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China: चीन ने अमेरिकी एजेंसी पर लगाया साइबर हमले करने का आरोप, कहा- राष्ट्रीय समय सेवा केंद्र को बनाया निशाना

Sun, 19 Oct 2025 02:56 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग। Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 19 Oct 2025 02:56 PM IST
सार

China: चीन ने अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी पर उसके राष्ट्रीय समय सेवा केंद्र पर साइबर हमला करने का आरोप लगाया है। बीजिंग ने कहा कि इससे जरूरी सेवाओं के क्षेत्र में संकट आ सकता था। उसने दावा किया कि अमेरिका ने एक मोबाइल ब्रांड की कमजोरियों का फायदा उठाकर संवेदनशील डाटा चुराया और 42 तरह के साइबर हथियारों से हमले किए।

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China accuses US of cyberattack on national time centre
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

चीन ने रविवार को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) पर उसके राष्ट्रीय समय सेवा केंद्र पर साइबर हमला करने का आरोप लगाया। चीन के मुताबिक, इस हमले से नेटवर्क संचार, वित्तीय प्रणाली और बिजली आपूर्ति जैसे अहम क्षेत्रों में बड़ा संकट पैदा हो सकता था।
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चीन के राज्य सुरक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'वीचैट' पर पोस्ट कर दावा किया कि एनएसए ने एक विदेशी मोबाइल फोन ब्रांड की मैसेजिंग सेवाओं की कमजोरियों का फायदा उठाकर 2022 में समय केंद्र के कर्मचारियों के उपकरणों से संवेदनशील जानकारी चुराई। हालांकि, मंत्रालय ने उस ब्रांड का नाम नहीं बताया।
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मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी एजेंसी ने 2023 से 2024 के बीच इस केंद्र की कई आंतरिक नेटवर्क प्रणालियों को निशाना बनाने के लिए 42 प्रकार के विशेष साइबर हमले के हथियारों का इस्तेमाल किया और एक अहम समय प्रणाली में घुसपैठ की कोशिश की। चीन ने कहा कि उसके पास इसके सबूत हैं। हालांकि, उसने पोस्ट में कोई प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया।

मंत्रालय ने बताया कि यह समय केंद्र चीन के मानक समय को तैयार और वितरित करने की जिम्मेदारी निभाता है और इसका उपयोग संचार, वित्त, ऊर्जा, परिवहन और रक्षा जैसे क्षेत्रों में किया जाता है। सरकार ने केंद्र को सुरक्षा खतरे दूर करने के लिए निर्देश भी दिए हैं।


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पोस्ट में कहा गया, अमेरिका वही काम खुद करता है और दूसरों पर आरोप लगाता है। वह बार-बार चीनी साइबर खतरों का झूठा प्रचार करता है। पश्चिमी देशों ने हाल के वर्षों में आरोप लगाए हैं कि चीनी सरकार से जुड़े हैकर्स ने अधिकारियों, पत्रकारों, कंपनियों और अन्य संस्थाओं को निशाना बनाया है। 

चीन की इस नई प्रतिक्रिया से अमेरिका और चीन के बीच पहले से चल रहे व्यापार, तकनीक और ताइवान से जुड़ा तनाव और बढ़ सकता है। अमेरिकी दूतावास ने इस पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।

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