आपके फोन की बैटरी चंद घंटों में हो रही खत्म, इन फीचर्स को तुरंत करें बंद!
आजकल के स्मार्टफोन फीचर्स के मामले में काफी एडवांस हो चुके हैं। हाई-रिफ्रेश-रेट डिस्प्ले, लोकेशन सर्विस, बैकग्राउंड ऐप्स, लगातार नोटिफिकेशन और कनेक्टिविटी जैसे कई फीचर्स फोन को स्मार्ट और सुविधाजनक बनाते हैं, लेकिन यही फीचर्स कई परिस्थितियों में बैटरी की खपत भी बढ़ा सकते हैं। अक्सर सुबह फोन को 100 प्रतिशत चार्ज करने के बाद कुछ ही घंटों में बैटरी काफी कम हो जाती है। खासकर सफर के दौरान, घर से बाहर रहने पर या बिजली जाने की स्थिति में कम बैटरी परेशानी का कारण बन सकती है। हालांकि, कुछ सामान्य सेटिंग्स और आदतों में बदलाव करके बैटरी बैकअप को बेहतर किया जा सकता है।
सबसे पहले स्क्रीन ब्राइटनेस पर ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि डिस्प्ले स्मार्टफोन की बैटरी का महत्वपूर्ण हिस्सा इस्तेमाल करता है। कई लोग ऑटो-ब्राइटनेस फीचर को हमेशा चालू रखते हैं। यह सुविधा आसपास की रोशनी के आधार पर स्क्रीन की चमक को अपने आप बदलती है और सामान्य परिस्थितियों में काफी उपयोगी है। लेकिन यदि आपका फोन बार-बार जरूरत से ज्यादा ब्राइटनेस बढ़ा रहा है, तो इससे बैटरी की खपत बढ़ सकती है। ऐसे में आप जरूरत के अनुसार ब्राइटनेस को मैनुअली कम या मध्यम स्तर पर रख सकते हैं। तेज रोशनी में बाहर जाने पर इसे बढ़ाएं और वापस सामान्य वातावरण में आने पर कम कर दें।
इसके अलावा स्क्रीन का रिफ्रेश रेट भी बैटरी पर असर डाल सकता है। अगर आपके फोन में 90Hz, 120Hz या इससे ज्यादा रिफ्रेश रेट का विकल्प है, तो अधिक रिफ्रेश रेट से स्क्रीन ज्यादा स्मूद दिखाई देती है, लेकिन कुछ स्थितियों में बिजली की खपत भी बढ़ सकती है। यदि आपके लिए बैटरी बैकअप ज्यादा महत्वपूर्ण है, तो उपलब्ध होने पर स्टैंडर्ड या अडैप्टिव रिफ्रेश रेट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
बैकग्राउंड में चलने वाले ऐप्स भी बैटरी का इस्तेमाल कर सकते हैं। सोशल मीडिया, शॉपिंग, न्यूज और अन्य ऐप्स लगातार सिंक या नोटिफिकेशन के लिए बैकग्राउंड गतिविधि कर सकते हैं। फोन की सेटिंग्स में जाकर आप देख सकते हैं कि कौन-से ऐप्स सबसे ज्यादा बैटरी इस्तेमाल कर रहे हैं। जिन ऐप्स की आपको बार-बार जरूरत नहीं पड़ती, उनके बैकग्राउंड इस्तेमाल को सीमित किया जा सकता है। इसी तरह गैरजरूरी नोटिफिकेशन बंद करने से स्क्रीन के बार-बार जागने और अनावश्यक गतिविधि को कम करने में मदद मिल सकती है।
लोकेशन, Bluetooth और मोबाइल हॉटस्पॉट जैसी सुविधाएं भी जरूरत के अनुसार ही इस्तेमाल करना बेहतर है। जब इनकी आवश्यकता न हो, तो इन्हें बंद किया जा सकता है। कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्र में फोन लगातार बेहतर सिग्नल खोजता रहता है, जिससे बैटरी की खपत बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में संभव हो तो Wi-Fi का इस्तेमाल करना मददगार हो सकता है। साथ ही, फोन को बहुत ज्यादा गर्म होने से बचाना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक तापमान बैटरी की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
आखिर में, केवल हर समय Battery Saver मोड पर निर्भर रहने के बजाय फोन की बैटरी इस्तेमाल करने की आदतों पर ध्यान देना ज्यादा उपयोगी है। स्क्रीन ब्राइटनेस को जरूरत के अनुसार रखना, अनावश्यक बैकग्राउंड गतिविधियों को सीमित करना, गैरजरूरी कनेक्टिविटी फीचर्स बंद करना और बैटरी इस्तेमाल की जानकारी समय-समय पर देखना अच्छे कदम हैं। ध्यान रखें कि अलग-अलग फोन और उनके ऑपरेटिंग सिस्टम में सेटिंग्स के नाम अलग हो सकते हैं। अगर बैटरी अचानक पहले की तुलना में बहुत तेजी से खत्म होने लगी है, तो Battery Usage सेक्शन में जांच करें कि कहीं कोई ऐप असामान्य रूप से ज्यादा बैटरी तो नहीं खा रहा है।