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Uttarkashi News: 45 किमी का सफर तय हो रहा है सात घंटे में
Tue, 29 Sep 2026 05:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 29 Sep 2026 05:36 PM IST
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ओजरी डाबरकोट से फूलचट्टी तक कई स्थानों पर हाईवे है संकरा
वन-वे व्यवस्था से फंसे कई वाहन, यात्री दिनभर रहे परेशान
बड़कोट। दो दिन मौसम खराब रहने के कारण स्थगित चारधाम यात्रा दोबारा शुरू होते ही यमुनोत्री हाईवे पर यातायात व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए चुनौती बन गई है। ओजरी डाबरकोट से फूलचट्टी तक कई स्थानों पर सड़क संकरी होने के कारण वन-वे व्यवस्था लागू है। वाहनों की बढ़ती संख्या के चलते जगह-जगह कतारें लग रही हैं। बड़कोट से जानकीचट्टी तक करीब 45 किलोमीटर का सफर तय करने में यात्रियों को छह से सात घंटे तक लग रहे हैं।
दो दिन यात्रा रुके रहने के बाद सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के वाहनों के पहुंचने से हाईवे पर यातायात का दबाव बढ़ गया। संकरे स्थानों पर वाहनों को रुक-रुककर आगे बढ़ना पड़ रहा है। वहीं, ओजरी डाबरकोट के आसपास दर्जनभर होटल-ढाबे होने से सीजन में यहां भारी चहल-पहल रहती है लेकिन सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।
मजबूरी में कई लोग खुले में शौच करने को विवश हैं। इधर, जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम पैदल मार्ग भी बारिश के बाद बदहाल है। राम मंदिर से भंडेलीगाड तक कई हिस्से दलदल और फिसलन में तब्दील हैं। भंडेलीगाड-यमुनोत्री वैकल्पिक पैदल मार्ग पर भी जलभराव और कीचड़ से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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सामाजिक कार्यकर्ता महावीर पंवार, अंकित असवाल समेत स्थानीय लोगों ने एनएच प्रशासन और निर्माण कार्यदायी संस्थाओं से ओजरी डाबरकोट क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय बनवाने व मार्गों को सुरक्षित बनाने की मांग की है। सीओ चंचल शर्मा ने बताया कि जाम नहीं है, बल्कि संकरे हिस्सों में वन-वे व्यवस्था के कारण यातायात धीमा है। यातायात सुचारु रखने के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और व्यवस्था सुधारने के प्रयास जारी हैं।
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वन-वे व्यवस्था से फंसे कई वाहन, यात्री दिनभर रहे परेशान
बड़कोट। दो दिन मौसम खराब रहने के कारण स्थगित चारधाम यात्रा दोबारा शुरू होते ही यमुनोत्री हाईवे पर यातायात व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए चुनौती बन गई है। ओजरी डाबरकोट से फूलचट्टी तक कई स्थानों पर सड़क संकरी होने के कारण वन-वे व्यवस्था लागू है। वाहनों की बढ़ती संख्या के चलते जगह-जगह कतारें लग रही हैं। बड़कोट से जानकीचट्टी तक करीब 45 किलोमीटर का सफर तय करने में यात्रियों को छह से सात घंटे तक लग रहे हैं।
दो दिन यात्रा रुके रहने के बाद सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के वाहनों के पहुंचने से हाईवे पर यातायात का दबाव बढ़ गया। संकरे स्थानों पर वाहनों को रुक-रुककर आगे बढ़ना पड़ रहा है। वहीं, ओजरी डाबरकोट के आसपास दर्जनभर होटल-ढाबे होने से सीजन में यहां भारी चहल-पहल रहती है लेकिन सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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मजबूरी में कई लोग खुले में शौच करने को विवश हैं। इधर, जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम पैदल मार्ग भी बारिश के बाद बदहाल है। राम मंदिर से भंडेलीगाड तक कई हिस्से दलदल और फिसलन में तब्दील हैं। भंडेलीगाड-यमुनोत्री वैकल्पिक पैदल मार्ग पर भी जलभराव और कीचड़ से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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सामाजिक कार्यकर्ता महावीर पंवार, अंकित असवाल समेत स्थानीय लोगों ने एनएच प्रशासन और निर्माण कार्यदायी संस्थाओं से ओजरी डाबरकोट क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय बनवाने व मार्गों को सुरक्षित बनाने की मांग की है। सीओ चंचल शर्मा ने बताया कि जाम नहीं है, बल्कि संकरे हिस्सों में वन-वे व्यवस्था के कारण यातायात धीमा है। यातायात सुचारु रखने के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और व्यवस्था सुधारने के प्रयास जारी हैं।