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70 अफसरों के ठेंगे पर सरकार का फरमान, नहीं दिया संपत्ति का ब्योरा
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Thu, 04 May 2017 02:08 PM IST
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सीएम योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री के निर्देश व मुख्य सचिव की बार-बार की हिदायत का भी कई आईएएस अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ। कई बार मौका दिए जाने के बावजूद करीब 50 आईएएस अधिकारियों ने चल व 20 से अधिक ने अचल संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे का राजकाज संभालने के बाद आईएएस अधिकारियों को चल संपत्ति का ब्योरा देने का निर्देश दिया था। केंद्र सरकार ने इन अधिकारियों से अचल संपत्ति का ब्योरा अलग से मांगा था। मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने अधिकारियों को छह अप्रैल तक ये सूचनाएं देने को कहा था।
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इसके बाद संपत्ति का ब्योरा देने के लिए तीन बार समय सीमा बढ़ाई गई। अंतिम अवसर 25 अप्रैल भी बीत गया। बुधवार को मुख्य सचिव ने सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों व सचिवों को अपने-अपने विभागों में कार्यरत समस्त कार्मिकों की संपत्ति के ब्योरे के साथ तलब किया था।
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इसमें आईएएस से लेकर सभी काडर के अधिकारी कर्मचारी शामिल थे। हालांकि यह बैठक अंतिम समय में रद्द हो गई। अब यह बैठक गुरुवार को होने की संभावना है।
सूत्रों ने बताया कि जिन अधिकारियों ने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है, उनमें ज्यादातर अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। हालांकि प्रमुख सचिव कार्मिक कामरान रिजवी का कहना है कि ज्यादातर अधिकारियों ने सूचना दे दी है। पता कर रहे हैं कि कुल कितने अधिकारियों ने ब्योरा दिया है।
30 तक ब्योरा न देने पर नहीं पाएंगे इंक्रीमेंट
सीएम योगी आदित्यनाथ
वहीं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के जो अधिकारी-कर्मचारी 30 मई तक संपत्ति का ब्योरा नहीं देंगे उनका इंक्रीमेंट रोक दिया जाएगा। इस कार्रवाई से पहले संपत्ति का विवरण न देने वाले अफसरों एवं कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी होगी।
परिवहन निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक (प्रशासन) हरिकेश चौरसिया के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद भी 25 अप्रैल तक अधिकारियों एवं कर्मियों ने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया। अब इसकी अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 मई कर दी गई है।
परिवहन निगम के जो अधिकारी एवं कर्मचारी 30 मई तक ब्योरा नहीं देंगे उनका जुलाई में इंक्रीमेंट रोक दिया जाएगा। यानी अगस्त में मिलने वाली तनख्वाह बिना इंक्रीमेंट के होगी। इस सिलसिले में सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों एवं सेवा प्रबंधकों को भी निर्देशित किया गया है।
परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बुधवार को परिवहन निगम के नोडल अफसरों के कार्य की समीक्षा की। उन्होंने बसों की साफ-सफाई कराने एवं गांव से बस का सीधा कनेक्शन जल्द करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नोडल अफसरों को निर्देशित किया कि जहां भी डग्गामार बस से सवारियां ढोते मिलीं, वहां के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) एवं संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) नपेंगे। उन्होंने ट्राइमेक्स कंपनी पर शिकंजा कसने का निर्देश दिया कि खराब इलेक्ट्रॉनिक्स टिकट मशीन के कारण यात्रियों को दिक्कत हो रही है। कंपनी जल्द नई मशीन मुहैया कराए।
परिवहन निगम के आधुनिक बस अड्डे कैसरबाग सहित कई कार्यों की स्टडी करने के लिए कर्नाटक की टीम बुधवार को लखनऊ पहुंची। यह टीम तीन दिन लखनऊ में ठहर कर स्टडी करेगी। प्रधान प्रबंधक विनीत सेठ के मुताबिक बुधवार को टीम ने मुख्यालय के नियंत्रक कक्ष और कैसरबाग बस अड्डे का निरीक्षण कर स्टडी की।
परिवहन निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक (प्रशासन) हरिकेश चौरसिया के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद भी 25 अप्रैल तक अधिकारियों एवं कर्मियों ने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया। अब इसकी अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 मई कर दी गई है।
परिवहन निगम के जो अधिकारी एवं कर्मचारी 30 मई तक ब्योरा नहीं देंगे उनका जुलाई में इंक्रीमेंट रोक दिया जाएगा। यानी अगस्त में मिलने वाली तनख्वाह बिना इंक्रीमेंट के होगी। इस सिलसिले में सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों एवं सेवा प्रबंधकों को भी निर्देशित किया गया है।
परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बुधवार को परिवहन निगम के नोडल अफसरों के कार्य की समीक्षा की। उन्होंने बसों की साफ-सफाई कराने एवं गांव से बस का सीधा कनेक्शन जल्द करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नोडल अफसरों को निर्देशित किया कि जहां भी डग्गामार बस से सवारियां ढोते मिलीं, वहां के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) एवं संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) नपेंगे। उन्होंने ट्राइमेक्स कंपनी पर शिकंजा कसने का निर्देश दिया कि खराब इलेक्ट्रॉनिक्स टिकट मशीन के कारण यात्रियों को दिक्कत हो रही है। कंपनी जल्द नई मशीन मुहैया कराए।
परिवहन निगम के आधुनिक बस अड्डे कैसरबाग सहित कई कार्यों की स्टडी करने के लिए कर्नाटक की टीम बुधवार को लखनऊ पहुंची। यह टीम तीन दिन लखनऊ में ठहर कर स्टडी करेगी। प्रधान प्रबंधक विनीत सेठ के मुताबिक बुधवार को टीम ने मुख्यालय के नियंत्रक कक्ष और कैसरबाग बस अड्डे का निरीक्षण कर स्टडी की।