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चंडीगढ़ क्लब के सरदार बने साहनी, विरोधियों की जमानत जब्त

Thu, 10 Mar 2016 04:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 10 Mar 2016 04:14 PM IST
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sandeep sahni won pesident post of chandigarh club
संदीप साहनी - फोटो : amar ujala

चंडीगढ़ क्लब के अध्यक्ष पद पर संदीप साहनी ने एक बार फिर कब्जा किया है। इससे पहले भी साहनी 2012 से अध्यक्ष पद पर बने हुए थे। मुकेश बस्सी के इस्तीफे के बाद उन्हें अध्यक्ष बनाया गया था, वह उस समय उपाध्यक्ष थे। साहनी आईआईएम लखनऊ से एमबीए हैं और नई दिल्ली के मॉडर्न स्कूल में स्कूलिंग की है।

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12 साल बाद हुए चुनाव में साहनी ने बाकी के तीन उम्मीदवारों को बड़े अंतर से हराया। संदीप साहनी को 2321 वोट (54 प्रतिशत) मिले, जबकि राजू मित्तल को 1013, पूर्व मेयर रविंदर सिंह पाली को 863 और एके सिन्हा को मात्र 142 वोट हासिल हुए। जमानत राशि बचाने के लिए 25 प्रतिशत यानी 1127 मत की जरूरत थी, लेकिन तीनों ही हारे हुए प्रत्याशी अपनी एक-एक लाख की जमानत राशि भी नहीं बचा पाए।
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32 वोट अवैध घोषित
सुबह 10 बजे ही मतगणना शुरू हो गई थी। जैसे ही संदीप साहनी के जीतने की घोषणा हुई, उनके गुट में खुशी की लहर छा गई। साहनी की जीत में पूर्व अध्यक्ष मुकेश बस्सी की भी अहम भूमिका रही है। बस्सी इस क्लब के 8 साल तक अध्यक्ष रहे हैं। मंगलवार को हुए चुनाव का कार्यकाल एक साल का है। विदित रहे कि सोमवार को कुल 4371 सदस्यों ने मतदान किया था। मंगलवार को काउंटिंग के दौरान 32 वोटों को अवैध घोषित कर दिया गया।
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कई कांग्रेसी नेताओं ने की पाली की खिलाफत
पूर्व मेयर रविंदर सिंह पाली ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी का समर्थन करते हुए पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। इसलिए बंसल गुट ने पाली की जमकर खिलाफत की है। जबकि कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने भी संदीप साहनी का समर्थन किया था। वहीं दवेंद्र सिंह बबला, कमलजीत पंछी, एचएस लक्की समेत कई कांग्रेसी नेताओं ने संदीप साहनी का साथ दिया। जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए पहले ही नरेश चौधरी पहले ही घोषित हो चुके हैं। चौधरी के खिलाफ किसी ने नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया था।

sandeep sahni won pesident post of chandigarh club
संदीप साहनी - फोटो : amar ujala

पाली ने लगाया फर्जी मतदान का आरोप: पूर्व मेयर रविंदर सिह पाली ने फर्जी मतदान का भी आरोप लगाया है। पाली का कहना है कि उन्हें क्लब से ही एक जगह पर 50 पर्चियां रिटर्निंग अधिकारी के हस्ताक्षर समेत मिलीं हैं। यह पर्चियां मतदाता को वोट डालने से पहले दी जाती थी। उनका कहना है कि साहनी को जिताने के लिए फर्जी वोटें भी डाली गई हैं।

पंजाब, हरियाणा और हिमाचल का सबसे बड़ा क्लब है यह: पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, जम्मू कश्मीर के साथ-साथ यह शहर का सबसे बड़ा क्लब है, जिसके सदस्यों की संख्या हजारों में है। क्लब के कुल 8 हजार सदस्य हैं, जिनमें से 6500 मतदाता हैं। ढाई लाख रुपये में इस क्लब की सदस्यता मिलती है।

कई जज, मंत्री और वीआईपी हैं सदस्य: अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत कुल 10 पदों के लिए चुनाव होते हैं। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अलावा 8 कार्यकारी सदस्यों के लिए चुनाव होता है जबकि चुनाव के बाद निर्वाचित कार्यकारिणी 2 मनोनीत कार्यकारी सदस्यों को चुनती है। यह शहर का सबसे पुराना क्लब है इस क्लब के कई वीआईपी, पंजाब व हरियाणा के मंत्री, जज, आईएएस अधिकारी और व्यापारी सदस्य हैं। साल 1957 से यह क्लब चल रहा है। चंडीगढ़ क्लब कुल एरिया 8.5 एकड़ है।

जीत के बाद साहनी बोले, मेहमानों के ठहरने का भी इंतजाम होगा: नवनियुक्त अध्यक्ष संदीप साहनी ने जीत के बाद कहा कि क्लब के सदस्यों और उनके परिवार के लिए क्लब को दूसरा घर बनाया जाना उनकी प्राथमिकता है। उनका कहना है कि वीकेंड पर मनोरंजन के लिए इवेंट करवाए जाएंगे। क्लब में स्पोटर्स की सुविधाएं बढ़ाने के लिए इंटरनेशनल लेवल के खिलाड़ियों की मदद ली जाएगी। यही नहीं क्लब में आने वाले मेहमानों के लिए ठहरने की सुविधा शुरू करने का भी प्रयास किया जाएगा। उनका कहना है कि क्लब में अलग-अलग कार्यों के लिए सलाहकार कमेटियों का भी गठन किया जाएगा।

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