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Ukraine: यूरोपीय संघ में शामिल हो सकता है यूक्रेन, रूस को कोई आपत्ति नहीं; 90 फीसदी शांति समझौते पर बनी सहमति
Mon, 15 Dec 2025 11:44 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 15 Dec 2025 11:44 PM IST
सार
यूक्रेन शांति समझौते के ड्राफ्ट के 90 फीसदी हिस्से पर सहमति बनने की बात कही जा रही है। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि यूक्रेन के यूरोपीय संघ का हिस्सा बनने पर रूस को कोई आपत्ति नहीं है। इससे पहले यूक्रेन नाटो में शामिल होने की जिद भी छोड़ चुका है।
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वोलोदिमिर जेलेंस्की, राष्ट्रपति, यूक्रेन
- फोटो : एएनआई
विस्तार
रूस ने संकेत दिए हैं कि यूक्रेन संभावित शांति समझौते के तहत यूरोपीय संघ का हिस्सा बन सकता है और उसे कोई आपत्ति नहीं है। अमेरिकी अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया कि शांति योजना के 90 प्रतिशत प्रावधानों पर सहमति बन गई है और कुछ ही मुद्दे बाकी हैं। अधिकरियों ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और उनकी टीम के बीच सुरक्षा गारंटी पर मतभेदों को कम करने की दिशा में अच्छी प्रगति हुई है।
अमेरिकी अधिकारियों ने दिए बातचीत आगे बढ़ने के संकेत
गौरतलब है कि अभी तक यूक्रेन, नाटो में शामिल होने की बात पर अड़ा था। हालांकि अब उसने अपनी यह जिद छोड़ने के संकेत दिए हैं। साथ ही पूर्वी डोनबास इलाके में जमीन छोड़ने की बात पर भी विस्तृत चर्चा हुई। कुशनर और विटकॉफ सोमवार रात (स्थानीय समयनुसार) में यूक्रेन के साथ-साथ ब्रिटिश, जर्मन और फ्रांसीसी नेताओं के साथ शांति समझौते पर आगे की बातचीत करेंगे। राष्ट्रपति ट्रंप के भी इस डिनर में शामिल होने की उम्मीद है। जल्द ही वार्ताकार और मध्यस्थ अमेरिका के मियामी में एक बार फिर मुलाकात करेंगे।
जमीन छोड़ने को तैयार नहीं यूक्रेन
यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने के समझौते को अमेरिकी सीनेट में पेश किया जाएगा। हालांकि अभी ये साफ नहीं है कि ये समझौता संधि के रूप में होगा या नहीं, क्योंकि संधि के रूप में होने पर इसे सीनेट से दो तिहाई मतों से मंजूरी की जरूरत होगी। वहीं जेलेंस्की ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी पश्चिमी सुरक्षा गारंटी को कानूनी रूप से बाध्यकारी होना चाहिए और अमेरिकी कांग्रेस द्वारा समर्थित होना चाहिए। अमेरिका की तरफ से यूक्रेन पर डोनेट्स्क क्षेत्र को रूस को देने का दबाव डाला जा रहा है, लेकिन यूक्रेन इसे खारिज करता आ रहा है और इस क्षेत्र से रूसी सेनाओं की वापसी की मांग कर रहा है।
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ये भी पढ़ें- Russia-India: पुतिन की भारत के साथ अहम सैन्य समझौते को मंजूरी, बना संघीय कानून; जानें क्या है RELOS एग्रीमेंट?
नाटो सदस्यता की जिद छोड़ी
यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों के बीच राष्ट्रपति जेलेंस्की ने साफ संदेश दिया है कि उनके देश के लिए सबसे अहम उसकी जमीन और संप्रभुता है। नाटो सदस्यता को लेकर लचीलापन दिखाते हुए जेलेंस्की ने कहा कि अगर पश्चिमी देश ठोस सुरक्षा गारंटी दें तो यूक्रेन नाटो की सदस्यता की जिद छोड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने रूस को जमीन देने के अमेरिकी दबाव को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि यह यूक्रेन के लिए स्वीकार्य नहीं है।
'यूक्रेन को अपने अधीन करना चाहते हैं पुतिन'
ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI6 के प्रमुख ब्लेज मेट्रेवेली ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन पर रूस के युद्ध को खत्म करने की कोशिशों में रुकावट डाल रहे हैं, और ऐसी चालों से पश्चिम को परख रहे हैं जो युद्ध की सीमा से ठीक नीचे हैं। ब्लेज मेट्रेवेली ने कहा कि पुतिन संघर्ष को रोकने के लिए बातचीत को लंबा खींच रहे हैं और वे यूक्रेन को अपने अधीन करने और NATO सदस्यों को परेशान करना चाहते हैं। मेट्रेवेली ने मॉस्को पर दूसरे देशों के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर साइबर हमले, यूरोपीय हवाई अड्डों के आसपास ड्रोन घुसपैठ, आगजनी, तोड़फोड़ और गलत सूचना के अभियान और विदेशी समुद्री सीमाओं में आक्रामक गतिविधियों को प्रायोजित करने का आरोप लगाया।
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अमेरिकी अधिकारियों ने दिए बातचीत आगे बढ़ने के संकेत
गौरतलब है कि अभी तक यूक्रेन, नाटो में शामिल होने की बात पर अड़ा था। हालांकि अब उसने अपनी यह जिद छोड़ने के संकेत दिए हैं। साथ ही पूर्वी डोनबास इलाके में जमीन छोड़ने की बात पर भी विस्तृत चर्चा हुई। कुशनर और विटकॉफ सोमवार रात (स्थानीय समयनुसार) में यूक्रेन के साथ-साथ ब्रिटिश, जर्मन और फ्रांसीसी नेताओं के साथ शांति समझौते पर आगे की बातचीत करेंगे। राष्ट्रपति ट्रंप के भी इस डिनर में शामिल होने की उम्मीद है। जल्द ही वार्ताकार और मध्यस्थ अमेरिका के मियामी में एक बार फिर मुलाकात करेंगे।
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जमीन छोड़ने को तैयार नहीं यूक्रेन
यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने के समझौते को अमेरिकी सीनेट में पेश किया जाएगा। हालांकि अभी ये साफ नहीं है कि ये समझौता संधि के रूप में होगा या नहीं, क्योंकि संधि के रूप में होने पर इसे सीनेट से दो तिहाई मतों से मंजूरी की जरूरत होगी। वहीं जेलेंस्की ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी पश्चिमी सुरक्षा गारंटी को कानूनी रूप से बाध्यकारी होना चाहिए और अमेरिकी कांग्रेस द्वारा समर्थित होना चाहिए। अमेरिका की तरफ से यूक्रेन पर डोनेट्स्क क्षेत्र को रूस को देने का दबाव डाला जा रहा है, लेकिन यूक्रेन इसे खारिज करता आ रहा है और इस क्षेत्र से रूसी सेनाओं की वापसी की मांग कर रहा है।
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नाटो सदस्यता की जिद छोड़ी
यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों के बीच राष्ट्रपति जेलेंस्की ने साफ संदेश दिया है कि उनके देश के लिए सबसे अहम उसकी जमीन और संप्रभुता है। नाटो सदस्यता को लेकर लचीलापन दिखाते हुए जेलेंस्की ने कहा कि अगर पश्चिमी देश ठोस सुरक्षा गारंटी दें तो यूक्रेन नाटो की सदस्यता की जिद छोड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने रूस को जमीन देने के अमेरिकी दबाव को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि यह यूक्रेन के लिए स्वीकार्य नहीं है।
'यूक्रेन को अपने अधीन करना चाहते हैं पुतिन'
ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI6 के प्रमुख ब्लेज मेट्रेवेली ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन पर रूस के युद्ध को खत्म करने की कोशिशों में रुकावट डाल रहे हैं, और ऐसी चालों से पश्चिम को परख रहे हैं जो युद्ध की सीमा से ठीक नीचे हैं। ब्लेज मेट्रेवेली ने कहा कि पुतिन संघर्ष को रोकने के लिए बातचीत को लंबा खींच रहे हैं और वे यूक्रेन को अपने अधीन करने और NATO सदस्यों को परेशान करना चाहते हैं। मेट्रेवेली ने मॉस्को पर दूसरे देशों के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर साइबर हमले, यूरोपीय हवाई अड्डों के आसपास ड्रोन घुसपैठ, आगजनी, तोड़फोड़ और गलत सूचना के अभियान और विदेशी समुद्री सीमाओं में आक्रामक गतिविधियों को प्रायोजित करने का आरोप लगाया।
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