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नासा का रोमन स्पेस टेलीस्कोप लॉन्च: खोजेगा ब्रह्मांड के छिपे अनोखे गहरे राज, खुलेगा डार्क मैटर का रहस्य?

Sun, 30 Aug 2026 06:14 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, केप कर्निवाल।
पीटीआई, केप कर्निवाल। Published by: राकेश कुमार Updated Sun, 30 Aug 2026 06:14 PM IST
सार

नासा ने 4.3 बिलियन डॉलर की लागत वाले अपने सबसे आधुनिक 'रोमन स्पेस टेलीस्कोप' को स्पेसएक्स के फाल्कन हैवी रॉकेट से सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। 16 लाख किलोमीटर दूर तैनात होने वाला यह टेलीस्कोप हबल से 100 गुना ज्यादा बड़े विजन और अभूतपूर्व रफ्तार से काम करेगा। इसका मुख्य मकसद ब्रह्मांड के अज्ञात ग्रहों, अनसुलझी डार्क एनर्जी और डार्क मैटर के रहस्यों को उजागर करना है।
 

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nasa launches roman space telescope dark energy exploration
नासा की नई उड़ान - फोटो : @AI/अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिका के केप केनावेरल स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से रविवार की सुबह नासा का नया और बेहद खास 'रोमन स्पेस टेलीस्कोप' सफलतापूर्वक लॉन्च हो गया। करीब 4.3 बिलियन डॉलर (लगभग 36 हजार करोड़ रुपये) की लागत से तैयार इस टेलीस्कोप को स्पेसएक्स के शक्तिशाली 'फाल्कन हैवी' रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया।
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16 लाख किलोमीटर दूर 'वेब टेलीस्कोप' के पास बनेगा ठिकाना
इस टेलीस्कोप को पृथ्वी से लगभग 16 लाख किलोमीटर (10 लाख मील) दूर स्थित एक खास ऑब्जर्वेशन पॉइंट पर तैनात किया जाएगा। यह वही जगह है जहां नासा का प्रसिद्ध 'वेब स्पेस टेलीस्कोप' पहले से काम कर रहा है। बस के आकार के इस टेलीस्कोप को अपनी मंजिल तक पहुंचने में लगभग तीन महीने से ज्यादा का समय लगेगा।
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हबल से 100 गुना बड़ा विजन, चुटकियों में समेटेगा ब्रह्मांड
नासा की साइंस मिशन डायरेक्टर निक्की फॉक्स के मुताबिक, रोमन टेलीस्कोप की देखने की क्षमता हबल टेलीस्कोप से 100 गुना ज्यादा चौड़ी है। जो काम हबल टेलीस्कोप को करने में 100 साल लगते, रोमन टेलीस्कोप उसे महज एक महीने में पूरा कर लेगा। यह टेलीस्कोप हजारों सुपरनोवा, अरबों आकाशगंगाओं और अनगिनत तारों की खोज बेहद सटीकता से करेगा।
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डार्क एनर्जी और डार्क मैटर के रहस्यों से उठेगा पर्दा?
वैज्ञानिकों का मानना है कि रोमन टेलीस्कोप ब्रह्मांड के उन छिपे हुए हिस्सों यानी 'डार्क मैटर' और 'डार्क एनर्जी' पर रोशनी डालेगा, जो पूरे ब्रह्मांड का अधिकांश हिस्सा बनाते हैं लेकिन अब तक रहस्य बने हुए हैं। यह हमारी आकाशगंगा मिल्की वे के केंद्र का अब तक का सबसे गहरा और सटीक खाका तैयार करेगा।

'मदर ऑफ हबल' नैन्सी ग्रेस रोमन को मिला बड़ा सम्मान
यह नासा का पहला ऐसा स्पेस टेलीस्कोप है जिसका नाम किसी महिला वैज्ञानिक के नाम पर रखा गया है। इसे नासा की पहली चीफ एस्ट्रोनॉमर दिवंगत नैन्सी ग्रेस रोमन की याद में 'रोमन स्पेस टेलीस्कोप' नाम दिया गया है। वैज्ञानिक समुदाय में उन्हें 'मदर ऑफ हबल' भी कहा जाता है। उन्होंने 1959 में नासा ज्वाइन करने के बाद अंतरिक्ष में टेलीस्कोप स्थापित करने की पैरवी की थी।
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