट ने कहा कि उनके पास राष्ट्रपति के किसी भी संभावित कटौती के फैसले के बारे में साझा करने के लिए कोई जानकारी नहीं है। चीन की इस पूरे परिदृश्य पर बारीक निगाह है। उसने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं दी है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि इसका मकसद घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, अब ये शुल्क लागू होने जा रहे हैं। ये वादे राष्ट्रपति द्वारा किए गए थे और अब इन्हें पूरा किया जा रहा है। ट्रंप ने कहा था कि वह कनाडा और मैक्सिको से तेल आयात के लिए छूट जारी रखने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन लेविट ने कहा कि उनके पास राष्ट्रपति के किसी भी संभावित कटौती के फैसले के बारे में साझा करने के लिए कोई जानकारी नहीं है। चीन की इस पूरे परिदृश्य पर बारीक निगाह है। उसने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं दी है।
ट्रंप के फैसलों की मार झेलने वाले देश कैसे कर रहे पलटवार की तैयारी?
- अमेरिका की तरफ से कनाडा के उत्पादों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाए जाने के एलान के बाद ही कनाडा की सरकार ने भी पलटवार किया। कनाडा के वित्त मंत्री डोमिनिक लीब्लांक ने रविवार को अमेरिका के उन उत्पादों की सूची जारी कर दी, जिन पर कनाडा की सरकार टैरिफ लगाने जा रही है। कनाडा ने अमेरिका से आने वाले करीब 30 अरब डॉलर कीमत के उत्पादों पर टैरिफ लगाने की बात कही है। इन उत्पादों की सूची में अमेरिका में बनने वाली शराब, घरेलू सामान, औजार, हथियार, डेयरी उत्पाद, फल, सब्जियां, कपड़े आदि चीजे हैं।
- मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने कहा कि समस्याएं टैरिफ लगाने से हल नहीं होती हैं, बल्कि बातचीत और संवाद से हल नहीं होती हैं। मैक्सिको की टीम प्रवासियों से संबंधित मामलों में अमेरिका के साथ लगातार संपर्क में थी। उन्होंने कहा कि मैं अपने अर्थव्यवस्था सचिव को प्लान बी बनाने का निर्देश देती हूं, जिस पर हम काम कर रहे हैं। इसमें मैक्सिको के हितों की रक्षा के लिए टैरिफ और गैर टैरिफ उपाय शामिल हैं। बलपूर्वक नहीं सब कुछ तर्क और सही तरीके से होगा। मैक्सिको की राष्ट्रपति शीनबाम ने अमेरिका की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने मैक्सिको के आपराधिक संगठनों के साथ संबंध के आरोप लगाए हैं। हम इसे खारिज करते हैं।
- चीन के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका द्वारा चीनी वस्तुओं पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने के फैसले की निंदा की। उन्होंने इसका विरोध करते हुए अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। चीन ने बताया कि अमेरिका की तरफ से टैरिफ बढ़ोतरी विश्व व्यापक संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों का गंभीर उल्लंघन है। इसके खिलाफ चीन डब्ल्यूटीओ में मुकदमा दायर करेगा। चीन ने कहा कि वह अमेरिका द्वारा चीनी वस्तुओं पर लगाए गए टैरिफ से पूरी तरह से असंतुष्ट है और हम इसका कड़ा विरोध करते हैं।
बाकी किन देशों-संगठनों को चेतावनी दे चुके हैं ट्रंप?
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- ट्रंप की सबसे ताजा धमकी यूरोपीय संघ (ईयू) को लेकर आई है। उन्होंने अपने ताजा बयान में कहा है कि वह यूरोपीय संघ पर टैरिफ जरूर लगाएंगे। ट्रंप ने कहा कि यूरोपीय संघ ने अमेरिका का बहुत फायदा उठाया है। हालांकि, उन्होंने यूरोपीय संघ पर टैरिफ लगाने की कोई समयसीमा नहीं बताई, लेकिन ये कहा कि वे बहुत जल्द इस मामले में फैसला लेंगे। ट्रंप ने यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ बढ़ते व्यापार घाटे का भी जिक्र किया। ट्रंप ने कहा कि यूरोपीय संघ ने हमारा फायदा उठाया है। वहीं ट्रंप के बयान पर यूरोपीय देशों ने भी तगड़ा पलटवार करने की बात कही है। ईयू के प्रवक्ता ने कहा कि 'अगर अमेरिकी राष्ट्रपति टैरिफ लगाते हैं तो यूरोपीय संघ भी यूरोपीय उत्पादों पर मनमाने तरीके से टैरिफ लगाने का दृढ़ता से जवाब देगा।'
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- डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दक्षिण अफ्रीका को भविष्य में मिलने वाली सभी आर्थिक मदद रोकने का एलान किया है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि दक्षिण अफ्रीका की सरकार जबरदस्ती लोगों की जमीन पर कब्जा कर रही है और कुछ वर्गों के साथ बुरा व्यवहार कर रही है। अमेरिका इसे बर्दाश्त नहीं करेगा, हम कार्रवाई करेंगे। मैं मामले की जांच पूरी होने तक दक्षिण अफ्रीका को भविष्य में मिलने वाली सभी फंडिंग रोक दूंगा। बता दें कि ट्रंप के करीबी सहयोगी एलन मस्क का जन्म दक्षिण अफ्रीका में ही हुआ है। हाल ही मे द. अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने एक भूमि अधिग्रहण बिल पारित किया है। इस बिल में प्रावधान है कि सरकार सार्वजनिक हित में बिना किसी मुआवजे के लोगों की जमीन पर कब्जा कर सकती है।
- अमेरिका की नजरें पनामा नहर पर लगी हुईं हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसके संकेत भी दे दिए हैं। रविवार को रुबियो ने पनामा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पनामा नहर को अमेरिका को सौंपने की मांग की। पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो से एक बैठक में कहा कि पनामा को पनामा नहर क्षेत्र पर चीन के बढ़ते प्रभाव को कम करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो ट्रंप प्रशासन आवश्यक कदम उठाने को तैयार होगा। रुबियो ने मुलिनो को बताया कि ट्रंप कहते हैं कि नहर क्षेत्र में चीन की उपस्थिति अमेरिका के साथ 1999 में की गई संधि का उल्लंघन कर सकती है। इसमें तत्काल परिवर्तन नहीं किया गया तो अमेरिका को समझौते के तहत अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे।
- इतना ही नहीं डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को भी अमेरिका के साथ लाने की बात कही है। इसके लिए उन्होंने सैन्य कार्रवाई की बात से भी इनकार नहीं किया है। इस बीच डेनमार्क ने अमेरिका को सख्त प्रतिक्रिया दी है। ऐसी रिपोर्ट है, कि ट्रंप की धमकी के बाद डेनमार्क ने ग्रीनलैंड में कई तरह के हथियार तैनात करने की तैयारी की है। ग्रीनलैंड को बचाने के लिए डेनमार्क ने अरबों डॉलर की मदद देने की कोशिश शुरू कर दी है।
- इसके अलावा ट्रंप ने विकासशील देशों के संगठन ब्रिक्स के सदस्यों पर भी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। उन्होंने ब्रिक्स देशों को अमेरिकी डॉलर के बजाय दूसरी मुद्रा अपनाने पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी। ट्रंप ने कहा है कि यह विचार है कि ब्रिक्स देश डॉलर से दूर जाने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि हम खड़े होकर देखते हैं, खत्म हो चुका है। हमें इन शत्रुतापूर्ण देशों से यह प्रतिबद्धता चाहिए कि वे न तो नई ब्रिक्स मुद्रा बनाएंगे, न ही शक्तिशाली अमेरिकी डॉलर की जगह किसी अन्य मुद्रा का समर्थन करेंगे, अन्यथा उन्हें 100% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। उन्हें शानदार अमेरिकी अर्थव्यवस्था में नई मुद्रा को बेचने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। वे किसी अन्य बेवकूफ देश की तलाश कर सकते हैं।
- दूसरी तरफ रूस के मामले पर भी ट्रंप मुखर रहे हैं। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि वह पुतिन से किसी भी समय मिलने के लिए तैयार हैं, लेकिन अगर पुतिन यूक्रेन के मुद्दे पर वार्ता की मेज पर नहीं आते हैं तो वे रूस पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कहा कि अगर हम जल्द ही कोई समझौता नहीं करते हैं, तो मेरे पास रूस द्वारा अमेरिका और अन्य भागीदार देशों को बेची जाने वाली चीजों पर उच्च स्तर के कर, टैरिफ और प्रतिबंध लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।
भारत पर कितनी बार निशाना साध चुके हैं ट्रंप?
अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी पेश करने से लेकर राष्ट्रपति बनने के बाद तक डोनाल्ड ट्रंप कई बार व्यापार युद्ध के संदर्भ में भारत का नाम ले चुके हैं। उन्होंने इसे लेकर सीधे तौर पर कोई धमकी नहीं दी है, लेकिन भारत पर अमेरिकी उत्पादों के आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के आरोप लगाए हैं।
अक्तूबर 2024: ट्रंप ने पिछले साल एक चुनाव प्रचार के दौरान भारत पर अमेरिकी उत्पादों पर सबसे ज्यादा आयात शुल्क लगाने का आरोप लगाया था। ट्रंप ने कहा था, "हम वास्तव में शुल्क नहीं लेते हैं। चीन हमसे 200 प्रतिशत आयात शुल्क वसूलेगा। ब्राजील आयात शुल्क लेने में काफी आगे है। मगर सबसे अधिक आयात शुल्क लेने वाला देश भारत है। भारत बहुत अधिक आयात शुल्क लेता है। हमारे भारत के साथ अच्छे संबंध हैं। खासकर मोदी से। वह एक महान नेता, महान शख्स हैं। वास्तव में वह एक महान व्यक्ति हैं। उन्होंने दोनों देशों को एकजुट किया। उन्होंने बहुत अच्छा काम किया, मगर वे शायद उतना ही शुल्क भी लेते हैं।" पढ़ें पूरी खबर।
दिसंबर 2024: ट्रंप ने व्हाइट हाउस में वापसी की तैयारी करते हुए भारत पर अमेरिकी उत्पादों पर अधिक शुल्क लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने भारत को जबरदस्त टैरिफ लगाने वाला देश कहा और चेतावनी दी कि अगर भारत अमेरिकी वस्तुओं पर अपने शुल्क कम नहीं करता है, तो अमेरिका भी जवाबी शुल्क लगाएगा।
अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी पेश करने से लेकर राष्ट्रपति बनने के बाद तक डोनाल्ड ट्रंप कई बार व्यापार युद्ध के संदर्भ में भारत का नाम ले चुके हैं। उन्होंने इसे लेकर सीधे तौर पर कोई धमकी नहीं दी है, लेकिन भारत पर अमेरिकी उत्पादों के आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के आरोप लगाए हैं।
अक्तूबर 2024: ट्रंप ने पिछले साल एक चुनाव प्रचार के दौरान भारत पर अमेरिकी उत्पादों पर सबसे ज्यादा आयात शुल्क लगाने का आरोप लगाया था। ट्रंप ने कहा था, "हम वास्तव में शुल्क नहीं लेते हैं। चीन हमसे 200 प्रतिशत आयात शुल्क वसूलेगा। ब्राजील आयात शुल्क लेने में काफी आगे है। मगर सबसे अधिक आयात शुल्क लेने वाला देश भारत है। भारत बहुत अधिक आयात शुल्क लेता है। हमारे भारत के साथ अच्छे संबंध हैं। खासकर मोदी से। वह एक महान नेता, महान शख्स हैं। वास्तव में वह एक महान व्यक्ति हैं। उन्होंने दोनों देशों को एकजुट किया। उन्होंने बहुत अच्छा काम किया, मगर वे शायद उतना ही शुल्क भी लेते हैं।" पढ़ें पूरी खबर।
दिसंबर 2024: ट्रंप ने व्हाइट हाउस में वापसी की तैयारी करते हुए भारत पर अमेरिकी उत्पादों पर अधिक शुल्क लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने भारत को जबरदस्त टैरिफ लगाने वाला देश कहा और चेतावनी दी कि अगर भारत अमेरिकी वस्तुओं पर अपने शुल्क कम नहीं करता है, तो अमेरिका भी जवाबी शुल्क लगाएगा।
दिसंबर 2024: एक बयान में, ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर जवाबी शुल्क लगाने की धमकी दी। उन्होंने भारत की व्यापारिक नीतियों को अनुचित बताया, विशेष तौर पर उन ऊंचे टैरिफ को लेकर जो भारत अमेरिकी उत्पादों पर लगाता है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यदि भारत शुल्क कम नहीं करता, तो अमेरिका भी प्रतिस्पर्धी शुल्क लागू करेगा।
US: 'अगर कोई हम पर ज्यादा कर लगाता है तो हम भी उन पर उतना ही टैक्स लगाएंगे', ट्रंप की दो टूक; भारत का भी जिक्र
जनवरी 2025: पिछले हफ्ते ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन के साथ भारत और दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील का नाम लेते हुए कहा था कि ये देश सबसे ज्यादा टैरिफ लगाते हैं। फ्लोरिडा में रिपब्लिकन पार्टी के एक कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हम उन देशों और बाहरी लोगों पर टैरिफ लगाने जा रहे हैं, जो हमें नुकसान पहुंचाएंगे। हालांकि वे अपने देश के लिए अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन उससे हमें नुकसान हो सकता है।" ट्रंप ने कहा कि दूसरे देश क्या कर रहे हैं, चीन अच्छा टैरिफ लगाने वाला देश है और इसी तरह भारत और ब्राजील समेत कई देश ऐसा करते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि हमारी नीति अमेरिका फर्स्ट की है।
Donald Trump: ट्रंप ने फिर दी धमकी- जो देश हमें नुकसान पहुंचाएगा, उस पर टैरिफ लगाएंगे; भारत-चीन का भी लिया नाम
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जनवरी 2025: पिछले हफ्ते ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन के साथ भारत और दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील का नाम लेते हुए कहा था कि ये देश सबसे ज्यादा टैरिफ लगाते हैं। फ्लोरिडा में रिपब्लिकन पार्टी के एक कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हम उन देशों और बाहरी लोगों पर टैरिफ लगाने जा रहे हैं, जो हमें नुकसान पहुंचाएंगे। हालांकि वे अपने देश के लिए अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन उससे हमें नुकसान हो सकता है।" ट्रंप ने कहा कि दूसरे देश क्या कर रहे हैं, चीन अच्छा टैरिफ लगाने वाला देश है और इसी तरह भारत और ब्राजील समेत कई देश ऐसा करते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि हमारी नीति अमेरिका फर्स्ट की है।
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