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Suvendu Adhikari: टीएमसी के आरोपों पर सीएम शुभेंदु अधिकारी का पलटवार, मनोज अग्रवाल की नियुक्ति पर दिया ये जवाब

Tue, 12 May 2026 03:53 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Tue, 12 May 2026 03:53 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल के नए मुख्य सचिव के रूप में पूर्व सीईओ मनोज अग्रवाल की नियुक्ति पर सियासी घमासान मच गया है। टीएमसी ने इसे चुनाव में भाजपा का साथ देने का इनाम बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। वहीं, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पलटवार करते हुए कहा है कि अग्रवाल राज्य के सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं और भाजपा सरकार पूरी तरह से कानून और प्रशासनिक नियमों के तहत ही काम कर रही है।

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TMC objection former CEO Manoj Agarwal appointment CM Suvendu Adhikari says senior-most civil servant of state
शुभेंदु अधिकारी - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। इस फैसले पर मुख्य विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कड़ी आपत्ति जताई है। टीएमसी का सीधा आरोप है कि हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा का कथित तौर पर साथ देने का इनाम उन्हें दिया गया है। इन सब आरोपों के बीच पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी को जवाब दिया है।
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मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मनोज अग्रवाल की नियुक्ति का पर कहा कि मनोज अग्रवाल सिर्फ एक पूर्व सीईओ नहीं हैं, बल्कि वह राज्य के सबसे वरिष्ठ सिविल सेवक भी हैं। उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए स्पष्ट किया कि अगर किसी को कोई परेशानी है, तो वह जाकर दूसरों से बात करे। सीएम ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि भाजपा की सरकार पूरी तरह से कानून और नियमों के दायरे में रहकर काम कर रही है। मनोज अग्रवाल 1990 बैच के अनुभवी आईएएस अधिकारी हैं। प्रशासनिक नियमों के मुताबिक वरिष्ठता के आधार पर ही उन्हें मुख्य सचिव का यह अहम पद सौंपा गया है। भाजपा सरकार ने साफ कर दिया है कि वह विपक्ष के दबाव में नियमों से कोई भी समझौता नहीं करेगी।
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मनोज अग्रवाल की नियुक्ति पर टीएमसी को क्या आपत्ति?
इस पूरी नियुक्ति पर टीएमसी के नेताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। टीएमसी का गंभीर आरोप है कि मनोज अग्रवाल ने विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के पक्ष में काम किया था। उनका कहना है कि जिस अधिकारी ने चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराने की कसम खाई थी, उसे अब भाजपा सरकार में सबसे बड़ा और ताकतवर प्रशासनिक पद दे दिया गया। टीएमसी के सांसदों और कई बड़े नेताओं ने इसे पूरी तरह से गलत कहा। उनका कहना है कि यह सीधे तौर पर चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। टीएमसी का मानना है कि यह प्रशासनिक नियुक्ति एकतरफा है और यह सीधे तौर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ उठाया गया कदम है।
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मुख्य सचिव बनाए गए आईएएस अधिकारी मनोज अग्रवाल कौन?
मनोज अग्रवाल 1990 बैच के एक बेहद अनुभवी और तेजतर्रार आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार में कई अहम और बड़े विभागों को बहुत अच्छे से संभाला है। इनमें कार्मिक, प्रशासनिक सुधार, खाद्य, अग्नि और आपातकालीन सेवाएं और वन विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने राज्य राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष के तौर पर भी शानदार काम किया है। उन्होंने अपनी पढ़ाई आईआईटी (IIT) से की है और उन्हें एक बहुत ही कड़क और बेहतरीन प्रशासक माना जाता है। विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अहम भूमिका निभाई थी। उनके नेतृत्व में ही राज्य में चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराए गए थे।


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