Cyber Fraud से बचने के 5 आसान तरीके,अब ठग नहीं बना पाएंगे आपको अपना शिकार
भारत में फेस्टिव सीजन शुरू होते ही ऑनलाइन शॉपिंग, UPI पेमेंट और डिजिटल ऑफर्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है। मोबाइल पर लगातार सेल, कैशबैक और डिस्काउंट के मैसेज आते हैं। ई-कॉमर्स ऐप्स पर ऑफर्स की भरमार रहती है और डिलीवरी, रिफंड या बैंकिंग से जुड़े मैसेज भी लगातार मिलते हैं। इसी बढ़ी हुई डिजिटल एक्टिविटी का फायदा साइबर ठग उठाने की कोशिश करते हैं।
त्योहारों के दौरान लोग शॉपिंग, यात्रा और पेमेंट में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में ठग फर्जी डिस्काउंट, कैशबैक, रिफंड या जरूरी अपडेट के नाम पर लोगों को जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए मजबूर कर सकते हैं। Quick Heal की India Cyber Threat Report 2025 के अनुसार, भारत में 8.44 मिलियन एंडपॉइंट्स पर 369.01 मिलियन मालवेयर डिटेक्शन दर्ज किए गए, यानी औसतन हर मिनट 702 डिटेक्शन। ऐसे समय में कुछ छोटी-छोटी सावधानियां ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने में काफी मदद कर सकती हैं।
1. अनजान लिंक पर क्लिक न करें
त्योहारों में “आपने कैशबैक जीता”, “ऑर्डर कैंसल हो जाएगा” या “रिफंड लेने के लिए यहां क्लिक करें” जैसे मैसेज आ सकते हैं। ऐसे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। ऑफर या ऑर्डर की जानकारी हमेशा संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप खोलकर खुद चेक करें।
2. OTP और UPI PIN कभी साझा न करें
बैंक, UPI या किसी कंपनी का कर्मचारी बनकर कोई व्यक्ति OTP, UPI PIN, कार्ड PIN या CVV मांगता है तो उसे बिल्कुल न बताएं। याद रखें, UPI PIN पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि भुगतान को अधिकृत करने के लिए इस्तेमाल होता है।
3. फर्जी कस्टमर केयर से सावधान रहें
रिफंड या डिलीवरी की समस्या होने पर इंटरनेट पर मिले किसी अनजान नंबर पर कॉल न करें। कस्टमर केयर नंबर हमेशा संबंधित बैंक, ई-कॉमर्स ऐप या कंपनी के आधिकारिक ऐप/वेबसाइट से ही लें।
4. बहुत ज्यादा आकर्षक ऑफर से सावधान रहें
अगर कोई स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक सामान या गिफ्ट सामान्य कीमत से बेहद कम में देने का दावा कर रहा है, तो तुरंत भुगतान न करें। वेबसाइट का नाम, URL और विक्रेता की जानकारी जांचें। सोशल मीडिया पर मिले ऑफर्स के मामले में विशेष सावधानी बरतें।
5. पेमेंट से पहले दो बार जांच करें
UPI भुगतान करते समय प्राप्तकर्ता का नाम और रकम ध्यान से जांचें। किसी के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप, रिमोट-एक्सेस ऐप या संदिग्ध APK इंस्टॉल न करें। अपने फोन और बैंकिंग ऐप्स को भी अपडेट रखें और बैंकिंग अलर्ट चालू रखें।
सबसे जरूरी बात: साइबर फ्रॉड में ठग अक्सर डर या लालच पैदा करके जल्दबाजी करवाते हैं। इसलिए किसी भी मैसेज, कॉल या ऑफर पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय कुछ सेकंड रुककर उसकी सत्यता जांचें। थोड़ी सी सावधानी आपके पैसे और निजी जानकारी दोनों को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।