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Voice of America: बंद होने के कगार पर अमेरिकी न्यूज चैनल VOI, ट्रंप प्रशासन ने 639 पत्रकारों को निकाला

Sat, 21 Jun 2025 03:57 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: शुभम कुमार Updated Sat, 21 Jun 2025 03:57 AM IST
सार

अमेरिका की 83 साल पुरानी सरकारी न्यूज एजेंसी वॉयस ऑफ अमेरिका बंद होने की कगार पर है। ट्रंप प्रशासन ने 639 कर्मचारियों को हटाया है। मार्च से अब तक 1,400 लोगों की नौकरी जा चुकी है।

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Layoff notices delivered to hundreds of Voice of America employees News In Hindi
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : एएनआई/रॉयटर्स

विस्तार

अमेरिका की मशहूर और 83 साल पुरानी सरकारी न्यूज एजेंसी वॉयस ऑफ अमेरिका (वीओए) पूरी तरह से बंद होने के कगार पर है। कारण है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रशासन ने वॉयस ऑफ अमेरिका  और उसे चलाने वाली यूएस एजेंसी फोर ग्लोबल मीडिया (यूएसएजीएम) के 639 कर्मचारियों को छंटनी का नोटिस दिया गया। 

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इस साल मार्च से अब तक कुल 1,400 कर्मचारियों की नौकरी जा चुकी है, जो पूरी एजेंसी के 85% कर्मचारियों की संख्या है। ट्रंप प्रशासन की सलाहकार और एजेंसी की वरिष्ठ अधिकारी कारी लेक ने इसे बेहद जरूरी सुधार बताया और कहा कि सरकार अब इस फिजूलखर्च और जवाबदेही से दूर एजेंसी पर जनता का पैसा बर्बाद नहीं करेगी।

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द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुई थी शुरुआत
बता दें कि वीओए की शुरुआत द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी जर्मनी के लोगों को अमेरिकी लोकतंत्र की बातें बताने से हुई थी। समय के साथ यह नेटवर्क दर्जनों भाषाओं में उन देशों में समाचार पहुंचाता रहा, जहां स्वतंत्र प्रेस की परंपरा नहीं थी। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि दुनिया भर में वीओए के प्रसारण की जगह कौन लेगा। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप समर्थक नेटवर्क वन अमेरिका न्यूज (ओएएन) ने अपना सिग्नल देने की पेशकश की है।

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ये भी पढ़ें:- US: ट्रंप प्रशासन को झटका, अमेरिकी कोर्ट ने हार्वर्ड में विदेशी छात्रों के दाखिले पर रोक की योजना पर लगाई रोक

ईरानी सेवा के पत्रकारों के साथ सख्ती
मीडिया रिपोर्ट की माने तो वायस ऑफ अमेरिका की फारसी (पर्शियन) सेवा से जुड़े कुछ पत्रकारों को पिछले सप्ताह अचानक ड्यूटी पर बुलाया गया था, जब ईरान पर इस्राइल का हमला हुआ था। लेकिन शुक्रवार को जब उनमें से कुछ लोग ऑफिस से बाहर निकले, तो उनके पहचान पत्र जब्त कर लिए गए और उन्हें अंदर नहीं लौटने दिया गया। एक कर्मचारी ने डर के कारण ऑफिस छोड़ने से इनकार कर दिया, क्योंकि उन्हें अंदेशा था कि उन्हें भी बाहर कर दिया जाएगा।

न्यायालय में चल रही है लड़ाई
हालांकि कि मामले में तीन वरिष्ठ महिला पत्रकार जेसिका जेरियाट, केट नीपर और पैटसी विडाकुसवारा ने ट्रंप सरकार के खिलाफ अदालत में केस दायर किया है। इन सभी को भी शुक्रवार को नौकरी से निकाल दिया गया। इनका कहना है कि ये अमेरिकी लोकतंत्र और आजादी की आवाज का अंत है।

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अधर में वॉयस ऑफ अमेरिका का भविष्य
वीओए के मुख्य राष्ट्रीय संवाददाता स्टीव हरमैन ने कहा कि सरकार ने अपनी सबसे असरदार सॉफ्ट पावर को खत्म कर दिया है। यह आत्मघाती कदम है। साथ ही हरमैन का मानना है कि अगर भविष्य में डेमोक्रेट सरकार भी आती है, तब भी वोओए का दोबारा शुरू होना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि इस चैनल के बंद होने के बाद लोग दूसरी जगहों से खबरें पढ़ने की आदत डाल लेंगे, जिसके बाद वीओओ को दोबारा याद करना मुश्किल हो जाएगा।

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