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Russia Ukraine War: रूस के आक्रमण के बाद से यूक्रेन में नहीं हुए चुनाव, जानिए क्या कहता है देश का कानून

Tue, 01 Apr 2025 02:01 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 01 Apr 2025 02:01 AM IST
सार

Russia Ukraine War: रूस के आक्रमण के कारण यूक्रेन में राष्ट्रपति और संसदीय चुनाव नहीं हो सके, क्योंकि मार्शल लॉ के तहत युद्धकाल में चुनाव कराना असंभव है। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का कहना है कि जब तक युद्धविराम नहीं होता, तब तक चुनाव संभव नहीं हैं, जबकि रूस राष्ट्रपति के रूप में उनकी वैधता पर सवाल उठा रहा है। यूक्रेनी संसद ने भी जेलेंस्की को राष्ट्रपति के रूप में मान्यता दी है।

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Ukraine hasn't held elections since Russia's full-scale invasion. Here's why
वोलोदिमीर जेलेंस्की - फोटो : x/@ZelenskyyUa

विस्तार

अगर रूस ने यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण नहीं किया होता, तो राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को 2024 के वसंत में दोबारा चुनाव का सामना करना पड़ा। लेकिन अब रूस उनके शासन की वैधता पर सवाल उठाकर इसे अपने प्रचार के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी जेलेंस्की को 'बिना चुनाव वाला तानाशाह' बताया था। हालांकि, बाद में अपने बयान से पलटते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा। 

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यह पहली बार नहीं है जब पश्चिमी नेताओं ने राष्ट्रपति जेलेंस्की के कार्यकाल को लेकर चिंता जताई है। खासकर जब से युद्ध के लिए सरकार की नीतियों को संभालने और दिशा देने के लिए जेलेंस्की के कार्यालय ने अपने अधिकार को और मजबूत किया है, जो मार्शल लॉ के तहत हुआ है।
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मार्शल लॉ के कारण यूक्रेन में राष्ट्रपति और संसदीय चुनाव नहीं हो सकते। यूक्रेनी संविधान के मुताबिक, जब तक युद्ध जारी रहेगा, चुनाव नहीं कराए जा सकते हैं। अक्तूबर 2023 में संसदीय और मई 2024 में राष्ट्रपति चुनाव होने थे, लेकिन युद्ध की स्थिति को देखते हुए यह चुनाव नहीं हो सके थे। 


जेलेंस्की ने कहा कि जब रूस के साथ युद्धविराम होगा, तभी चुनाव कराए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यूक्रेन को नाटो की सदस्यता मिलती है, तो वे राष्ट्रपति पद से हटने को तैयार हैं। युद्ध के बीच चुनाव कराना मुश्किल होगा, क्योंकि लाखों यूक्रेनी नागरिक देश छोड़ चुके हैं। बड़ी आबादा रूसी कब्जे वाले इलाकों में है और सैनिकों मोर्चों पर तैनात हैं। 

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यूक्रेन की संसद ने एक प्रस्ताव पारित कर जेलेंस्की को राष्ट्रपति के रूप में वैध घोषित किया और कहा कि जब तक युद्ध खत्म नहीं होता, चुनाव नहीं हो सकते। जेलेंस्की के सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी पूर्व सेना प्रमुख वालेरी जालुजनी हैं, जो फिलहार ब्रिटेन में यूक्रेन के राजदूत हैं। विपक्षी दल के नेता पेट्रो पोरोशेंको भी जेलेंस्की के प्रमुख विरोधी हैं, लेकिन उनके खुद चुनाव लड़ने की संभावना कम है। 

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