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सरकार क्यों नहीं ले रही निम की मदद!

Mon, 17 Oct 2016 10:26 PM IST
ओम प्रकाश जोशी/ उत्तरकाशी।
ओम प्रकाश जोशी/ उत्तरकाशी। Updated Mon, 17 Oct 2016 10:26 PM IST
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Why is the government not taking the help of rules!
रेस्‍क्‍ययू - फोटो : amar ujala.

राज्य में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) उत्तरकाशी जिले में स्थित है। जहां तमाम प्रशिक्षित और एक्सपर्ट पर्वतारोही हैं। इसके बावजूद शिवलिंग चोटी पर फंसे पोलैंड के पर्वतारोहियों को रेस्क्यू करने के लिए सरकार की ओर से निम की मदद नहीं ली गई। माना जा रहा है कि केदारनाथ में किए गए पुनर्निर्माण कार्य से निम ने खूब वाहवाही बटोरी, जो सरकार के मुखिया को रास नहीं आई। क्योंकि पुनर्निर्माण कार्य का जो श्रेय सरकार को मिलना था, वह निम को मिलने लग गया।

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शिवलिंग चोटी की 5300 मीटर ऊंचाई पर फंसे लुकास्ज जॉन को रेस्क्यू करने का जिम्मा आर्मी ने निम को सौंपा था। 13 अक्तूबर सुबह 7 बजे निम व आर्मी की टीम रेस्क्यू के लिए निकली और 15 दोपहर तक लुकास्ज जॉन के शव को टीम हर्षिल ले आई थी।
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महज तीन दिन में टीम ने टास्क पूरा कर लिया था। ऐसे में भी शिवलिंग पर्वत पर करीब 6200 मीटर पर फंसे दूसरे पर्वतारोही ग्रजेगुज माइकल को रेस्क्यू करने में आखिर निम की मदद क्यों नहीं ली गई। स्थिति यह है कि एसडीआरएफ की टीम छठवें दिन भी रेस्क्यू नहीं कर पाई है। निम की माने तो उनके पास दशरथ सिंह रावत, गिरीश रणाकोटी और राकेश राणा ऐसे प्रशिक्षित पर्वतारोही हैं, जिन्हें 10 साल का अनुभव है। फ्रांस से माउंटेन एंड रेस्क्यू का प्रशिक्षण ले चुके हैं। 
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पूर्व में केदारनाथ में किए गए पुनर्निर्माण कार्य में निम की भूमिका अहम रही है। इसके बाद निम के प्राचार्य कर्नल अजय कोठियाल ने खूब वाहवाही बटोरी थी। राजनीति के जानकार बताते हैं कि यह बात सरकार के मुखिया को रास नहीं आई, क्योंकि केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य का जो श्रेय सरकार को मिलना था, वह निम को मिलने लग गया। यही वजह है कि फिर सरकार और निम के बीच दूरियां बढ़ गई। विगत सप्ताह पहले हिटो केदार अभियान के समापन पर भी निम की अनदेखी की गई, जिसमें कर्नल अजय कोठियाल को बुलावा नहीं भेजा गया। 

कोट
आर्मी की ओर से हमें शिवलिंग चोटी का जो अभियान सौंपा गया था। वह टीम की ओर से पूरा कर लिया गया है। फिलहाल उन्हें दूसरा टास्क नहीं मिला है। अगर सरकार या आर्मी की तरफ से दूसरे पर्वतारोही को रेस्क्यू करने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जाती है, तो निम की टीम जाएगी।

-कर्नल अजय कोठियाल, प्राचार्य, निम

रेस्क्यू अभियान पर लगाया विराम 
जिला प्रशासन की माने तो अब शिवलिंग चोटी पर पोलैंड के दूसरे पर्वतारोही ग्रजेगुज माइकल को रेस्क्यू करने के अभियान को फिलहाल विराम दे दिया गया है।
एसपी ददन पाल के अनुसार रेस्क्यू के लिए गई टीम फिलहाल लौट आई है। एसडीआरएफ टीम भी शिवलिंग पर्वत से लौट आई है। हालांकि आर्मी का बेस कैंप हर्षिल में ही है। सरकार के दिशा-निर्देश पर गढ़वाल परिक्षेत्र आईजी संजय गुंज्याल के नेतृत्व में रेस्क्यू कार्य चल रहा था। सरकार की ओर से फिर से दिशा-निर्देश मिलेंगे तो रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा। फिलहाल शिवलिंग पर्वत पर हेलीकाप्टर से उतर पाना आसान नहीं है। 6200 मीटर ऊंचाई के आसपास बर्फीले तूूफान आने की आशंका है। वहां फंसे दूसरे पर्वतारोही को ग्रजेगुज माइकल को चिह्नित करने में भी परेशानी आ रही है। डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट तैयार होने के बाद पोलैंड के दूतावास से आए प्रतिनिधि को शव सुपुर्द कर दिया जाएगा। 

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