Trump-Netanyahu Talk: इस्राइली पीएम से मिले ट्रंप, कहा- परमाणु पर ईरान से बात करेगा US; टैरिफ पर चीन को चेताया
US: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करेगा। उन्होंने कहा कि परमाणु हथियार तेहरान के हाथ नहीं लगने चाहिए। उन्होंने टैरिफ को लेकर चीन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चीन अपने टैरिफ नहीं हटाता तो अमेरिका 50% अधिक टैरिफ लगाएगा।
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका अब ईरान से उसके परमाणु कार्यक्रम पर सीधे वार्ता करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह वार्ता सफल नहीं होती है, तो ईरान को 'बहुत बड़ा खतरा' हो सकता है। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलकात के बाद ट्रंप ने पत्रकारो से बातचीत में कहा कि यह वार्ता शनिवार से शुरू होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि तेहरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए।
उन्होंने कहा, हम सीधे उनसे बात कर रहे हैं और शायद एक समझौता हो जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि 'जाहिर तौर पर एक समझौता करना बेहतर रहेगा बजाय इसके कि कोई और कदम उठाना पड़े।' ट्रंप से जब पूछा गया कि अगर उनके वार्ताकार ईरान से कोई समझौता नहीं कर पाते हैं, तो क्या वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करेंगे, तो उन्होंने कहा, 'ईरान को बहुत बड़ा खतरा होगा और मुझे यह कहने में दुख हो रहा है।' उन्होंने यह भी कहा,'अगर वार्ता सफल नहीं होती है, तो मुझे लगता है कि ईरान के लिए यह एक बहुत बुरा दिन होगा।'
ट्रंप ने 2018 में पहले कार्यकाल के दौरान ईरान के साथ परमाणु समझौते से अमेरिका को बाहर कर दिया था। इस समझौते को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की सरकार ने 2015 में ईरान के साथ किया था। वहीं, नेतन्याहू ने ट्रंप के इस प्रयास को समर्थन दिया और कहा कि इस्राइल और अमेरिका का साझा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार न बना पाए। नेतन्याहू ने 2003 में लीबिया के साथ हुए अंतरराष्ट्रीय समझौते का उदाहरण देते हुए कहा कि वह ईरान के साथ भी ऐसा ही कोई समझौता चाहते हैं।
ट्रंप ने यह भी कहा कि वार्ता लगभग उच्चतम स्तर पर होगी। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि यह वार्ता कहां होगी और इसके लिए कौन से प्रतिनिधि भेजे जाएंगे। इस वार्ता की घोषणा तब की गई जब नेतन्याहू एक आपात दौरे पर व्हाइट हाउस पहुंचे, जो पिछले दो महीनों में उनका दूसरा दौरा था। इस दौरान दोनों नेताओं ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम, इस्राइल-हामास युद्ध और दुनिया भर में अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ पर चर्चा की।
टैरिफ को लेकर ट्रंप ने चीन को दी चेतावनी
टैरिफ पर बातचीत के लिए रोक के सवाल पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, हम इस पर विचार नहीं कर रहे हैं। कई देश हैं, जो हमारे साथ सौदे (डील) पर बातचीत करने वाले हैं और वे निष्पक्ष सौदे होने जा रहे हैं और कुछ मामलों में वे पर्याप्त टैरिफ का भुगतान करने जा रहे हैं। वे निष्पक्ष सौदे होंगे। चीन के बारे में, जैसा कि आप जानते हैं, उन्होंने हमारे द्वारा लगाए गए टैरिफ पर 34 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया। मैंने कहा.. अगर यह टैरिफ अगले दिन 12 बजे तक हटाया नहीं गया, तो हम उस पर 50 फीसदी अधिक टैरिफ लगाएंगे। व्हाइट हाउस में जो लोग थे, उनकी वजह से चीन अमीर देश बना।
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ट्रंप ने आगे कहा, राष्ट्रपति शी (जिनपिंग) के साथ मेरे बहुत अच्छे संबंध हैं। मुझे उम्मीद है कि यह ऐसे ही बने रहेंगे। मैं चीन का बहुत सम्मान करता हूं, लेकिन वह ऐसा नहीं करता है। इस मुद्दे पर हमें एक ही मौका मिलेगा और कोई भी अन्य राष्ट्रपति ऐसा नहीं करेगा, जो मैं कर रहा हूं। मैं आपको बता दूं कि ऐसा करना सम्मान की बात है, क्योंकि हम बर्बाद हुए हैं। उन्होंने हमारे सिस्टम के साथ जो किया है, आप जानते हैं। हमारे ऊपर 36 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज है, इसलिए हम चीन से बात करेंगे। हम बहुत से देशों से बातचीत करेंगे।
निष्पक्ष समझौते न करने वाले देश से नहीं रखेंगे कोई संंबंध: ट्रंप
इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, दोनों हो सकते हैं। स्थायी टैरिफ हो सकते हैं और वार्ता भी हो सकती है। हम हर देश के साथ निष्पक्ष और अच्छे समझौते करेंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम उनसे कोई संबंध नहीं रखेंगे।
ये भी पढ़ें: पीयूष गोयल बोले- US पर हमारा प्रभावी टैरिफ सिर्फ 7-8 फीसदी, दुनिया में अफरा-तफरी के लिए चीन जिम्मेदार#WATCH | Washington, DC | During a bilateral meeting with Prime Minister of Israel Benjamin Netanyahu, US President Donald Trump says, "...They can both be true. There could be permanent tariffs, and there could also be negotiations... We're going to get fair deals and good deals… pic.twitter.com/LFOFd2VitV
— ANI (@ANI) April 7, 2025
कई देशों के लिए आदर्श बन सकता है इस्राइल: नेतन्याहू
इस दौरान नेतन्याहू ने कहा, मैं राष्ट्रपति का धन्यवाद करना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे फिर से व्हाइट हाउस आमंत्रित किया। वह एक अद्वितीय मित्र रहे हैं। वह हमारे गठबंधन के महान समर्थक हैं और जो वह कहते हैं, उसे करते भी हैं। हम अमेरिका के साथ व्यापार घाटे को समाप्त करेंगे। हम इसे बहुत जल्दी करना चाहते हैं। हमें लगता है कि यह सही काम है और हम व्यापार बाधाओं को भी समाप्त करेंगे। मुझे लगता है कि इस्राइल कई देशों के लिए एक आदर्श बन सकता है, जिन्हें वही करना चाहिए।
ट्रंप ने यूरोपीय संघ पर फिर साधा निशाना
यूरोपीय संघ वर्षों से बहुत सख्त रहा है। इसको अमेरिका के व्यापार को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया गया था। यह यूरोप के सभी देशों के साथ मिलकर बनाया गया था। मुझे लगता है कि ज्यादातर देशों ने मिलकर एक तरह की एकाधिकार स्थिति बनाने के लिए काम किया, ताकि अमेरिका के व्यापार के खिलाफ एकजुट ताकत बनाई जा सके...यूरोपीय संघ ने हमारे साथ बहुत बुरा किया है। वे हमारी कारों को अपने बाजार में नहीं आने देते, जैसे जापान करता है। वे हमारे कृषि उत्पादों को भी नहीं आने देते; व्यावहारिक रूप से वे कुछ भी नहीं करते। वे लाखों-लाखों कारें अमेरिका भेज रहे हैं, लेकिन हमारे पास कोई भी कार नहीं है जो यूरोपीय संघ या अन्य जगहों पर बेची जाती हो।
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