विदेश के समाचार: साइप्रस हादसे में 8 की मौत, जी20 में अमेरिका की कूटनीतिक कवायद ईरान पर समर्थन जुटाने की मौत
उत्तरी साइप्रस के तट के पास रविवार को करीब 270 यात्रियों और चालक दल को लेकर जा रही एक फेरी समुद्र में पलट गई। हादसे में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 237 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक करीब 22 लोग अभी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है। फेरी के प्रस्थान के 15 मिनट बाद ही उसमें पानी भरने लगा था। खराब मौसम को संभावित कारण बताया गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने जांच के तहत फेरी के कप्तान समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया है। हादसे के बाद बचाव अभियान जारी है।
आइसलैंड के लोगों का ईयू में शामिल होने से इनकार
आइसलैंड के मतदाताओं ने यूरोपीय संघ (ईयू) में शामिल होने के सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। सरकारी प्रसारक आरयूवी ने बताया कि अभी कुछ मतों की गिनती बाकी है, लेकिन इनके नतीजे से परिणाम बदलने की उम्मीद नहीं है। सरकार ने सदस्यता को व्यापार युद्धों और आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा से सुरक्षा के लिए जरूरी बताते हुए इसे अब या कभी नहीं का मौका करार दिया था।
अमेरिका की जेल में बंद वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने पहली बार अपनी तस्वीरें जारी की और संदेश दिया कि वे जेल में मजबूती से डटे हुए हैं। न्यूयॉर्क की ब्रुकलिन जेल में बंद 63 वर्षीय मादुरो ने अपने टेलीग्राम और एक्स अकाउंट पर कुछ तस्वीरें पोस्ट की हैं। इन तस्वीरों में वे ग्रे रंग के ट्रैकसूट में मुस्कुराते हुए और उंगलियों से 'जीत' का इशारा करते दिख रहे हैं। मादुरो ने अपने समर्थकों से कहा, मैं चाहता हूं कि आप जानें कि हम मजबूती से खड़े हैं> वेनेजुएला फिर से उठ खड़ा होगा। बता दें कि जनवरी 2026 में अमेरिकी सेना ने एक गुप्त ऑपरेशन चलाकर मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया था। उन पर ड्रग तस्करी और आतंक फैलाने के आरोप हैं। इस मामले का ट्रायल 1 जून 2027 से शुरू होगा। मादुरो की यह तस्वीर ऐसे समय में आई है जब वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका के साथ एक बहुत बड़ा समझौता किया है। इसके तहत अमेरिका वेनेजुएला के लगभग 65 अरब बैरल के तेल भंडारों पर नियंत्रण या बड़ा हिस्सा हासिल करेगा।
26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में त्सांगबू री के पास ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा टूटने और उसके मलबे से भोटे कोसी-त्रिशूली नदी तंत्र में अचानक बाढ़ आने की घटना ने हिमालय में बढ़ते जलवायु और भूगर्भीय जोखिम की गंभीरता फिर सामने ला दी। वैज्ञानिकों के अनुसार हिमालय अब केवल बर्फ पिघलने की समस्या से नहीं, बल्कि पूरे पर्वतीय तंत्र में हो रहे बदलावों से जूझ रहा है। इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट के अध्ययन बताते हैं कि हिंदूकुश हिमालय क्षेत्र में ग्लेशियर लगातार सिकुड़ रहे हैं। इससे आने वाले दशकों में पानी की उपलब्धता के साथ-साथ ग्लेशियल झीलों के विस्तार और अचानक बाढ़ का जोखिम भी बढ़ रहा है। ग्लेशियर के पीछे हटने के साथ उनकी जगह बड़ी और अस्थिर झीलें बन सकती हैं। इन झीलों के किनारे अक्सर बर्फ, चट्टान और ढीले मलबे से बने होते हैं। भूकंप, अत्यधिक बारिश, हिमस्खलन या चट्टान गिरने से इनके टूटने पर कुछ ही मिनटों में भारी मात्रा में पानी और मलबा नीचे की घाटियों में पहुंच सकता है। तापमान बढ़ने से यह पर्माफ्रॉस्ट पिघल रहा है। इसके कमजोर होने से चट्टानी ढलानों की स्थिरता घट सकती है।
इंडोनेशिया में सिनाबुंग ज्वालामुखी फटा, 3,500 मीटर तक उठा राख और धुएं का गुबार
इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर माउंट सिनाबुंग ज्वालामुखी सोमवार को फट गया। इससे काले राख और धुएं का गुबार करीब 3,500 मीटर तक ऊपर उठा। फिलहाल किसी की मौत, निकासी या उड़ानों में बाधा की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने ज्वालामुखी के छह किलोमीटर के दायरे में लोगों को जाने से बचने की सलाह दी है। कई गांवों में सड़क, वाहन और इमारतें राख से ढक गईं।
जी20 में अमेरिका की कूटनीतिक कवायद ईरान पर समर्थन जुटाने की कोशिश
हालांकि, इस दौरान बेसेंट ने कहा कि वह वैश्विक अर्थव्यवस्था को बढ़ाने और बढ़ते कर्ज पर लगाम लगाने के तरीकों पर ध्यान देना चाहते हैं। इससे पहले रविवार को बेसेंट ने आर्थिक बहिष्कृत अभियान के तहत एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाकर ईरान पर दबाव बढ़ाने की बात कही थी। इसे लेकर उन्होंने सोमवार को दावा किया कि ईरानी अर्थव्यवस्था कुछ हफ्तों या महीनों में दबाव में आ सकती है। इस बीच यूरोपीय संघ ने ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों का समर्थन किया है, लेकिन फ्रांस के वित्त मंत्री रोलैंड लेस्क्योर ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के हालात अभी अनिश्चित और धुंधले हैं।