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US: DOGE के अधिकारी को बनाया गया 'यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस' का प्रमुख, संघीय अदालत में दी गई चुनौती
Tue, 01 Apr 2025 12:38 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 01 Apr 2025 12:38 AM IST
सार
US: एलन मस्क के नेतृत्व वाले सरकारी दक्षता विभाग से जुड़े एक अधिकारी को यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस का प्रमुख बनाया गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे बंद करने की बनाई थी। इस फैसले के खिलाफ संघीय अदालत में याचिका दायर की गई। संस्थान के 300 कर्मचारियों को पहले ही हटा दिया गया था।
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डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
दिग्गज कारोबारी एलन मस्क के नेतृत्व वाले सरकारी दक्षता विभाग से जुड़े एक अधिकारी को 'यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस' का प्रमुख बना दिया गया। इस खिलाफ सोमवार को एक संघीय अदालत में याचिका दायर की गई। यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ फीस को कांग्रेस (संसद) ने बनाया था। इस थिंक टैंक को कांग्रेस ही वित्तपोषित करती है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे निशाना बनाते रहे हैं।
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दायर याचिका के मुताबिक, इंस्टीट्यूट ऑफ पीस के दो बोर्ड सदस्यों ने इसके कार्यवाहक अध्यक्ष को हटाकर नेट कैवनॉ को नुय्कित करने की मंजूरी दी है। इसके साथ, उन्हें संस्थान की संपत्ति को सामान्य सेवा प्रशासन (जीएसए) को स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया है। जीएसए संघीय सरकार की रियल एस्टेट प्रबंधक है, जो सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) के आदेश पर सैकड़ों अनुबंधों को खत्म कर रही है। याचिका में यूएस डिस्ट्रिक्ट जज बेरेल बाउल से इस कार्रवाई को रोकने या स्थिति पर चर्चा करने के लिए एक कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का अनुरोध किया गया है। व्हाइट हाउस ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है।
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यह कदम शुक्रवार की रात की उस घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें इंस्टीट्यूट ऑफ पीस के करीब 300 कर्मचारियों को एक साथ निकाल दिया गया था। पूर्व कर्मचारियों का कहना है कि कुछ कर्मचारियों को इसके बारे में सूचना नहीं दी गई। जिनमें वो लोग भी शामिल हैं, जो विदेश में थे और उन्हें नौ अप्रै तक अमेरिका लौटने का समय दिया गया है।
दो पूर्व कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर एसोसिएटेड प्रेस से बातचीत में कहा कि उन्हें निजी ईमेल के जरिए सूचित किया गया, क्योंकि संस्थान में उनके सिस्टम को लॉक कर दिया गया था और वे इस महीने की शुरुआत में एक तनावपूर्ण स्थिति के बाद से काम पर नहीं लौट पाए थे। उन्हें सात अप्रैल को अपना निजी सामान हटाने का समय दिया गया है।
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इससे पहले फरवरी में राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकारी आदेश में इंस्टीट्यूट और तीन अन्य एजेंसियों को बंद करने की योजना बनाई गई थी। इसके बाद बोर्ड सदस्यों और संस्थान के अध्यक्ष को बर्खास्त कर दिया गया बाद में कर्मचारियों और सरकारी दक्षता विभाग के सदस्यों के बीच बहस हुई। सरकारी दक्षता विभाग के कर्मचारियों को वॉशिंगटन पुलिस की मदद से इंस्टीट्यूट के मुख्यालय में प्रवेश मिला।
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