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Uttarkashi News: यमुनोत्री हाईवे पर चौड़ीकरण से देवदार के जंगलों पर बना भू-धंसाव का खतरा
Fri, 08 May 2026 07:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Fri, 08 May 2026 07:50 PM IST
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निर्माण कार्य पर सवाल, भू-धंसाव की जद में आए दर्जनों देवदार वृक्ष
बड़कोट। यमुनोत्री हाईवे पर चल रहे चौड़ीकरण कार्य के दौरान अनियंत्रित कटान और मलबा डंपिंग से देवदार सहित विभिन्न प्रजातियों के हरे वृक्षों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। पाली गाड़ से जानकीचट्टी तक चल रहे इस निर्माण कार्य के बीच राना चट्टी के समीप अनियंत्रित कटान के कारण देवदार के घने जंगल में खड़े दर्जनों वृक्ष भू-धंसाव की जद में आ गए हैं। साथ ही मलबा सड़क के निचले हिस्से में फैलने से पेड़ों को नुकसान और यमुना नदी के प्रदूषित होने की आशंका भी बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य एजेंसी की मनमानी के चलते भारी मात्रा में मलबा अनियंत्रित तरीके से डाला जा रहा है। इससे न केवल जंगलों को नुकसान हो रहा है, बल्कि पिछले माह स्यानाचट्टी के ऊपर एक विशाल बोल्डर गिरने जैसी घटनाएं भी सामने आई थीं। चारधाम यात्रा के दौरान इस मार्ग से लगातार अधिकारियों की आवाजाही होने के बावजूद हरे-भरे जंगलों की क्षति पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से निर्माण कार्य पर नियंत्रण लगाने और मानकों के अनुरूप गुणवत्ता के साथ चौड़ीकरण कार्य सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, संबंधित वन प्रभाग की ओर से अनियंत्रित मलबा डंपिंग पर कार्यदायी संस्था को चेतावनी दी गई है और जल्द निरीक्षण कर सुरक्षात्मक कदम उठाने की बात कही गई है।
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बड़कोट। यमुनोत्री हाईवे पर चल रहे चौड़ीकरण कार्य के दौरान अनियंत्रित कटान और मलबा डंपिंग से देवदार सहित विभिन्न प्रजातियों के हरे वृक्षों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। पाली गाड़ से जानकीचट्टी तक चल रहे इस निर्माण कार्य के बीच राना चट्टी के समीप अनियंत्रित कटान के कारण देवदार के घने जंगल में खड़े दर्जनों वृक्ष भू-धंसाव की जद में आ गए हैं। साथ ही मलबा सड़क के निचले हिस्से में फैलने से पेड़ों को नुकसान और यमुना नदी के प्रदूषित होने की आशंका भी बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य एजेंसी की मनमानी के चलते भारी मात्रा में मलबा अनियंत्रित तरीके से डाला जा रहा है। इससे न केवल जंगलों को नुकसान हो रहा है, बल्कि पिछले माह स्यानाचट्टी के ऊपर एक विशाल बोल्डर गिरने जैसी घटनाएं भी सामने आई थीं। चारधाम यात्रा के दौरान इस मार्ग से लगातार अधिकारियों की आवाजाही होने के बावजूद हरे-भरे जंगलों की क्षति पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से निर्माण कार्य पर नियंत्रण लगाने और मानकों के अनुरूप गुणवत्ता के साथ चौड़ीकरण कार्य सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, संबंधित वन प्रभाग की ओर से अनियंत्रित मलबा डंपिंग पर कार्यदायी संस्था को चेतावनी दी गई है और जल्द निरीक्षण कर सुरक्षात्मक कदम उठाने की बात कही गई है।
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