Israel-Palestine Conflict: 'दो-राज्य समाधान ही एकमात्र रास्ता', इस्राइल-फलस्तीन विवाद पर बोला संयुक्त राष्ट्र
UN On Israel-Palestine Conflict: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी अपने संबोधन में दोहराया कि फलस्तीन को राज्य का दर्जा देना 'एक अधिकार है, इनाम नहीं', और इसे नकारना चरमपंथियों को बढ़ावा देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि 'यदि दो-राज्य समाधान नहीं हुआ, तो मध्य पूर्व में कभी शांति नहीं होगी।'
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कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन के बाद फ्रांस का एलान
इस बीच, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फलस्तीन को औपचारिक रूप से राज्य के रूप में मान्यता देने की घोषणा की। इससे पहले कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन भी रविवार को यह एलान कर चुके हैं। अब तक 140 से अधिक देश फलस्तीन को मान्यता दे चुके हैं। फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों का यह कदम खास मायने रखता है क्योंकि ये दोनों जी-7 समूह और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य हैं। इमैनुएल मैक्रों ने कहा, 'यह फैसला हमास की हार है। दो-राज्य समाधान ही एकमात्र रास्ता है जिससे इस्राइल और फलस्तीन शांति से रह सकेंगे।'
इस्राइल की कड़ी प्रतिक्रिया
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन घोषणाओं को 'आतंकवाद को इनाम' करार दिया। उन्होंने कहा, '7 अक्तूबर के हमले के बाद फलस्तीन को मान्यता देना आतंकियों को पुरस्कृत करने जैसा है। यह कभी नहीं होगा।' नेतन्याहू ने साफ कहा कि 'जॉर्डन नदी के पश्चिम में कभी फलस्तीनी राज्य नहीं बनेगा।' इस्राइली विदेश मंत्रालय ने भी इन देशों के फैसले को खारिज करते हुए कहा कि शांति तभी संभव है जब फलस्तीनी प्राधिकरण आतंकवाद और भड़काऊ गतिविधियों को पूरी तरह रोके। मंत्रालय का कहना है कि 'राजनीतिक दिखावे' की बजाय देशों को हमास पर दबाव डालना चाहिए कि वह बंधकों को छोड़े और अपने हथियार डाले।
इस्राइल-फलस्तीन विवाद पर भारत का रुख
हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा में दो-राज्य समाधान के पक्ष में एक प्रस्ताव लाया गया था। भारत समेत 142 देशों ने इसके पक्ष में मतदान किया था। फलस्तीन के विदेश मंत्रालय ने कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के फैसले का स्वागत करते हुए इसे 'शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम' बताया।
'भारत यूएन में एक महत्वपूर्ण आवाज है'
न्यूयॉर्क में चल रहे संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 80वें सत्र में महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कई अहम मुद्दों पर बयान दिया। इस दौरान दुजारिक ने कहा कि इस बार का बड़ा मुद्दा 'संयुक्त राष्ट्र में सुधार' है, ताकि यह संगठन 2025 की दुनिया के हिसाब से ज्यादा तेज, प्रभावी और प्रतिनिधित्वकारी बने। उन्होंने कहा, 'भारत संयुक्त राष्ट्र प्रणाली का बहुत अहम हिस्सा है। भारत बहुपक्षवाद का मजबूत समर्थक है और महासचिव के भारत सरकार से बहुत अच्छे संबंध हैं। हमारे साथ कई भारतीय सहयोगी भी काम कर रहे हैं। भारत यूएन में एक महत्वपूर्ण आवाज है।'
#WATCH | New York, USA | On the 80th session of the United Nations General Assembly (UNGA), Spokesperson for UN Secretary-General, Stéphane Dujarric, says, "A big theme of this year is 'reform of this organisation', to make it more nimble, more effective for the people we serve,… pic.twitter.com/yp7lB1mq7f
— ANI (@ANI) September 23, 2025
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भारत की स्थायी सदस्यता और सीमा-पार आतंकवाद
भारत की स्थायी सदस्यता की मांग पर उन्होंने कहा कि महासचिव सुरक्षा परिषद (यूएनएसी) में सुधार का समर्थन करते हैं। 'सुरक्षा परिषद को 1945 नहीं, बल्कि 2025 की दुनिया के हिसाब से बनाया जाना चाहिए। अब इसमें कौन से देश स्थायी सदस्य बनेंगे, यह सदस्य देशों के आपसी फैसले पर निर्भर करेगा।' वहीं पहलगाम आतंकी हमले पर दुजारिक ने कहा, 'महासचिव हर आतंकी हमले की निंदा करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे। हमने आतंकवाद से निपटने के लिए देशों की मदद की है, चाहे वह कानून-व्यवस्था, यात्रा प्रतिबंध या वित्तीय ट्रैकिंग के जरिए हो। आतंकवाद सीमाओं को नहीं मानता, इसलिए इससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है।' वहीं सीमा पार आतंकवाद पर उन्होंने कहा, 'हर देश के लिए जरूरी है कि वह अपनी सीमाओं पर नियंत्रण रखे और पड़ोसियों के साथ शांति से रहे।'
#WATCH | New York, USA | On India’s bid for a permanent seat at the UNSC, Spokesperson for UN Secretary-General, Stéphane Dujarric, says, "The Secretary General is very supportive of the reform of the Security Council to make it more representative of the world of 2025, as… https://t.co/eWHsxMn048 pic.twitter.com/VYgRkWvmz2
— ANI (@ANI) September 23, 2025
#WATCH | New York, USA | On the Pahalgam terror attack and the steps taken by the UN to strengthen the global fight against terrorism, Spokesperson for UN Secretary-General, Stéphane Dujarric, says, "The Secretary General has condemned every terrorist attack that has occurred,… pic.twitter.com/w3z4xwOiZE
— ANI (@ANI) September 23, 2025
#WATCH | New York | On the UN's response to concerns of cross-border terrorism raised by member states like India, Spokesperson for UNSG, Stéphane Dujarric, says, "It is important for every member state to control its own borders and to live in peace with its neighbours." pic.twitter.com/ttlvLpZbqG
— ANI (@ANI) September 23, 2025
'रूस-यूक्रेन युद्ध में कूटनीति एकमात्र हल'
रूस-यूक्रेन युद्ध पर दुजारिक ने कहा, 'इस संघर्ष का एकमात्र हल बातचीत और कूटनीति है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यही संदेश देते रहे हैं। हम चाहते हैं कि यह युद्ध अंतरराष्ट्रीय कानून और यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता के मुताबिक समाप्त हो।' वहीं वैश्विक व्यापार युद्ध और बढ़ते टैरिफ पर उन्होंने कहा, 'व्यापार युद्ध में किसी की जीत नहीं होती। इसका सबसे ज्यादा नुकसान विकासशील देशों को होता है।'
#WATCH | New York, USA | On the Russia-Ukraine war, Spokesperson for UNSG, Stéphane Dujarric, says, "We believe that the only solution to the conflict in Ukraine is through dialogue and diplomacy. We know that is the message that Prime Minister Modi has also been putting forward.… pic.twitter.com/YYrgBqksCB
— ANI (@ANI) September 23, 2025
#WATCH | New York, USA | On the UN's stance on the rising use of tariffs and trade barriers between major economies, especially when they impact developing countries like India, Spokesperson for UNSG, Stéphane Dujarric, says, "In a trade war, there are no winners." pic.twitter.com/rEoHZI5qCh
— ANI (@ANI) September 23, 2025