फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US court blocks Trump's move to prevent Harvard from hosting international students

US: ट्रंप प्रशासन को झटका, अमेरिकी कोर्ट ने हार्वर्ड में विदेशी छात्रों के दाखिले पर रोक की योजना पर लगाई रोक

Sat, 21 Jun 2025 01:38 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: शुभम कुमार Updated Sat, 21 Jun 2025 01:38 AM IST
सार

अमेरिका की संघीय अदालत ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को बड़ी राहत दी है। इसके तहत कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के द्वारा यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों के दाखिले पर रोक लगाने की योजना पर रोक लगा दी। 

विज्ञापन
US court blocks Trump's move to prevent Harvard from hosting international students
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

अमेरिका मे ंहार्वर्ड यूनिवर्सिटी और ट्रंप प्रशासन के बीच चल रहे विवाद के बीच अमेरिका की एक संघीय अदालत ने यूनिवर्सिटी को बड़ी राहत दी है। इसके तहत को शुक्रवार को अदालत ने ट्रंप प्रशासन की उस योजना पर रोक लगा दी, जिसमें हार्वर्ड को विदेशी छात्रों को दाखिला देने से रोकने की कोशिश की जा रही थी।

विज्ञापन

मामल में अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज एलिसन बरो ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि जब तक कानूनी प्रक्रिया चल रही है, तब तक हार्वर्ड विदेशी छात्रों को पढ़ाना जारी रख सकता है। यह फैसला हार्वर्ड के लिए एक और कानूनी जीत है, जो हाल के महीनों में व्हाइट हाउस की कई नीतियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।

विज्ञापन


संकट में था 7000 विदेशी छात्रों का भविष्य 
इस साल मई में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के खिलाफ केस दर्ज किया था। यह विभाग विदेशी छात्रों को वीजा देने की अनुमति देता है। विभाग ने हार्वर्ड की यह अनुमति रद्द कर दी थी, जिससे करीब 7,000 विदेशी छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले में छात्रों को या तो यूनिवर्सिटी छोड़नी पड़ती या अमेरिका में उनका कानूनी दर्जा खत्म हो जाता। इसके बाद जून में ट्रंप प्रशासन ने एक बार फिर विदेशी छात्रों के हार्वर्ड में दाखिले पर रोक लगाने की कोशिश की, लेकिन अदालत ने इस पर भी अस्थायी रोक लगा दी।

ये भी पढ़ें:- Conflict: ईरान-इस्राइल तनातनी के बीच पुतिन की पहल, ईरान में रूसी कर्मचारियों की सुरक्षा पर नेतन्याहू से समझौता

ट्रंप और हार्वर्ड में टकराव क्यों?
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के बीच लंबे समय से टकराव चला आ रहा है। ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि हार्वर्ड बहुत ज्यादा लिबरल हो गया है और यह यहूदी-विरोधी व्यवहार को नजरअंदाज करता है।

ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड पर लगाई थी रोक
ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड पर लगाए गए आरोपों के आधार पर हार्वर्ड का $2.6 अरब डॉलर का रिसर्च फंड काट दिया, सरकारी कॉन्ट्रैक्ट रद्द किए, यूनिवर्सिटी की टैक्स छूट खत्म करने की धमकी दी, और अप्रैल में हार्वर्ड से विदेशी छात्रों से जुड़े दस्तावेज भी मांगे। इसके बाद जब ट्रंप सरकार को हार्वर्ड की तरफ से मिली जानकारी पर्याप्त नहीं लगी, तो 22 मई को यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट और एक्सचेंज विज़िटर प्रोग्राम सर्टिफिकेशन रद्द कर दिया गया।


हार्वर्ड ने ट्रंप प्रशासन पर लगाए दबाव बनाने का आरोप
मामले में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने इन कार्रवाइयों को गैरकानूनी और बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया था। यूनिवर्सिटी ने कहा कि ट्रंप प्रशासन उस पर दबाव बना रहा था कि वह प्रदर्शन, एडमिशन, फैकल्टी नियुक्ति और अपनी नीतियों में बदलाव करे, जिसे हार्वर्ड ने मानने से इनकार कर दिया।

ये भी पढ़ें:- Geneva Meeting: शीर्ष ईरानी राजनयिक और यूरोपीय देशों की बैठक में कोई ठोस नतीजा नहीं; बातचीत की उम्मीद बरकरार

हाजारों विदेशी छात्रों के लिए राहत

गौरतलब है कि अमेरिकी अदालत का यह फैसला हार्वर्ड के हजारों विदेशी छात्रों के लिए राहत लेकर आया है। साथ ही यह उच्च शिक्षा संस्थानों की स्वतंत्रता और स्वायत्तता की रक्षा की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हार्वर्ड और ट्रंप प्रशासन के बीच यह कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, लेकिन अदालत का यह फैसला यूनिवर्सिटी के लिए एक महत्वपूर्ण जीत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed