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US: ट्रंप बोले- मुझे नोबेल पुरस्कार की नहीं, जिंदगियां बचाने की परवाह; अफगानिस्तान-PAK मुद्दे पर कही ये बात
Sat, 18 Oct 2025 08:19 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 18 Oct 2025 08:19 AM IST
सार
US: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि वह अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष को आसानी से सुलझा सकते हैं, जैसे उन्होंने पहले कई युद्ध सुलझाए हैं। ट्रंप ने नोबेल पुरस्कार न मिलने पर कहा कि उन्हें सिर्फ जिंदगियां बचाने की परवाह है, पुरस्कारों की नहीं।
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डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने अब तक आठ संघर्षों को सुलझा लिया है और अब वह अफगानिस्तान व पाकिस्तान के बीच जारी संघर्ष को भी आसानी से हल कर सकते हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह उनके लिए आसान मामला है।
ट्रंप का यह बयान उस समयआया है, जब अफगानिस्तान व पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ा हुआ है। अफगान तालिबान के अधिकारियों ने शुक्रवार देर रात दावा किया कि पाकिस्तान ने संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुए फिर से हमला किया है।
ये भी पढ़ें: पाकिस्तानी हवाई हमले में अफगानिस्तान के तीन क्रिकेटर्स समेत आठ की मौत, दोनों देशों में बढ़ा तनाव
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अमेरिकी राष्ट्रपति ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष खत्म करने का दावा दोहराया। इसके बाद वह अफगानिस्तान-पाकिस्तान के मुद्दे की तरफ आगे बढ़े। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि पाकिस्तान ने हमला किया या अफगानिस्तान के साथ हमले जारी हैं। अगर मुझे इसे हल करना पड़ा तो यह मेरे लिए एक आसान मामला है।
उन्होंने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने कई संघर्ष सुलझा लिए हैं, जिसमें भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम भी शामिल है। हालांकि भारत ने उनके इस दावे को कई बार सिरे से खारिज किया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि इतने सारे संघर्षों को सुलझाने के बावजूद उन्हें नोबेल पुरस्कार नहीं मिला।
उन्होंने कहा, यह (नोबेल पुरस्कार) किसी और को मिल गया। वह एक बहुत अच्छी महिला हैं। मैं उन्हें नहीं जानता लेकिन वह उदार हैं। मुझे इन चीजों की परवाह नहीं है। मुझे केवल जिंदगियां बचाने की परवाह है। ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार विजेता वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो की बात कर रहे थे।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हाल ही में सीमा पर खूनी झड़पें हुईं, जिसके बाद दोनों देशों ने 48 घंटे के संघर्षविराम पर सहमति जताई थी। दोनों देशों ने इसके लिए एक-दूसरे की जिद को जिम्मेदार ठहराया।
हालांकि, अफगानिस्तान के अधिकारियों ने शुक्रवार रात कहा कि पाकिस्तान ने संघर्षविराम को तोड़ते हुए अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमले किए, जिनमें दस लोग मारे गए। तालिबान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, पाकिस्तान ने संघर्षविराम को तोड़ते हुए पक्तिका प्रांत में तीन जगहों पर बमबारी की है। अफगानिस्तान इसका जवाब देगा।
ये भी पढ़ें: पाकिस्तान में जनाक्रोश को दबाने के लिए बलूचिस्तान में कार्रवाई तेज; अफगान शरणार्थियों के 28 और शिविर बंद कराए गए
इन हमलों में अफगानिस्तान में के तीन स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ियों की भी मौत हो गई, जिसकी पुष्टि अफगानिस्तान के क्रिकेट बोर्ड ने की है। ये खिलाड़ी पक्तिका प्रांत के उरगुन जिले के रहने वाले थे। क्रिकेट बोर्ड ने हमले को कायरतापूर्ण बताया। इससे पहले इस हफ्ते तालिबान सरकार ने दावा किया था कि उन्होंने पाकिस्तान की 25 चौकियां कब्जे में ली हैं, जिसमें 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और 30 घायल हुए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत काबुल के अब्दुल हक चौक पर हुए विस्फोट से हुई थी। उस समय तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी भारत दौरे पर थे। अफगान अधिकारियों ने इस धमाके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया। लेकिन पाकिस्तान ने इसमें अपनी कोई भूमिका होने से इनकार किया। हिंसक झड़पों के बाद दोनों पक्षों ने युद्धविराम पर सहमति जताई।
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ट्रंप का यह बयान उस समयआया है, जब अफगानिस्तान व पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ा हुआ है। अफगान तालिबान के अधिकारियों ने शुक्रवार देर रात दावा किया कि पाकिस्तान ने संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुए फिर से हमला किया है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष खत्म करने का दावा दोहराया। इसके बाद वह अफगानिस्तान-पाकिस्तान के मुद्दे की तरफ आगे बढ़े। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि पाकिस्तान ने हमला किया या अफगानिस्तान के साथ हमले जारी हैं। अगर मुझे इसे हल करना पड़ा तो यह मेरे लिए एक आसान मामला है।
उन्होंने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने कई संघर्ष सुलझा लिए हैं, जिसमें भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम भी शामिल है। हालांकि भारत ने उनके इस दावे को कई बार सिरे से खारिज किया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि इतने सारे संघर्षों को सुलझाने के बावजूद उन्हें नोबेल पुरस्कार नहीं मिला।
उन्होंने कहा, यह (नोबेल पुरस्कार) किसी और को मिल गया। वह एक बहुत अच्छी महिला हैं। मैं उन्हें नहीं जानता लेकिन वह उदार हैं। मुझे इन चीजों की परवाह नहीं है। मुझे केवल जिंदगियां बचाने की परवाह है। ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार विजेता वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो की बात कर रहे थे।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हाल ही में सीमा पर खूनी झड़पें हुईं, जिसके बाद दोनों देशों ने 48 घंटे के संघर्षविराम पर सहमति जताई थी। दोनों देशों ने इसके लिए एक-दूसरे की जिद को जिम्मेदार ठहराया।
हालांकि, अफगानिस्तान के अधिकारियों ने शुक्रवार रात कहा कि पाकिस्तान ने संघर्षविराम को तोड़ते हुए अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमले किए, जिनमें दस लोग मारे गए। तालिबान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, पाकिस्तान ने संघर्षविराम को तोड़ते हुए पक्तिका प्रांत में तीन जगहों पर बमबारी की है। अफगानिस्तान इसका जवाब देगा।
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इन हमलों में अफगानिस्तान में के तीन स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ियों की भी मौत हो गई, जिसकी पुष्टि अफगानिस्तान के क्रिकेट बोर्ड ने की है। ये खिलाड़ी पक्तिका प्रांत के उरगुन जिले के रहने वाले थे। क्रिकेट बोर्ड ने हमले को कायरतापूर्ण बताया। इससे पहले इस हफ्ते तालिबान सरकार ने दावा किया था कि उन्होंने पाकिस्तान की 25 चौकियां कब्जे में ली हैं, जिसमें 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और 30 घायल हुए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत काबुल के अब्दुल हक चौक पर हुए विस्फोट से हुई थी। उस समय तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी भारत दौरे पर थे। अफगान अधिकारियों ने इस धमाके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया। लेकिन पाकिस्तान ने इसमें अपनी कोई भूमिका होने से इनकार किया। हिंसक झड़पों के बाद दोनों पक्षों ने युद्धविराम पर सहमति जताई।