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US: वॉशिंगटन में नेशनल गार्ड तैनाती का विवाद गहराया, ट्रंप के आदेश पर कोर्ट में 24 अक्तूबर को अगली सुनवाई
Wed, 08 Oct 2025 06:38 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 08 Oct 2025 06:38 PM IST
सार
US: वॉशिंगटन डीसी की अदालत में यह बहस चल रही है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नेशनल गार्ड की तैनाती वैध थी या नहीं। 23 रिपब्लिकन शासित राज्य ट्रंप के पक्ष में हैं, जबकि 22 डेमोक्रेट शासित राज्य वॉशिंगटन डीसी के साथ खड़े हैं। इसकी सुनवाई 24 अक्तूबर से शुरू होगी।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
वॉशिंगटन डीसी की एक अदालत में राजनीतिक दलों के बीच बहस चल रही है, जो यह तय कर सकती है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की राजधानी में नेशनल गार्ड की जो तैनाती की थी, वह वैध थी या नहीं। कई राज्यों ने वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड की अनिश्चितकालीन तैनाती को चुनौती देने वाले मुकदमे का पक्ष लिया है और उन्होंने जो पक्ष चुना है, वह उनकी राजनीतिक पार्टी की विचारधारा के अनुरूप है।
राष्ट्रपति ट्रंप कई शहरों में सेना भेजने की कोशिश कर रहे हैं और वॉशिंगटन डीसी में की गई कार्रवाई इसी योजना का हिस्सा है। लेकिन यह योजना बहुत विवादित बन गई है और इससे अमेरिका में राजनीतिक और कानूनी मतभेद और भी ज्यादा बढ़ गए हैं।
ये भी पढ़ें: 'अब भारत के साथ कोई सैन्य संघर्ष हुआ तो..', पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने फिर दी गीदड़भभकी
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चार सितंबर को वॉशिंगटन डीसी के अटॉर्नी जनरल ब्रायन श्वाल्ब ने एक मुकदमा दायर किया, जिसमें ट्रंप प्रशासन की ओर से नेशनल गार्ड की तैनाती को चुनौती दी गई है। ट्रंप ने कहा था कि वॉशिंगटन शहर में अपराध नियंत्रण से बाहर हैं। उन्होंने एक आपातकालीन आदेश के तहत यह कदम उठाया था।
हालांकि, ट्रंप का वह आदेश अब समाप्त हो चुका है। लेकिन सैकड़ों सैनिक अभी भी वॉशिंगटन डीसी में तैनात हैं। वॉशिंगटन डीसी अब अदालत से एक अंतरिम आदेश की मांग कर रहा है, ताकि इन सैनिकों की तैनाती रोकी जा सके।
पोर्टलैंड (ओरेगन) और शिकागो में भी नेशनल गार्ड की तैनाती के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है, इसलिए इस मामले पर सबकी नजर बनी हुई है। हालांकि, वॉशिंगटन डीसी एक संघीय जिला है, जो इसे बाकी शहरों से अलग बनाता है। फिर भी यह मुकदमा काफी अहम माना जा रहा है। इस मामले में 24 अक्तूबर से अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी।
ये भी पढ़ें: इस्राइल और हमास की वार्ता तीसरे दिन भी जारी, ट्रंप के दूत के शामिल होने की उम्मीद
राज्यों का समर्थन पार्टी के अनुसार बंटा हुआ है। 23 राज्य ट्रंप प्रशासन के पक्ष में हैं। इन राज्यों का कहना है कि राष्ट्रपति के पास नेशनल गार्ड को तैनात करने का अधिकार है। वहीं, 22 राज्य वॉशिंगटन डीसी के पक्ष में हैं। जो राज्य ट्रंप प्रशासन का समर्थन कर रहे हैं, उनके वकील रिपब्लिकन पार्टी से हैं। वहीं, जिन राज्यों के मुख्य वकील वॉशिंगटन डीसी का समर्थन कर रहे हैं, वे डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं।
ओरेगन के अटॉर्नी जनरल डैन रेफील्ड डेमोक्रेट हैं और वॉशिंगटन डीसी का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हमारे किसी भी शहर में सेना का इस्तेमार करना अस्वीकार्य और अमेरिका के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है, जब तक कि वास्तव में असाधारण परिस्थिति न हो। एक शहर के खिए खतरा हम सभी के लिए खतरा है।
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राष्ट्रपति ट्रंप कई शहरों में सेना भेजने की कोशिश कर रहे हैं और वॉशिंगटन डीसी में की गई कार्रवाई इसी योजना का हिस्सा है। लेकिन यह योजना बहुत विवादित बन गई है और इससे अमेरिका में राजनीतिक और कानूनी मतभेद और भी ज्यादा बढ़ गए हैं।
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चार सितंबर को वॉशिंगटन डीसी के अटॉर्नी जनरल ब्रायन श्वाल्ब ने एक मुकदमा दायर किया, जिसमें ट्रंप प्रशासन की ओर से नेशनल गार्ड की तैनाती को चुनौती दी गई है। ट्रंप ने कहा था कि वॉशिंगटन शहर में अपराध नियंत्रण से बाहर हैं। उन्होंने एक आपातकालीन आदेश के तहत यह कदम उठाया था।
हालांकि, ट्रंप का वह आदेश अब समाप्त हो चुका है। लेकिन सैकड़ों सैनिक अभी भी वॉशिंगटन डीसी में तैनात हैं। वॉशिंगटन डीसी अब अदालत से एक अंतरिम आदेश की मांग कर रहा है, ताकि इन सैनिकों की तैनाती रोकी जा सके।
पोर्टलैंड (ओरेगन) और शिकागो में भी नेशनल गार्ड की तैनाती के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है, इसलिए इस मामले पर सबकी नजर बनी हुई है। हालांकि, वॉशिंगटन डीसी एक संघीय जिला है, जो इसे बाकी शहरों से अलग बनाता है। फिर भी यह मुकदमा काफी अहम माना जा रहा है। इस मामले में 24 अक्तूबर से अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी।
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राज्यों का समर्थन पार्टी के अनुसार बंटा हुआ है। 23 राज्य ट्रंप प्रशासन के पक्ष में हैं। इन राज्यों का कहना है कि राष्ट्रपति के पास नेशनल गार्ड को तैनात करने का अधिकार है। वहीं, 22 राज्य वॉशिंगटन डीसी के पक्ष में हैं। जो राज्य ट्रंप प्रशासन का समर्थन कर रहे हैं, उनके वकील रिपब्लिकन पार्टी से हैं। वहीं, जिन राज्यों के मुख्य वकील वॉशिंगटन डीसी का समर्थन कर रहे हैं, वे डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं।
ओरेगन के अटॉर्नी जनरल डैन रेफील्ड डेमोक्रेट हैं और वॉशिंगटन डीसी का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हमारे किसी भी शहर में सेना का इस्तेमार करना अस्वीकार्य और अमेरिका के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है, जब तक कि वास्तव में असाधारण परिस्थिति न हो। एक शहर के खिए खतरा हम सभी के लिए खतरा है।
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