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Uttarkashi News: चार साल से मंदिर पुनर्निर्माण का इंतजार
Tue, 29 Sep 2026 05:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 29 Sep 2026 05:31 PM IST
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महिलाओं ने दी आंदोलन की चेतावनी
पुरोला। मोरी विकासखंड के जखोल गांव में 22 गांवों के ईष्ट आराध्य सोमेश्वर महाराज के प्राचीन मंदिर का चार साल बाद भी पुनर्निर्माण नहीं हो सका है। मंदिर को लेकर चल रहे न्यायालयी विवाद के चलते निर्माण पर रोक लगी हुई है। अब ग्रामीण महिलाओं ने मामले के जल्द समाधान की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। महिलाओं ने समाधान नहीं होने पर आगामी विधानसभा चुनाव न वोट न डालने की भी चेतावनी दी है।
सोमवार को पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मीना रावत के नेतृत्व में जखोल गांव में महिलाओं की बैठक हुई। बैठक में कहा गया कि वर्ष 2023 में कुछ शरारती तत्वों की ओर से रातोंरात मंदिर को उखाड़ दिए जाने के बाद मामला न्यायालय पहुंचा था। विवाद के चलते मंदिर के पुनर्निर्माण पर रोक लगा दी गई। उस समय गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
ग्रामीणों के अनुसार सोमेश्वर महाराज का मूल थान पंचगांई और बड़ासू पट्टियों के 22 गांवों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। जखोल गांव के करीब 630 परिवार और 1,473 ग्रामीण भी इस देवस्थान से जुड़े हैं। मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ ही क्षेत्र के मेले, त्योहार और सामूहिक धार्मिक आयोजन होते रहे हैं। मंदिर के अभाव में क्षेत्र की पारंपरिक देव गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
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बैठक में खजानी देवी, मेमरी देवी, पार्वती देवी, बिजेंद्री देवी, राज देवी, सुंदरी देवी, राजकुमारी देवी, देवेंद्री देवी, बसंती देवी, पवित्री देवी, जुवानी देवी और राजवा देवी मौजूद रहीं।
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पुरोला। मोरी विकासखंड के जखोल गांव में 22 गांवों के ईष्ट आराध्य सोमेश्वर महाराज के प्राचीन मंदिर का चार साल बाद भी पुनर्निर्माण नहीं हो सका है। मंदिर को लेकर चल रहे न्यायालयी विवाद के चलते निर्माण पर रोक लगी हुई है। अब ग्रामीण महिलाओं ने मामले के जल्द समाधान की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। महिलाओं ने समाधान नहीं होने पर आगामी विधानसभा चुनाव न वोट न डालने की भी चेतावनी दी है।
सोमवार को पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मीना रावत के नेतृत्व में जखोल गांव में महिलाओं की बैठक हुई। बैठक में कहा गया कि वर्ष 2023 में कुछ शरारती तत्वों की ओर से रातोंरात मंदिर को उखाड़ दिए जाने के बाद मामला न्यायालय पहुंचा था। विवाद के चलते मंदिर के पुनर्निर्माण पर रोक लगा दी गई। उस समय गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
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ग्रामीणों के अनुसार सोमेश्वर महाराज का मूल थान पंचगांई और बड़ासू पट्टियों के 22 गांवों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। जखोल गांव के करीब 630 परिवार और 1,473 ग्रामीण भी इस देवस्थान से जुड़े हैं। मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ ही क्षेत्र के मेले, त्योहार और सामूहिक धार्मिक आयोजन होते रहे हैं। मंदिर के अभाव में क्षेत्र की पारंपरिक देव गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
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बैठक में खजानी देवी, मेमरी देवी, पार्वती देवी, बिजेंद्री देवी, राज देवी, सुंदरी देवी, राजकुमारी देवी, देवेंद्री देवी, बसंती देवी, पवित्री देवी, जुवानी देवी और राजवा देवी मौजूद रहीं।