पाकिस्तान इस समय अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। महंगाई आसमान छू रही है। आयात किया हुआ सामान बंदरगाहों पर अटका हुआ है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में तीन अरब अमेरिकी डॉलर से भी कम धन बचा है। इस बीच, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने विदेशख मंत्रालय को निर्देश जारी किए हैं कि वह विदेश में अपने मिशनों, कार्यालयों और कर्मचारियों की संख्या कम करे और खर्च में 15 फीसदी की कटौती के लिए कदम उठाए। वहीं दूसरी ओर, वित्त मंत्री इशाक डार ने दावा किया है कि उनके सदाबहार दोस्त चीन की ओर से 70 करोड़ डॉलर के कर्ज को मंजूरी दी गई है।
आर्थिक संकट: कंगाल पाक को मिला चीन का साथ, वित्त मंत्री डार का दावा- 70 करोड़ डॉलर के कर्ज को मिली मंजूरी
राष्ट्रीय मितव्ययिता समिति (एनएसी) ने विदेश में मिशनों में कटौती करने के कदम की सिफारिश की है। इस समिति का गठन प्रधानमंत्री शरीफ ने मौजूदा वित्तीय संकट के मद्देनजर देश के लिए मितव्ययिता उपायों का सुझाव देने के लिए किया था।
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एनएसी ने की कटौती करने के कदम की सिफारिश
देश के एक प्रमुख समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से मंगलवार को 'रेशनेलाइजेशन ऑफ फॉरेन मिशन अब्रोड' नाम के शीर्षक के साथ निर्देश जारी किए गए। इसमें दो सप्ताह के भीतर इस मामले में एक सुविचारित प्रस्ताव या योजना बनाने की बात कही गई है। राष्ट्रीय मितव्ययिता समिति (एनएसी) ने विदेश में मिशनों में कटौती करने के कदम की सिफारिश की है। इस समिति का गठन प्रधानमंत्री शरीफ ने मौजूदा वित्तीय संकट के मद्देनजर देश के लिए मितव्ययिता उपायों का सुझाव देने के लिए किया था।
मिशनों पर होने वाले खर्च में होगी 15 फीसदी कटौती
समिति ने यह भी सिफारिश की है कि विदेशों में पाकिस्तानी मिशनों पर होने वाले खर्च में 15 फीसदी की कटौती की जाए। एनएसी ने विदेशी मिशनों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या में कमी करने के उपायों की भी सिफारिश की है। 10 फरवरी तक पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक (एसबीपी) के पास भंडार में केवल 3.2 बिलियन अमेरिकी डालर थे, जो केवल तीन सप्ताह के आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त थे। पाकिस्तान में भुगतान संतुलन की पुरानी समस्या है जो पिछले साल से बढ़ गई, जब देश का विदेशी मुद्रा भंडार महत्वपूर्ण स्तर तक गिर गया।
डॉलर की निकासी के लिए सरकार ने लगाए प्रतिबंध
शहबाज सरकार और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के बीच नौ राउंड की बैठक हो चुकी है। लेकिन बेलआउट पैकेज पर कोई सहमति नहीं बन सकी है। इसे देश को डिफॉल्ट होने से रोकने के लिए जरूरी माना जा रहा है। डॉलर की निकासी को रोकने के लिए सरकार ने प्रतिबंध लगाए हैं। केवल जरूरी खाद्य पदार्थों और दवाओं के आयात की अनुमति दी है। संघीय सरकार जनता पर टैक्स में वृद्धि करके सरकारी खर्चों को कम करने के लिए अपने खर्च में कटौती करने के उपायों को लागू करने के लिए तैयार है।
चीन विकास बैंक से मिली 700 करोड़ डॉलर के कर्ज की मंजूरी: डार
वित्त मंत्री इशाक डार ने बुधवार को घोषणा की कि उनके सदाबहार सहयोगी चीन ने पाकिस्तान को 70 करोड़ डॉलर के कर्ज को मंजूरी दे दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और चीन विकास बैंक (चाइना डेवलपमेंट बैंक) के बोर्ड ने पाकिस्तान को 700 करोड़ डॉलर की सुविधा को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि यह धन राशि इस हफ्ते केंद्रीय बैंक एसबीपी को हासिल होने की उम्मीद है, जो अपना मुद्रा भंडार बढ़ाएगा।
डार की ओर से यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में एक दिन पहले धन विधेयक पारित किया गया। इसका उद्देश्य आर्थिक मंदी से बचने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 1.1 अरब डॉलर की ऋण सुविधा हासिल करना और कर राजस्व (टैक्स रेवेन्यू) को बढ़ाना है।